इस कोर्स में सिर्फ बिहारियों को ही मिलेगा एडमिशन, नीतीश सरकार ने लागू की डोमिसाइल नीति
बिहार सरकार ने एक प्रोफेशनल कोर्स में डोमिसाइल लागू कर दिया है। इसमें केवल बिहार के स्टूडेंट को ही एडमिशन दिया जाएगा। इस साल 40 सीटों पर प्रवेश के लिए आवेदन मांगे गए हैं।

बिहार की नीतीश सरकार डोमिसाइल नीति पर निजी पायलट कोर्स के लिए आवेदन मांगे हैं। बिहार में रहने वाले युवा अगर पायलट बनने के इच्छुक हैं, तो उनके लिए अच्छी खबर है। बिहार उड्डयन संस्थान ने साल 2026 के लिए निजी पायलट लाइसेंस कोर्स में प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इस कोर्स में एडमिशन के इच्छुक अभ्यर्थी ऑफलाइन अप्लाई कर सकते हैं। खास बात यह है कि नीतीश सरकार ने इस कोर्स में डोमिसाइल लागू किया है, यानी कि इस संस्थान में सिर्फ बिहारियों को ही प्राइवेट पायलट की ट्रेनिंग दी जाएगी। अन्य राज्यों के युवा इसमें एडमिशन नहीं ले पाएंगे।
बिहार उड्डयन संस्थान इस साल निजी पायलट लाइसेंस के लिए 40 सीटों पर नामांकन लेगा। संस्थान के अनुसार इच्छुक अभ्यर्थियों को आवेदन निबंधित या स्पीड पोस्ट के माध्यम से 28 अप्रैल तक भेजना होगा। इस तिथि के बाद दिए गए आवेदनों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा। अभ्यर्थियों को प्रशिक्षण के लिए प्रति घंटे 5000 रुपये की दर से शुल्क देना होगा।
पायलट कोर्स में एडमिशन के लिए जरूरी योग्यताएं
आवेदन करने वाले अभ्यर्थी 12वीं की परीक्षा गणित और फिजिक्स के साथ पास होना अनिवार्य है। न्यूनतम 18 साल से लेकर अधिकतम 60 साल तक के व्यक्ति इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। सबसे जरूरी बात, आवेदक का बिहार का मूल निवासी होना अनिवार्य है। इसके लिए स्थायी निवास प्रमाण पत्र आवेदन के साथ ही लगाना होगा। आरक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों को इसके साथ जाति प्रमाण पत्र और आय प्रमाण पत्र भी प्रस्तुत करना होगा।
40 सीटों में किसे कितना आरक्षण
निजी पायलट लाइसेंस कोर्स में प्रवेश लेने के लिए अभ्यर्थियों को राज्य सरकार के तय नियमों के अनुसार आरक्षण भी दिया जाएगा। 40 में से 8 सीटें दलितों यानी अनुसूचित जाति वर्ग के लिए आरक्षित हैं। एसटी वर्ग यानी अनुसूचित जनजाति के लिए एक सीट आरक्षित है। अति पिछड़ा वर्ग यानी वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 10 सीटें आरक्षित हैं। पिछड़ा वर्ग के लिए 7 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 4 सीटें निर्धारित हैं। 3 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित रखी गई हैं। 10 सीटें सामान्य अभ्यर्थियों के लिए है, जो अनारक्षित हैं।
बिहार उड्डयन संस्थान यानी बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट राज्य का एक नामी संस्थान है। यहां पायलट को फ्लाइट उड़ाने की ट्रेनिंग दी जाती है। यह संस्थान बिहार सरकार के अधीन है और राज्य के सिविल विमानन विभाग के अंतर्गत काम करता है। बिहार फ्लाइंग इंस्टीट्यूट पटना में एयरपोर्ट रोड पर स्थित है।
(हिन्दुस्तान ब्यूरो की रिपोर्ट के आधार पर)
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Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


