दोहरे दायित्व के चलते परेशान हैं जनगणना में लगे शिक्षक
11 मई 2026 के पत्र के बाद रजौली प्रखंड के शिक्षकों में असमंजस है। शिक्षकों को विद्यालय से दूर जनगणना कार्य करने के निर्देश मिले हैं, लेकिन उन्हें समय पर विद्यालय लौटना कठिन हो रहा है। शिक्षक नेता अजीत कुमार ने मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारियों से स्पष्ट निर्देश देने की अपील की है।

प्रखंड विकास पदाधिकारी के 11 मई 2026 के पत्र तथा अपर मुख्य सचिव के 13 मई 2026 के पत्रांक 07/नीति 24-04/2026/1631 के निर्देश के बाद जनगणना कार्य में प्रतिनियुक्त शिक्षक असमंजस की स्थिति में हैं। रजौली प्रखंड में कई शिक्षकों को अपने विद्यालय से दूर प्रगणक की जिम्मेदारी सौंपी गई है। शिक्षकों का कहना है कि नए निर्देश के तहत उन्हें विद्यालय में स्वयं उपस्थिति दर्ज कर जनगणना कार्य पर जाना है और 12:30 बजे पुनः विद्यालय लौटकर प्रस्थान की उपस्थिति बनानी है।
शिक्षकों की समस्याएं
दूरस्थ क्षेत्रों में जनगणना की जिम्मेदारी निभा रहे शिक्षकों के लिए तय समय पर विद्यालय लौटना व्यावहारिक नहीं है। इससे जनगणना कार्य बाधित हो रहा है। विद्यालय प्रधान भी स्पष्ट निर्देश के अभाव में कोई राहत देने में असमर्थ हैं। शिक्षकों का कहना है कि जनगणना पूरा करने के लिए उन्हें मार्क ऑन ड्यूटी की सुविधा अतिआवश्यक है। 13 मई के निर्देश का पालन करने पर जनगणना कार्य पूरा नहीं हो सकेगा। मजबूरी में उन्हें निर्देश की अवहेलना करनी पड़ रही है।
अधिकारियों से अपील
अपर मुख्य सचिव, शिक्षा मंत्री और मुख्यमंत्री को शिक्षकों की मानसिक मनोदशा को समझते हुए समीक्षा कर स्पष्ट निर्देश जारी करना चाहिए। रजौली में कई प्रगणक 15 मई 2026 को भी अपने विवेक से मार्क ऑन ड्यूटी कर जनगणना कार्य कर रहे हैं। वहीं कुछ शिक्षक विद्यालय में सेल्फ उपस्थिति दर्ज कर जनगणना कार्य करने में असमर्थ और असहज महसूस कर रहे हैं। शिक्षक नेता अजीत कुमार ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव, अपर मुख्य सचिव शिक्षा विभाग से अनुरोध किया है कि शिक्षकों की समस्याओं को ध्यान में रखकर स्पष्ट निर्देश जारी किए जाएं।
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