निशांत और पवन सिंह बने MLC, सभी 10 कैंडिडेट निर्विरोध चुनाव जीते; हाथ मलते रह गए दीपक प्रकाश
बिहार विधान परिषद चुनाव और उपचुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार और भोजपुरी स्टार पवन सिंह समेत सभी 10 कैंडिडेट निर्विरोध चुनाव जीत गए हैं। हालांकि, पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश एमएलसी बनने का मौका चूक गए।

बिहार विधान परिषद के द्विवार्षिक चुनाव और उपचुनाव के परिणाम घोषित कर दिए गए हैं। जनता दल यूनाइटेड (JDU) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नीतीश कुमार के बेटे एवं स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार एमएलसी बन गए हैं। भोजपुरी स्टार पवन सिंह भी सदन पहुंच गए हैं। एनडीए के 9 और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के एक उम्मीदवार ने निर्विरोध चुनाव में जीत दर्ज की। गुरुवार को नाम वापसी की अवधि खत्म होने के बाद सभी को विजयी घोषित कर दिया गया। दूसरी ओर, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) चीफ उपेंद्र कुशवाहा के बेटे एवं पंचायती राज मंत्री दीपक प्रकाश एमएलसी बनने से चूक गए। उन्हें एनडीए ने प्रत्याशी नहीं बनाया था। अब उनका मंत्री पद संकट में आ गया है।
बिहार विधान परिषद की विधानसभा कोटे वाली 9 सीटों पर द्विवार्षिक चुनाव पूरे हो गए हैं। इसके अलावा, पूर्व सीएम नीतीश कुमार द्वारा खाली की गई एक सीट पर भी उपचुनाव हुआ। सोमवार को कुल 10 सीटों पर 10 उम्मीदवारों ने नामांकन किया था। इनमें से 9 सीटों पर एनडीए और विपक्ष से एक प्रत्याशी ने पर्चा भरा। 10 सीटों पर 10 कैंडिडेट ही होने से मतदान की नौबत नहीं आई और सभी को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया।
इसके पहले सभी 10 प्रत्याशियों का नामांकन वैध पाया गया था। मंगलवार को नामांकन पत्रों की जांच में सभी दलीय उम्मीदवार के पर्चे सही पाए गए थे। इसके साथ ही सभी का निर्वाचन तय हो गया था। MLC चुनाव जीतने वालों में 4-4 भाजपा एवं जदयू के हैं, जबकि एक-एक उम्मीदवार लोजपा (रामविलास) और आरजेडी के हैं।
ये नेता बने एमएलसी
नवनिर्वाचित एमएलसी में जदयू से निशांत कुमार, भारती मेहता, शिवानी देवी प्रजापति और ललन प्रसाद शामिल हैं। वहीं, भाजपा से भोजपुरी स्टार पवन सिंह संजय प्रकाश मयूख, अनिल ठाकुर और शीला पंडित का नाम है। लोजपा (रामविलास) के अशरफ अंसारी और आरजेडी के सुनील सिंह भी एमएलसी चुनाव जीते हैं।
दीपक प्रकाश एमएलसी बनने से चूके, मंत्री पद जाएगा?
राज्यसभा सांसद एवं रालोमो प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा के बेटे दीपक प्रकाश एमएलसी के मंत्री पद पर संशय पैदा हो गया है। वह बिना किसी सदन के सदस्य रहे दो बार बिहार सरकार में मंत्री बनाए गए। उन्होंने पिछले महीने नई सम्राट सरकार के गठन के बाद दूसरी बार मंत्री पद की शपथ ली थी।
नियमों के अनुसार, मंत्री पद पर बने रहने के लिए दीपक प्रकाश को शपथ की तारीख से 6 महीने के अंदर विधानसभा या विधान परिषद में से किसी एक सदन की सदस्यता लेनी होगी। उपेंद्र कुशवाहा को उम्मीद थी कि वह भाजपा के सहयोग से अपने बेटे को एमएलसी बनाकर दीपक का मंत्री पद सुरक्षित कर लेंगे। हालांकि, भाजपा ने कुशवाहा को सीट नहीं दी। इससे दीपक एमएलसी बनने से चूक गए। अब कुशवाहा आगे क्या कदम उठाएंगे, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत एक अनुभवी, जुझारू एवं निष्पक्ष पत्रकार हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं की रिपोर्टिंग एवं संपादन में महारत हासिल है। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। तकनीकी रूप से निपुण जयेश, तथ्यों की बारीकी से जांच कर समयसीमा के भीतर पाठकों तक सटीक खबरें एवं शोध-परक विश्लेषण पहुंचाते हैं। जनसरोकार के मुद्दे उठाना, पेशेवर नैतिकता का पालन करना, समाज एवं मानव कल्याण के प्रति जिम्मेदारी, इन्हें और भी योग्य बनाती है। भाषा पर इनकी अच्छी पकड़ है। जटिल मुद्दों को पाठकों एवं दर्शकों तक आसान शब्दों में पहुंचाना इनकी खूबी है।
जयेश जेतावत मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय से जनसंचार में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की। इसके बाद ईटीवी भारत में बतौर प्रशिक्षु समाचार संपादक के रूप में काम शुरू किया। फिर इंडिया न्यूज के डिजिटल सेक्शन में विभिन्न बीट कवर की। इसके बाद, वे2न्यूज में बतौर टीम लीडर तीन राज्यों की कमान संभाली। साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े, तब से यहां बिहार की खबरों को कवर कर रहे हैं। जयेश ने टाइम्स ऑफ इंडिया, लाइव इंडिया न्यूज चैनल और सी-वोटर रिसर्च एजेंसी में इंटर्नशिप भी की। पटना से प्रकाशित मैगजीन राइजिंग मगध में समसामयिक विषयों पर इनके लेख छपते रहे हैं। समाचार लेखन के अलावा जयेश की साहित्यिक पठन एवं लेखन में रुचि है, सामाजिक मुद्दों पर कई लघु कथाएं लिख चुके हैं।


