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6 दिसंबर, 2020|7:11|IST

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नौवीं की पढ़ाई शुरू करने को शिक्षकों की होगी जरूरत

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जिले में पंचायतों में उत्क्रमित हाई स्कूलों में जब तक शिक्षकों की कमी को दूर नहीं किया जाता। तब तक बच्चों की विषयवार पढ़ाई संभव नहीं है। सरकार ने पहली अप्रैल से ही उत्क्रमित मिडिल स्कूलों में नौवीं की पढ़ाई का निर्णय लिया था पर कोरोना संकट के कारण लॉक डाउन ने नौवीं की पढ़ाई शुरू करने के निर्णय पर पानी फेर दिया। अब लॉक डाउन हटने के बाद जब स्कूल गुलजार होंगे तभी स्कूलों में नौवीं की पढाई संभव है।

जिले की हर पंचायत में एक हाई स्कूल खोलने का सपना तो पूरा हो गया है, लेकिन इन उत्क्रमित हाई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है। 25 फीसदी उत्क्रमित हाई स्कूल तो ऐसे हैं, जहां एक या दो शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है। नौवीं की पढ़ाई शुरू करने के पहले शिक्षकों की कमी को दूर करने का प्रयास जरूरी होगा। जिले के 52 पंचायतों में हाई स्कूल नहीं हैं। इन पंचायतों में पहली बार नौवीं की पढ़ाई उत्क्रमित स्कूलों में शुरू होगी। जिस के लिए शिक्षकों की जरूरत पड़ेगी।

शिक्षक बहाली प्रक्रिया शुरू होने से मिलेगी राहत

शिक्षकों की कमी से जूझ रहे स्कूलों में शिक्षक बहाली के लिए सरकार की ओर से कोरोना संकट के पहले प्रयास तेज किया गया था। जिले के संबंधित हाई व इंटर स्कूलों में पांच विषयों में शिक्षकों की बहाली होनी थी। इनमें हर स्कूल में छह विषयों के लिए छह शिक्षक बहाल होने थे। जिन विषयों में शिक्षक बहाल होने थे। उनमें हिन्दी, अंग्रेजी, विज्ञान, गणित, सामाजिक विज्ञान और द्वितीय भारतीय भाषाओं के शिक्षक शामिल हैं। इसके अलावा कम्प्यूटर शिक्षक की भी बहाली होनी थी। लॉक डाउन के कारण स्कूल व कॉलेज के अलावा विभागीय कार्यालय लगातार बंद रहने के कारण बहाली प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। हालांकि सरकार की ओर से शिक्षकों के पद इन स्कूलों के लिए सृजित किए गए हैं। लॉक डाउन के बाद जब जिले की शिक्षा व्यवस्था पटरी पर आएगी तो शिक्षकों की बहाली भी संभव हो पाएगी।

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  • Web Title:Teachers will be needed to start the ninth studies