
Nitish Sarkar JDU Mantri List: नीतीश सेट, JDU से कैबिनेट में कौन? बिजेंद्र, विजय, लेसी समेत इनकी एंट्री लगभग तय
Nitish Sarkar JDU Mantri List: बिहार में नई सरकार के गठन से पहले जदयू के संभावित मंत्रियों और नए चेहरों पर चर्चा तेज। बता दें एनडीए की भारी बहुमत वाली सरकार आज शपथ लेगी।
Nitish Sarkar JDU Mantri List: पटना में सत्ता परिवर्तन का माहौल अब पूरी तरह चरम पर है। गांधी मैदान में होने जा रहे शपथ ग्रहण समारोह को लेकर जिस तरह की राजनीतिक हलचल जारी है, उससे साफ है कि नई सरकार सिर्फ सत्ता हस्तांतरण का औपचारिक मौका नहीं, बल्कि बिहार की राजनीति में एक बड़े बदलाव की शुरुआत भी है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार आज अपने रिकॉर्ड 10वें कार्यकाल की शपथ लेने वाले हैं, और इसी के साथ जनता दल यूनाइडेट (जेडीयू) के खेमे से कौन-कौन मंत्री बनेंगे, इस पर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
मंत्री के लिए जेडूयी से कौन से होंगे संभावित चेहरे?
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अलावा जदयू कोटे से कई अनुभवी नेताओं के मंत्रिमंडल में शामिल होने की चर्चा है। पार्टी के कई वरिष्ठ चेहरे नए सिरे से जिम्मेदारी संभालने के लिए तैयार बताए जा रहे हैं। जिन नामों पर सबसे ज्यादा सहमति बनती दिख रही है, उनमें बिजेंद्र प्रसाद यादव, विजय कुमार चौधरी, श्रवण कुमार, सुनील कुमार, लेसी सिंह, शीला मंडल, मदन सहनी, रत्नेश सदा, मोहम्मद जामा खान, जयंत राज, उमेश सिंह कुशवाहा और अशोक चौधरी जैसे नाम शामिल हैं।
नए चेहरों की एंट्री की भी पूरी तैयारी
जदयू सिर्फ पुराने चेहरों पर नहीं टिकना चाहती। पार्टी की रणनीति है कि सरकार में अनुभव और युवाशक्ति दोनों का संतुलन हो। इसी कारण कुछ नए नेताओं के नाम भी तेजी से उभर रहे हैं। चर्चा में शामिल नामों में राहुल कुमार सिंह, सुधांशु शेखर, कलाधर प्रसाद मंडल, पन्ना लाल सिंह पटेल भी हैं।
बता दें एनडीए ने बिहार विधानसभा चुनाव में 243 में से 202 सीटें जीतकर एकतरफा जीत दर्ज की है। इस गठबंधन में भाजपा के 89, जदयू के 85, लोजपा (रामविलास) के 19, हम के 5 और राष्ट्रीय लोक मोर्चा (रालोमा) के 4 विधायक शामिल हैं। इतने बड़े जनादेश के साथ नयी सरकार के कंधों पर जनता की भारी उम्मीदें हैं, और इसी वजह से मंत्रिमंडल गठन पर सबकी नजरें टिकी हैं।
एनडीए के सहयोगी दलों की भूमिका भी अहम
लोजपा (रामविलास), हम और रालोमा जैसे छोटे सहयोगी दल भी इस बार मजबूत स्थिति में हैं। इन दलों के विधायकों की संख्या कम भले हो, लेकिन सरकार के स्थायित्व और राजनीतिक संतुलन में उनकी भूमिका महत्त्वपूर्ण है। इसलिए मंत्रिमंडल में इनकी हिस्सेदारी पर भी ध्यान दिया जा रहा है, जिससे गठबंधन में सामंजस्य बना रहे।





