नेपाल में बिना नागरिकता रह रहे भारतीयों की पहचान में जुटा प्रशासन , क्या है मकसद

हिन्दुस्तान टीम
Follow us on Google News
share

पड़ोसी मुल्क नेपाल में बिना नेपाल की नागरिकता लिए रह रहे भारतीयों की पहचान की जा रही है। ऐसे भारतियों की पहचान के लिए यहां प्रशासन ने सर्वे शुरू किया है। सर्वे रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी।

india nepal border

भारत-नेपाल सीमा से सटे नेपाली क्षेत्रों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों का विवरण जुटाने के लिए नेपाल प्रशासन ने नया अभियान शुरू किया है। इसके तहत नवलपरासी (पश्चिम) जिले के रानीनगर, त्रिवेणी, महेशपुर समेत सीमावर्ती क्षेत्रों में विशेष सर्वे कराया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य नेपाल में लंबे समय से बिना वैध दस्तावेजों के रह रहे भारतीयों की पहचान करना और उन पर नजर रखना है। नवलपरासी (पश्चिम) जिले के पुलिस प्रमुख अनुराग श्रेष्ठ ने बताया कि बिना वैध दस्तावेजों के नेपाल में रह रहे लोगों का विवरण एकत्र किया जा रहा है।

सर्वे टीम संबंधित व्यक्तियों का नाम, पता, पारिवारिक विवरण, नेपाल में निवास की अवधि तथा उनकी पहचान से जुड़े दस्तावेजों का ब्योरा जुटा रही है। इस सर्वे के आधार पर विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी, ताकि आगे की कार्रवाई की जा सके। नेपाल प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से जानकारी जुटाई जा रही है। इस सर्वे में वैसे लोगों की विशेष कर पहचान की जाएगी जो पड़ोसी मुल्क में बिना किसी वैध दस्तावेज के रह रहे हैं।

सीमावर्ती क्षेत्रों में रह रहे भारतीय परिवारों पर टिकीं नजरें

भारत से सटे सीमावर्ती क्षेत्रों में कई भारतीय परिवार दशकों से रोजगार, व्यापार या पारिवारिक कारणों से नेपाल में रह रहे हैं। इनमें से कई लोगों ने अब तक नेपाल की नागरिकता हासिल नहीं की है, जबकि कुछ के पास वैध दस्तावेज भी नहीं हैं। ऐसे सभी लोगों का पूरा ब्यौरा तैयार किया जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अभिलेखों को अद्यतन करना और सीमा क्षेत्र की वास्तविक सुरक्षा स्थिति का आकलन करना है। इस अभियान पर दोनों देशों के सीमावर्ती नागरिकों की नजरें टिकी हैं। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि यह सर्वे निष्पक्ष रहा, तो इससे सीमा पर कानून-व्यवस्था और मजबूत होगी।

● सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के उद्देश्य से जानकारी जुटाई जा रही

● नाम, पता, परिवार, निवास अवधि और पहचान संबंधी जानकारी की जा रही दर्ज

● सर्वे रिपोर्ट तैयार कर आगे की कार्रवाई के लिए उच्च अधिकारियों को भेजी जाएगी

बता दें कि नेपाल सरकार ने बिना पहचान पत्र भारतीयों के नेपाल में एंट्री पर पहले ही रोक लगा दी है। इसके तहत नेपाल में प्रवेश से पहले भारतीयों को अपना पहचान पत्र दिखाना होगा। नेपाल पुलिस के जवान पहचान पत्र देखकर ही लोगों को नेपाल में प्रवेश की इजाजत दे रहे हैं।

Nishant Nandan

लेखक के बारे में

Nishant Nandan
एक दशक से पत्रकारिता के क्षेत्र में सेवाएं दे रहे निशांत नंदन डिजिटल पत्रकारिता में आने से पहले इलेक्ट्रॉनिक/प्रसारण मीडिया में लंबे समय तक काम कर चुके हैं। निशांत ने अपने करियर की शुरुआत ETV बिहार से की थी। इसके बाद वो मौर्य न्यूज, आर्यन न्यूज, न्यूज वर्ल्ड इंडिया जैसे संस्थानों में अलग-अलग भूमिकाओं में काम कर चुके हैं। साल 2018 में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप के साथ डिजिटल पत्रकारिता का सफर शुरू करने के बाद निशांत साल 2021 में लाइव हिन्दुस्तान से जुड़े। निशांत मूल रूप से बिहार के भोजपुर जिले के रहने वाले हैं। आरा में शुरुआती शिक्षा के बाद इन्होंने नालंदा मुक्त विश्वविद्यालय से पत्रकारिता की पढ़ाई की है। और पढ़ें
लेटेस्ट Hindi News, Bihar News के साथ-साथ Patna News, Muzaffarpur News, Bhagalpur News और बिहार के अन्य जिलों की ताज़ा खबरें और पटना का मौसम हिंदी में जानने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।