बिहार में अब जमीन रजिस्ट्री कराते समय देनी होगी ये 13 जानकारियां, 1 अप्रैल से नया नियम

Feb 17, 2026 07:00 am ISTNishant Nandan हिन्दुस्ताान ब्यूरो, पटना
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जिस जमीन की रजिस्ट्री होनी है, आवेदकों को उसके लिए पोर्टल पर निबंधन कार्यालय का नाम, अंचल, मौजा, थाना, खाता संख्या, खेसरा, भूमि का रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता, विक्रेता का नाम और भूमि का प्रकार बताना होगा।

बिहार में अब जमीन रजिस्ट्री कराते समय देनी होगी ये 13 जानकारियां, 1 अप्रैल से नया नियम

बिहार में अब रैयती जमीन के निबंधन से पहले खरीदारों को उसके बारे में पूरी जानकारी दी जाएगी। जमीन रजिस्ट्री कराते समय आवेदकों को निबंधन पोर्टल पर 13 तरह की जानकारी देनी होगी। वित्तीय वर्ष 2026-27 या एक अप्रैल से ही यह नियम प्रभावी हो जाएगा। सात निश्चय-3 के तहत सबका सम्मान, जीवन आसान के तहत दस्तावेज निबंधन की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है। इस बाबत राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव सीके अनिल और मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के सचिव अजय यादव की ओर से संयुक्त पत्र सभी समाहर्ताओं को भेजा गया है।

पत्र में कहा गया है कि पूर्ण जानकारी के अभाव में जमीन रजिस्ट्री होने से अनावश्यक विवाद उत्पन्न हो रहे हैं। इसलिए निबंधन की प्रक्रिया को और जनोन्मुखी व पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है कि पक्षकार अगर चाहें तो उनको संबंधित भूमि के बारे में आधिकारिक रूप से पूरी जानकारी दी जाएगी।

आवेदकों को जमीन की खरीद के लिए ई-निबंधन पोर्टल पर अपना अकाउंट बनाकर लॉग इन करना होगा। जिस जमीन की रजिस्ट्री होनी है, आवेदकों को उसके लिए पोर्टल पर निबंधन कार्यालय का नाम, अंचल, मौजा, थाना, खाता संख्या, खेसरा, भूमि का रकबा, चौहद्दी, जमाबंदी, जमाबंदी धारक का नाम, क्रेता, विक्रेता का नाम और भूमि का प्रकार बताना होगा।

अगर आवेदक भूमि के बारे में अद्यतन जानकारी वाले विकल्प का चयन नहीं करेंगे तो संबंधित निबंधन कार्यालय पूर्व निर्धारित तरीके से उसके दस्तावेज के निबंधन के लिए आवश्यक कार्रवाई करेगा। लेकिन अगर जानकारी चाहेंगे तो उसे संबंधित सीओ/राजस्व अधिकारी के लॉगइन में भेज दिया जाएगा। साथ ही उनको एसएमएस भी भेज दिया जाएगा।

अंचल अधिकारी लागइन से अपलोड की गई जानकारी की जांच-पड़ताल कर 10 दिनों के भीतर आवेदक को पूरी जानकारी एसएमएस से मुहैया कराएंगे। अगर 10 दिनों के भीतर अंचल या राजस्व अधिकारी आवेदक को जानकारी मुहैया नहीं कराएंगे तो यह माना जाएगा कि आवेदक की जानकारी सही है। वह स्वत: ही निबंधन कार्यालय को चला जाएगा। अंचलाधिकारियों को भी एसएमएस से इसकी जानकारी दे दी जाएगी।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
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