बिहार में लाइब्रेरियन बहाली पर क्यों लगा ग्रहण, कोर्स कर चुके छात्रों को बड़ा झटका
वर्तमान में विभिन्न उच्च माध्यमिक स्कूलों में 1696 पुस्तकालयाध्यक्ष हैं। पुराने पुस्तकालय अध्यक्ष भी सक्षमता परीक्षा के आधार पर नियमित राज्यकर्मी हो रहे हैं। बैंचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस और मास्टर ऑफ लाइब्रेरी साइंस के डिग्रीधारी अभ्यर्थी लगातार नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।

बिहार के स्कूलों में पुस्तकालयाध्यक्षों की बहाली पर फिलहाल ग्रहण लग गया है। इससे बैचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस सहित ऐसे कोर्स करने वाले विद्यार्थियों को झटका लगा है। अब बिहार बोर्ड की ओर से ली जाने वाली पुस्तकालयाध्यक्ष पात्रता परीक्षा नहीं होगी। इसके पहले शिक्षा विभाग ने बीएसएससी को इस बाबत मार्गदर्शिका भी जारी कर दी थी। अब नये सिरे से पद सृजित होने के बाद ही आगे की कार्यवाही होगी।
जिलों से उच्च-उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों से रिक्ति मांगी गई थी। विधानसभा चुनाव 2025 के पहले शिक्षा विभाग को जिलों से लगभग 4500 रिक्तियां मिलीं। यह 2010 के समय सृजित पुस्तकलाध्यक्ष के पद के हिसाब से भेजी गई थी। तब राज्य में छह हजार उच्च-च्चतर माध्यमिक स्कूल थे। वर्तमान में इसकी संख्या 9360 है। पुस्तकलाध्यक्ष पद ऐसे स्कूलों में सृजित होंगे, जहां पुस्तकालय है। नये सिरे से पद तय होंगे।
इस कारण नियुक्ति में देरी तय है। पद सृजित होने के बाद ही शिक्षा विभाग बिहार बोर्ड को पुस्तकलाध्यक्ष पात्रता परीक्षा आयोजित कराने का फिर से मार्गदर्शन देगा। आवेदन लेकर पात्रता परीक्षा आयोजित कर रिजल्ट प्रकाशित करेगा। सभी प्रक्रिया पूरी होने में देर होगी।
14 साल पहले स्कूलों में हुई थी नियुक्ति
पहली बार नियुक्ति के लिए वर्ष 2008 में नियमावली बनी थी। इसके तहत संविदा के आधार पर 2596 पदों के लिए नियुक्ति प्रक्रिया 2010-11 में पूरी हुई और 2100 पुस्तकालयाध्यक्षों की नियुक्ति नियोजित शिक्षक की तरह हुई थी। वर्तमान में विभिन्न उच्च माध्यमिक स्कूलों में 1696 पुस्तकालयाध्यक्ष हैं। पुराने पुस्तकालय अध्यक्ष भी सक्षमता परीक्षा के आधार पर नियमित राज्यकर्मी हो रहे हैं। बैंचलर ऑफ लाइब्रेरी साइंस और मास्टर ऑफ लाइब्रेरी साइंस के डिग्रीधारी अभ्यर्थी लगातार नियुक्ति की मांग कर रहे हैं।
पिछले साल बनी शिक्षक नियुक्ति नियमावली
शिक्षक नियुक्ति नियमावली की तर्ज पर ही पुस्तकालयाध्यक्षों की नियुक्ति नियमावली बनी है। हाईस्कूल शिक्षक के समकक्ष वेतनमान है। नियुक्ति के लिए प्रतियोगिता परीक्षा बीपीएससी से लेने का प्रावधान है। 100 अंकों के बहुवैल्पिक प्रश्न पूछे जाएंगे। गलत उत्तर के लिए अंक नहीं कटेंगे।





