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जिले के सरकारी स्कूलों में एमडीएम का होगा सोशल ऑडिट

जिले के सरकारी स्कूलों में संचालित पीएम पोषण योजना(एमडीएम) की स्थिति जानने के लिए इसका सोशल ऑडिट किया जाएगा। इसमें जिलों के 16 सौ से अधिक प्राइमरी व मिडिल स्कूल शामिल...

जिले के सरकारी स्कूलों में एमडीएम का होगा सोशल ऑडिट
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हिन्दुस्तान टीम,नवादाWed, 19 Jun 2024 06:00 PM
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नवादा, निज प्रतिनिधि
जिले के सरकारी स्कूलों में संचालित पीएम पोषण योजना(एमडीएम) की स्थिति जानने के लिए इसका सोशल ऑडिट किया जाएगा। इसमें जिलों के 16 सौ से अधिक प्राइमरी व मिडिल स्कूल शामिल होंगे। मध्याह्न भोजन योजना निदेशालय की ओर से इस बाबत एमडीएम के डीपीओ और डीडीसी को पत्र लिखकर कई बिंदुओं पर निर्देश दिया गया है। इस संबंध में डीपीओ मो. मजहर हुसैन ने बताया कि फिलहाल आठवीं तक के सरकारी स्कूल 19 जून तक बंद हैं। इस स्थिति में स्कूलों में एमडीएम की सोशल ऑडिट नहीं हो सकी है। स्कूल खुलने के बाद निदेशालय से इसके लिए तारीख जारी की जाएगी। इसके बाद स्कूलों में एमडीएम का सोशल ऑडिट शुरू किया जाएगा। सोशल ऑडिट टीम के सदस्य बच्चों और अभिभावकों से पीएम पोषण योजना की जमीनी हकीकत को जानेंगे। सोशल ऑडिट के लिए कैलेंडर तैयार किया गया है। इसी के अनुसार सोशल ऑडिट का काम होगा। निदेशालय की ओर से कैलेंडर के अनुसार ही ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया है। ऑडिट के दौरान किसी भी प्रक्रिया में एमडीएम के पदाधिकारी, कर्मी हस्तक्षेप नहीं करेंगे। ऑडिट के दौरान टीम एमडीएम व पोषाहार पंजी, उपस्थिति पंजी, सामग्री खरीदारी पंजी आदि की जांच करेगी। सोशल ऑडिट के छठे दिन जन सुनवाई का आयोजन किया जाएगा।

जन सुनवाई का होगा आयोजन

कैलेंडर के अनुसार सोशल ऑडिट के बाद स्कूलों के पोषक क्षेत्र में जन सुनवाई का आयोजन किया जाएगा। सोशल ऑडिट का आयोजन स्कूल के पोषक क्षेत्र के नगर निकाय परिसर, सामुदायिक भवन, स्कूल तथा आंगनबाड़ी केंद्र परिसर में आयोजित किया जाएगा। जन सुनवाई के दौरान पीएम पोषण योजना के पदाधिकारी व कर्मी योजना से संबंधित सभी दस्तावेजों के साथ उपस्थित रहेंगे। मामले की सुनवाई के साथ जूरी सदस्यों की ओर से आगे की कार्रवाई की जाएगी।

एमडीएम की हकीकत आएगी सामने

सोशल ऑडिट के दौरान एमडीएम की जमीनी सच सामने आएगी। स्कूलों में बच्चों के अनुपात में एमडीएम बनाया जा रहा है कि नहीं। इसके साथ ही एमडीएम में स्वच्छता का ख्याल रखा जा रहा है या नहीं। एमडीएम की तय मात्रा बच्चों को मिल रहा या नहीं। इसके लिए सोशल ऑडिट के टीम के सदस्य गांव वालों से भी सम्पर्क कर पूछताछ करेंगे। बच्चों और अभिभावकों से भी एमडीएम का हाल जाना जा सकेगा। कई स्कूल बच्चों की संख्या कम रहने के बाद भी अधिक दिखाकर एमडीएम में मारपेंच करते हैं। सोशल ऑडिट के दौरान इस बात की भी जांच हो सकेगी।

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