
स्कूल की चहारदीवारी नहीं होने से छात्र-छात्राएं परेशान
रजौली के अम्बातरी गांव में स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय के लिए चहारदीवारी का निर्माण नहीं होने से छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सड़क के किनारे स्थित स्कूल में दुर्घटनाओं का खतरा हमेशा बना रहता है। प्रशासन को कई बार आवेदन देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
रजौली, निज संवाददाता प्रखंड क्षेत्र की फरका बुजुर्ग पंचायत के अम्बातरी गांव स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय व्यस्त ग्रामीण सड़क के किनारे अवस्थित है। सड़क पर बाइक व ट्रैक्टर सरपट दौड़ते रहते हैं। लेकिन इस व्यस्तम सड़क किनारे स्थित विद्यालय के लिए चहारदीवारी का निर्माण नहीं कराया गया है। इससे विद्यालय में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बच्चे और शिक्षक दुर्घटना को लेकर सशंकित रहते हैं। लेकिन कई बार विभाग से पत्राचार किए जाने के बावजूद चहारदीवारी का निर्माण नहीं कराया जा सका है। जिससे अभिभावकों में निराशा देखी जा रही है। विद्यालय के प्रभारी प्रधानाध्यापक अमरेंद्र कुमार कहते हैं कि विद्यालय परिसर में बाउंड्रीवाल नहीं रहने से काफी परेशानी होती है।
गली के कुत्ते स्कूल परिसर में घुस जाते हैं। वहीं स्कूल की बगल से गुजरी सड़क से हर समय वाहनों का आना-जाना लगा रहता है। जिससे छात्र-छात्राओं समेत शिक्षकों को हमेशा खतरा बना रहता है। वहीं स्कूल में छुट्टी के वक्त एकसाथ छात्र-छात्राएं सड़क को पार करने के दौरान तेज रफ्तार में रहे वाहनों की चपेट में आने से दुर्घटनाग्रस्त हो जाते हैं। साथ ही प्रधानाध्यापक ने कहा कि स्कूल में बाउंड्रीवाल के लिए शिक्षा विभाग के वरीय पदाधिकारी को कई बार लिखित आवेदन दिया गया है एवं ई-शिक्षा कोष पर भी अपलोड किया गया है, लेकिन अबतक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं की गई है। ग्रामीणों ने कहा- स्कूल में बाउंड्रीवाल होना जरूरी अम्बातरी गांव निवासी संजय यादव, रामखेलावन प्रसाद, संगीता देवी, फूलमती देवी आदि का कहना है कि उनके बच्चे विद्यालय में प्रतिदिन पढ़ने जाते हैं। किंतु बाउंड्रीवाल नहीं रहने से मन में हमेशा बच्चों की सुरक्षा को लेकर डर बना रहता है। विद्यालय परिसर में लंच टाइम आदि में कबड्डी आदि खेलने के दौरान बच्चे सड़क के किनारे रहते हैं,जो खतरों से भरा पड़ा है। हालांकि स्कूल के शिक्षक-शिक्षिकाओं के द्वारा बच्चों की सुरक्षा के पीछे कड़ी मशक्कत की जाती है। ग्रामीणों ने कहा कि व्यस्त सड़क के किनारे अवस्थित स्कूल बाउंड्रीवाल होनी चाहिए। गौरतलब है कि प्रखंड क्षेत्र की हरदिया पंचायत के सिंगर खास, रजौली पूर्वी पंचायत के झिरझो समेत दर्जनों विद्यालय में बाउंड्रीवाल नहीं है। इससे मवेशियों के विद्यालय परिसर में घुसकर नुकसान पहुंचने का खतरा हमेशा बना रहता है। साथ ही कई विद्यालय परिसर में बाउंड्रीवाल नहीं रहने से ग्रामीणों द्वारा विद्यालय की जमीन का अतिक्रमण कर लिया गया है। इस समस्या का हल समय रहते नहीं किया गया तो भविष्य में परेशानियां बढ़ सकती है। इस संबंध में जिला शिक्षा पदाधिकारी दीपक कुमार ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि विद्यालय में बाउंड्रीवाल समेत अन्य निर्माण कार्य के लिए पटना मुख्यालय से राशि का आवंटन होता है। उन्होंने बिना बाउंड्रीवाल के विद्यालयों की सर्वे कर पटना मुख्यालय रिपोर्ट भेजने की बात कही है। साथ ही आश्वासन दिया कि जल्द ही विद्यालयों में बाउंड्रीवाल निर्माण कार्य किया जाएगा।

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