Nawada News: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी : सर्वार्थ सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र के दुर्लभ संयोग में होगा पूजन

हिन्दुस्तान, नवादा
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Nawada News: भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि पर मनाया जाने वाला श्रीकृष्ण जन्मोत्सव इस बार विशेष आध्यात्मिक उत्साह लेकर आ रहा है। इस वर्ष सर्वार्थ सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र का अद्भुत मेल हो रहा है। नवादा के मंदिरों में विशेष तैयारियां शुरू हो गई हैं। श्रद्धालु उपासना और व्रत रख रहे हैं।

Nawada News: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी : सर्वार्थ सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र के दुर्लभ संयोग में होगा पूजन

Nawada News: भाद्रपद मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि यानी 04 सितम्बर को मनाया जाने वाला श्रीकृष्ण जन्मोत्सव इस बार विशेष आध्यात्मिक उत्साह लेकर आ रहा है। इस वर्ष की जन्माष्टमी पर एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है, जिसे ज्योतिष शास्त्र में बेहद फलदायी माना गया है। इस वर्ष जन्माष्टमी पर सर्वार्थ सिद्धि योग और रोहिणी नक्षत्र का अद्भुत मेल हो रहा है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, द्वापर युग में भगवान श्री कृष्ण का जन्म जिस तिथि, नक्षत्र और योग में हुआ था, ठीक वैसा ही दुर्लभ संयोग इस बार बन रहा है। इस योग में की गई पूजा-अर्चना और व्रत से साधक को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है तथा जीवन के तमाम कष्ट दूर होते हैं। स्थानीय ज्योतिषचार्यों का कहना है कि यह संयोग विशेष रूप से संतान प्राप्ति, सुख-समृद्धि और मानसिक शांति के लिए अत्यंत उत्तम है। नवादा के प्रसिद्ध मंदिरों विशेषकर गोवर्धन मंदिर सहित जिले के तमाम ठाकुरबाड़ियों में इस विशेष पर्व को लेकर तैयारियां जोर-शोर से शुरू हो गई हैं। अनेक ठाकुरबाड़ियों में पांच दिवसीय झूलनोत्सव की तैयारियों को शिद्दत से अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसको लेकर खासा उत्साह अभी से ही छाया हुआ है। ​

शुभ संयोग और ग्रहों की स्थिति से अति शुभदायी है जन्माष्टमी

शहर के ज्योतिषाचार्य पंडित धर्मेन्द्र झा ने बताया कि ​नवादा और इसके आसपास के क्षेत्रों के लिए मध्यरात्रि पूजा यानी निशिता काल का सबसे सटीक मुहूर्त का ध्यान रख कर श्रद्धालु पूजन करें, यह बेहद फलदायी साबित होगा। उन्होंने बताया कि ​अष्टमी तिथि का प्रारम्भ 03 सितंबर को दोपहर बाद से हो जाएगा, जबकि ​अष्टमी तिथि का समापन 04 सितंबर की शाम तक हो जाएगा। ​निशिता काल अर्थात मध्यरात्रि पूजा मुहूर्त 03 सितंबर की रात 11:58 बजे से 12:44 बजे तक है, जिसकी कुल अवधि 46 मिनट है। ​रोहिणी नक्षत्र का प्रवेश 03 सितंबर की देर रात से होगा। ​भगवान श्री कृष्ण का जन्म मध्यरात्रि 12:00 बजे हुआ था, इसलिए 03 सितंबर की रात 11:58 से 12:44 के बीच का समय बाल गोपाल के जन्मोत्सव, अभिषेक और आरती के लिए सबसे श्रेष्ठ माना गया है। पंडित धर्मेन्द्र झा ने बताया कि ​जो श्रद्धालु इस दिन व्रत रख रहे हैं, वे सुबह स्नान कर हाथ में जल और तिल लेकर व्रत का संकल्प लें। दिनभर फलाहार करते हुए सायंकाल में भगवान श्री कृष्ण की मूर्ति या चित्र को झूले में विराजमान करें। मध्यरात्रि के शुभ मुहूर्त में बालगोपाल का अभिषेक कर उन्हें नए वस्त्र, मुकुट और बांसुरी धारण कराएं। तत्पश्चात आरती कर प्रसाद वितरित करें और अगले दिन पारण समय पर व्रत खोलें। ​

नवादा के मंदिरों में अभी से दिखने लगा है खास उत्सव

जन्माष्टमी को लेकर नवादा शहर के साथ-साथ वारिसलीगंज, हिसुआ, रजौली और पकरीबरावां समेत जिले के विभिन्न प्रखंडों के मंदिरों में विशेष भव्यता की तैयारी अभी से जारी है। श्रद्धालुओं के लिए जगह-जगह झांकियां सजाई जा रही हैं। ​विशेष महाअभिषेक के तहत मध्यरात्रि 12 बजे मंदिरों में ढोल-नगाड़ों, शंखध्वनि और जय कन्हैया लाल की के जयघोष के साथ कान्हा का दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से पंचामृत स्नान कराया जाएगा। भगवान को 56 भोग के साथ विशेष रूप से धनिया की पंजीरी और माखन-मिश्री का प्रसाद अर्पित किया जाएगा। पर्व के दौरान मंदिरों में उमड़ने वाली भीड़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और मंदिर कमेटियों द्वारा सुरक्षा, प्रकाश और दर्शन की विशेष व्यवस्था की जा रही है। (नवादा से राजेश मंझवेकर)

आपके प्रश्नों के उत्तर

जन्माष्टमी कब मनाई जा रही है?
जन्माष्टमी 04 सितम्बर को मनाई जा रही है।
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