
AK-47 नेटवर्क की NIA जांच में ड्रग्स स्मगलिंग नेटवर्क की खुली पोल; नागालैंड-बिहार कनेक्शन उजागर
बैरिया बस स्टैंड से 17 नवंबर को दो करोड़ रुपये की हेरोइन बरामद की गई। हेरोइन की यह खेप मणिपुर के तस्करों के जरिये दीमापुर पहुंची थी।
नगालैंड के दीमापुर से बिहार तक ड्रग्स स्मगलिंग के बड़े नेटवर्क का खुुलासा हुआ है। एके-47 के बाद अब ड्रग तस्करी का बड़ा नेटवर्क जुड़े होने का खुलासा हुआ है। एके-47 तस्करी में एनआईए जांच कर रही है। जांच के दौरान यह नेटवर्क उजागर हुआ। हेराइन तस्करी के नेटवर्क को तोड़ने के लिए बिहार एसटीएफ की नारकोटिक्स सेल और मुजफ्फरपुर की अहियापुर थाने की पुलिस संयुक्त रूप से कार्रवाई करेगी। दीमापुर से हथियार तस्करी में मुजफ्फरपुर के अलावा हाजीपुर और पूर्वी चंपारण के शातिरों की संलिप्तता सामने आई है।
मुजफ्फरपुर के जैतपुर थाना के पोखरैरा निवासी विकास कुमार, फकुली थाना के मनकौली निवासी देवमनी कुमार, मिठनपुरा के मंजूर खान उर्फ बबलू खान, पूर्वी चंपारण के अहमद अंसारी और हाजीपुर के अंजानपीर निवासी सत्यम कुमार व एक अधिवक्ता की संलिप्तता सामने आई है। लंबे समय से दीमापुर से एके-47 व अन्य आधुनिक हथियार की तस्करी हो रही थी। अब इस मामले में एनआईए कार्रवाई कर रही है। और भी तथ्य सामने आ सकते हैं।
बैरिया से बरामद हेरोइन मणिपुर से दीमापुर पहुंची थी
बैरिया बस स्टैंड से 17 नवंबर को दो करोड़ रुपये की हेरोइन बरामद की गई। हेरोइन की यह खेप मणिपुर के तस्करों के जरिये दीमापुर पहुंची। वहां से मोतिहारी के चिरैया थाना के गरहरवा निवासी राजेश्वर पंडित और नकरदेई थाना के भवानीपुर बाजार निवासी पूनम देवी को हेरोइन सौंपी गई। दोनों उस खेप को अवध असम एक्सप्रेस से लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचे।
जांच में पता चला है कि मणिपुर में सक्रिय मोतिहारी के तस्कर कामेश्वर पंडित और राकेश महतो हेरोइन की खेप बिहार में भेज रहा है। दो साल पूर्व मुशहरी इलाके की कोमल कुमारी को एक करोड़ की हेरोइन के साथ कटिहार में पकड़ा गया था। वह भी अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन से हेरोइन दीमापुर से लेकर निकली थी। कोमल से पूछताछ में कई अहम जानकारी मिली थी। उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की गई।





