नीट छात्रा का गैंगरेप और मर्डर? सीबीआई जांच की मांग, परिजन बोले- पटना पुलिस पर भरोसा नहीं
जहानाबाद की नीट छात्रा की मौत मामले में परिजन ने गैंगरेप और मर्डर का दावा करते हुए सीबीआई जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि पटना पुलिस पर भरोसा नहीं है। दूसरी ओर, पुलिस ने एसआईटी का गठन किया है।

बिहार की राजधानी पटना नीट छात्रा के साथ दरिंदगी की बात सामने आने के बाद परिजन के सब्र का बांध टूट गया। परिवार वालों ने छात्रा के साथ सामूहिक दुष्कर्म के बाद हत्या का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि गैंगरेप की बात बात उजागर न हो इसके लिए गलत इंजेक्शन लगाकर उसे खामोश कर दिया गया। हॉस्टल की आड़ में गलत धंधा हो रहा था। उन्होंने इस मामले की जांच सीबीआई से कराने की मांग कर दी है। पीड़ित परिवार जहानाबाद जिले का रहने वाला है।
परिजन ने कंकड़बाग के एक निजी अस्पताल के डॉक्टरों पर रुपये लेकर गलत रिपोर्ट बनाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना है कि पटना पुलिस से उनका भरोसा उठ गया है। मामले की जांच सीबीआई से कराई जाए। परिजन ने शुक्रवार को पटना के कोतवाली थाना क्षेत्र में प्रेसवार्ता कर अपनी बात रखी।
मृत छात्रा के मामा ने बताया कि पिछले साल नीट में कुछ नंबर से बच्ची का एमबीबीएस में एडमिशन नहीं हो पाया था। वह बीडीएस में दाखिला लेने की इच्छुक नहीं थी। बीते 5 जनवरी को जब वह घर से पटना पहुंची, उसी रात 9 बजे छात्रा की मां-पिता से बात हुई थी। अवसाद की कोई वजह नहीं थी।
6 जनवरी की शाम 5 बजे हॉस्टल में रहने वाली एक लड़की के पिता ने परिजन को फोन कर छात्रा के अस्पताल में भर्ती होने की बात बताई थी। जब परिजन पटना पहुंचे तो भौंचक्के रह गए। तब तक सबूत मिटाए जा चुके थे। उन्होंने बताया कि गर्ल्स हॉस्टल होने के बावजूद बिल्डिंग का मालिक मनीष कुमार रंजन और उसका बेटा वहां रहता था।
15 लाख देकर मामले को दबाने की कोशिश?
सवर्ण सेना के राष्ट्रीय संयोजक व अध्यक्ष भागवत शर्मा ने आरोप लगाया कि हॉस्टल संचालक श्रवण अग्रवाल, पत्नी नीलम अग्रवाल और भवन का मालिक मनीष कुमार रंजन मिलकर गलत काम करते हैं। छात्रा उसी का शिकार हुई। सामूहिक दुष्कर्म के बाद हालत बिगड़ने पर बच्ची को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद हॉस्टल संचालक ने परिजन को मामला रफा-दफा करने के लिए 10 से 15 लाख का ऑफर दिया था।
उन्होंने कहा कि हॉस्टल संचालक ने अस्पताल को भी मैनेज कर रखा था। इलाज के दौरान होश में आने पर छात्रा ने अपनी मां को अपने साथ गलत होने की बात कही थी। वह और जानकारी दे ही रही थी कि अस्पताल के कर्मियों ने मां को वहां से हटा दिया। डॉक्टर ने छात्रा को गलत इंजेक्शन लगा दिया। इसके बाद वह कोमा में चली गई।
जांच के लिए एसआईटी का गठन
बिहार पुलिस ने इस केस की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। इसकी कमान पटना पूर्वी सिटी एसपी को सौंपी गई है। गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। बता दें कि गुरुवार को आई पोस्टमार्टम रिपोर्ट में छात्रा के साथ दरिंदगी की बात सामने आई थी। उससे पहले तक पुलिस इसे आत्महत्या बता रही थी।
जहानाबाद की छात्रा पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल स्थित अपने कमरे में 6 जनवरी को बेहोश पाई गई थी। उसे निजी अस्पताल में भर्ती कराय गया। बीते रविवार को उसने दम तोड़ दिया। परिजन ने रेप के बाद मर्डर का आरोप लगाया। पुलिस ने अभी तक हॉस्टल मालिक को सबूत मिटाने के आरोप में गिरफ्तार किया है। आरोप है कि उसने साक्ष्य छिपाने के लिए कमरे की सफाई कर दी थी।
लेखक के बारे में
Jayesh Jetawatजयेश जेतावत बिहार में राजनीतिक, सामाजिक और आपराधिक घटनाओं पर गहराई से नजर रखते हैं। बीते 10 सालों से स्थानीय मुद्दों को कवर कर रहे हैं। बिहार में पर्यटन एवं इंफ्रास्ट्रक्चर के मुद्दे पर भी गहरी पकड़ रखते हैं। जयेश मूलरूप से मेवाड़ क्षेत्र (राजस्थान) के रहने वाले हैं और लाइव हिन्दुस्तान में 4 साल से बिहार टीम का हिस्सा हैं। इससे पहले ईटीवी भारत, इंडिया न्यूज, वे2न्यूज और टाइम्स ऑफ इंडिया में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। समाचार लेखन के अलावा साहित्यिक पठन-लेखन में रुचि है।
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