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नवादा जेल के दो विचाराधीन बंदियों ने पास की इंटर की परीक्षा

कहते हैं हौसला यदि बुलंद हो,तो सफलता के मार्ग में कोई भी बाधा नहीं आ सकती। कुछ ऐसा ही साबित कर दिखाया नवादा मंडल कारा के दो विचाराधीन बंदियों ने। जेल में बंद रहते हुए दोनों बंदियों ने राष्ट्रीय मुक्त...

नवादा जेल के दो विचाराधीन बंदियों ने पास की इंटर की परीक्षा
हिन्दुस्तान टीम,नवादाThu, 22 Feb 2024 02:30 PM
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नवादा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि
कहते हैं हौसला यदि बुलंद हो,तो सफलता के मार्ग में कोई भी बाधा नहीं आ सकती। कुछ ऐसा ही साबित कर दिखाया नवादा मंडल कारा के दो विचाराधीन बंदियों ने। जेल में बंद रहते हुए दोनों बंदियों ने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी प्रशिक्षण संस्थान (एनआईओएस) द्वारा आयोजित इंटर की परीक्षा में भाग लिया और सफलता हासिल की। दोनों का परिणाम मंगलवार की शाम प्रकाशित हुआ,जिसमें दोनों सभी विषयों में अच्छे नंबरों से पास हुए। इनमें से एक बंदी विशाल कुमार है। विशाल जिले के गोविन्दपुर थाना क्षेत्र के कोरिऔना गांव के रामबालक रविदास का बेटा है। वहीं दूसरा गौरीशंकर है। वह वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के फतहा गांव के मिथिलेश प्रसाद का बेटा है। मंडल काराधीक्षक अजीत कुमार के मुताबिक दोनों बंदियों ने इंटर की परीक्षा में बैठने की इच्छा जतायी थी। इसके बाद एनआईओएस में कारा प्रशासन द्वारा उनका पंजीकरण कराया गया। पंजीकरण के बाद उन्हें एनआईओएस द्वारा समय पर स्टडी मैटेरियल भेजा गया। कारा प्रशासन द्वारा उन्हें पढ़ने के लिए लाइब्रेरी मुहैया करायी गयी थी। जहां शांत-चित्त होकर वे पढ़ाई करते थे। कारा प्रशासन की देखरेख में 06 अक्टूबर से 03 नवम्बर 2023 तक एनआईओएस द्वारा परीक्षा आयोजित की गयी थी। नवादा मंडल कारा में दोनों की सफलता पर बंदियों में उत्साह का माहौल रहा।

हत्या के मामले में बंद थे दोनों

कारा प्रशासन के मुताबिक दोनों बंदी हत्या के मामले में जेल में बंद थे। इनमें से एक गौरीशंकर दहेज हत्या के मामले में 17 अक्टूबर 2022 को जेल आया था। उसने जेल में रहते हुए परीक्षा की तैयारी की व परीक्षा में भाग लिया। वह 22 दिसम्बर 2022 को जेल से बाहर आ गया था। वहीं विशाल पत्नी की हत्या के आरोप में जेल में बंद है। बताया जाता है कि उसकी पत्नी ने सुसाइड किया था। वह करीब तीन वर्षों से जेल में बंद है। कारा प्रशासन भी दोनों बंदियों की सफलता पर हर्षित है। काराधीक्षक इसे मिसाल बता रहे हैं और सभी पढ़ने वाले बंदियों को नसीहत दे रहे हैं।

एनआईओएस मुफ्त ले रही परीक्षा

काराधीक्षक के मुताबिक एनआईओएस जेल के बंदियों के लिए मुफ्त परीक्षा आयोजित करती है। पंजीकरण शुल्क कारा प्रशासन जमा करता है। इसके बाद कोई भी शुल्क देय नहीं होता है। स्टडी मैटेरियल भी एनआईओएस द्वारा बंदियों को मुफ्त उपलब्ध कराये जाते हैं।

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