मात्र दो शिक्षकों के सहारे ही संवर रहा 285 छात्रों का भविष्य
कौआकोल, एक संवाददाता प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिन्दीचक में शिक्षकों का भारी टोटा है। जिसके चलते पठन पाठन का कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस...

कौआकोल, एक संवाददाता प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय बिन्दीचक में शिक्षकों का भारी टोटा है। जिसके चलते पठन पाठन का कार्य पूरी तरह से प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों से प्राप्त जानकारी के अनुसार इस विद्यालय में छात्र छात्राओं की संख्या 285 है। जबकि वहां शिक्षकों की संख्या सिर्फ पांच ही है। जिसमें एक शिक्षिका विशेष अवकाश तथा एक शिक्षक का प्रभारी बने रहने के कारण हमेशा कागजातों की देखरेख तथा प्रखंड से लेकर जिला के कार्यालय आने जाने में समय बीत जाता है। इसी प्रकार बारी बारी से एक शिक्षक सीएल में ही रहते हैं। बचे दो शिक्षकों पर ही सारे छात्रों की पढ़ाई निर्भर है।
इस प्रकार इन दो शिक्षकों के द्वारा सभी छात्र छात्राओं को समुचित शिक्षा दे पाना मुश्किल हो रहा है। छात्रों के अनुपात में शिक्षकों की व्यवस्था नहीं रहने से छात्र तथा विद्यालय में कार्यरत शिक्षकों की परेशानी बढ़ी रहती है। बड़े पैमाने पर की गई शिक्षकों की नियुक्ति व तबादले के बावजूद भी इस विद्यालय को छात्रों के अनुपात में शिक्षक मुहैया नहीं कराया जा सका है। जिससे ग्रामीणों में भारी असंतोष है। ग्रामीणों की शिकायत है कि इतनी काफी संख्या में छात्र-छात्राओं को सिर्फ दो शिक्षक पढ़ाने लिखाने में पूरी तरह से असमर्थ हो रहे हैं। जबकि प्रखंड के कई ऐसे भी विद्यालय हैं जहां शिक्षकों की भरमार है। इस प्रकार यह व्यवस्था में दोष को सीधे सीधे दर्शाता है। ग्रामीणों ने डीएम तथा जिला शिक्षा पदाधिकारी का ध्यान मध्य विद्यालय बिन्दीचक की ओर आकृष्ट कराते हुए यहां कम से कम चार और शिक्षकों की व्यवस्था किए जाने की मांग की है। ताकि विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को सही ढंग से शिक्षा मुहैया कराया जा सके। भवन का भी है घोर अभाव, पर्याप्त कमरे नहीं 2015 में उत्क्रमित मध्य विद्यालय का दर्जा मिलने के बाद कक्षा संचालन करने के लिए सरकार द्वारा आठ कमरे का निर्माण कराया गया। पर 2020 में इस विद्यालय को उच्च माध्यमिक विद्यालय का दर्जा मिल गया। पर इसके लिए कमरों का निर्माण नहीं कराया जा सका। जिसके कारण विद्यालय का संचालन मध्य विद्यालय के भवन में ही हो रहा है। छात्र छात्राओं की संख्या के अनुपात में कमरों की संख्या कम रहने के कारण छात्र छात्राओं को पठन पाठन के कार्य में भारी परेशानी होती है। सिर्फ आठ कमरे में ही मध्य विद्यालय तथा उच्च माध्यमिक विद्यालय का कार्यालय सहित संचालन किए जाने का काम किया जा रहा है। जो शिक्षकों के लिए काफी असहज महसूस हो रहा है। पूर्व से निर्मित कमरे भी पूरी तरह से जीर्ण-शीर्ण हो चुका है। जहां हमेशा ही खतरा का अंदेशा बना रहता है। बाउंड्री वाल नहीं होने के कारण विद्यालय परिसर में आवारा पशुओं तथा असमाजिक तत्वों का आना जाना लगा रहता है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि खास कर लड़कियों की सुरक्षा के मद्देनजर विद्यालय में बाउंड्री बाल बहुत ही आवश्यक है। साथ ही बाउंड्री वॉल नहीं होने से अगर बगल के किसानों द्वारा विद्यालय की भूमि का अतिक्रमण भी कर लिया गया है। इसके लिए ग्रामीणों द्वारा कई बार विभागीय अधिकारियों से आग्रह भी किया गया, पर आज तक बात नहीं बन सकी। लिहाजा विद्यालय परिसर पूरी तरह से असुरक्षित बना हुआ है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


