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खुदाई में मिली पांचवीं शताब्दी की गजलक्ष्मी की विशिष्ट मूर्ति

5वीं शताब्दी की गजलक्ष्मी की विशिष्ट मूर्ति खुदाई में मिली। सूचना मिलते ही आसपास के लोग मूर्ति देखने को उमड़ पड़े। मूर्ति निकालने के बाद लोग तरह-तरह के चर्चे करते...

खुदाई में मिली पांचवीं शताब्दी की गजलक्ष्मी की विशिष्ट मूर्ति
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हिन्दुस्तान टीम,नवादाThu, 13 Jun 2024 02:45 PM
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नवादा/मेसकौर, हिसं/निप्र।
5वीं शताब्दी की गजलक्ष्मी की विशिष्ट मूर्ति खुदाई में मिली। सूचना मिलते ही आसपास के लोग मूर्ति देखने को उमड़ पड़े। मूर्ति निकालने के बाद लोग तरह-तरह के चर्चे करते रहे। कोई इसे चोरी कर छिपा कर रखे जाने की बात कह रहा था तो कोई अकस्मात ही यहां से मूर्ति निकालने के कयास लगा रहा था।

मूर्ति का अवलोकन करने के बाद नवादा स्थित नारद: संग्रहालय के क्यूरेटर अरविंद महाजन ने बताया कि मेसकौर प्रखंड के कोपीन में मिट्टी खुदाई में मिली मूर्ति गजलक्ष्मी की है। दोनों तरफ से हाथियों द्वारा माता लक्ष्मी का अभिषेक किया जा रहा है, यह गजलक्ष्मी की मूर्ति की पहचान है। यह मूर्ति सैंड स्टोन की है, जिससे ज्ञात होता है कि यह मूर्ति पांचवी या छठी शताब्दी काल का है। गजलक्ष्मी की यह मूर्ति अति विशिष्ट श्रेणी की है। क्यूरेटर अरविंद महाजन ने जोर देकर कहा कि संग्रहालय नियमावली के अनुकूल इस मूर्ति को बरामद कर स्थानीय पुलिस संग्रहालय को सुपुर्द करे ताकि इस बेशकीमती मूर्ति की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

उल्लेखनीय है कि मेसकौर प्रखंड के कोपीन में मिट्टी खुदाई में स्थानीय मुनेश्वर साव की खेत से यह मूर्ति मिली। रविवार को जेसीबी से खुदाई कर चिमनी भठ्ठा पर मिट्टी भेजी जा रही थी। इसी क्रम में मिट्टी कटाई के दौरान जमीन के अन्दर से एक मूर्ति दिखाई पड़ी। मूर्ति मिलने की खबर आग की तरह फैल गयी और मूर्ति देखने के लिए अगल-बगल के गांव के लोग एकत्रित होने लगे। इस अद्भुत प्रतिमा के समीप लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। लोग अनुमान करने लगे कि यह लक्षमी, दुर्गा अथवा सीता माता व लव-कुश की प्राचीन काल की मूर्ति है। इधर, सीतामढ़ी धर्मस्थल के पुजारी सीताराम पाठक का कहना है कि लगता है कि मूर्ति में लव-कुश विराजमान हैं। और संभवत: 1980 में सीतामढ़ी के एक धार्मिक स्थल से चोरी गई यह मूर्ति है। इस बीच, कोपीन के ग्रामीण मूर्ति को गांव स्थित महादेव मंदिर में रखकर पूजा-अर्चना करने लगे हैं। श्रद्धा के साथ मूर्ति की पूजा-अर्चना करने का सिलसिला जारी है।

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