भवन विहीन इंटर विद्यालय में छात्रों को हो रही है परेशानी
पकरीबरावां के ढोढ़ा गांव में महंत गणेशदत्त पुरी इंटर विद्यालय वर्षों से भवन विहीन है। 2019 में इंटर का दर्जा मिलने के बावजूद कोई भवन निर्माण नहीं हुआ। छात्रों की पढ़ाई एक कमरे में कई कक्षाओं के साथ चल रही है। अभिभावक और ग्रामीण भवन निर्माण की मांग कर रहे हैं।

पकरीबरावां, निज संवाददाता पकरीबरावां प्रखंड के ढोढ़ा गांव स्थित महंत गणेशदत्त पुरी राजकीयकृत इंटर विद्यालय वर्षों से भवन विहीन है। वर्ष 2019 में इंटर विद्यालय का दर्जा मिलने के बावजूद अब तक भवन निर्माण नहीं हो सका है। मजबूरी में विद्यालय का संचालन मात्र दो छोटे कमरों में किया जा रहा है, जिनमें एक कार्यालय और दूसरा स्टाफ रूम के रूप में उपयोग हो रहा है। बताया गया कि करीब आठ वर्ष पूर्व विद्यालय परिसर में दो कमरों का एक प्रयोगशाला भवन बनाया गया था, लेकिन भवनों की कमी के कारण उसी में छात्रों की पढ़ाई कराई जा रही है। विद्यालय में एक हजार से अधिक छात्र-छात्राएं नामांकित हैं, जबकि कुल 28 शिक्षक एवं शिक्षिकाएं कार्यरत हैं।
पर्याप्त कक्षाओं के अभाव में शिक्षण कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। प्रभारी प्रधानाध्यापक दिलीप कुमार ने बताया कि भवन की समस्या से शिक्षा विभाग को कई बार अवगत कराया गया है। विद्यालय की भौतिक आवश्यकताओं को ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर भी नियमित रूप से अपडेट किया गया है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। कक्षाओं की कमी के कारण एक ही कमरे में कई वर्गों के छात्रों को पढ़ना पड़ता है। विद्यालय की जर्जर व्यवस्था को लेकर विधान परिषद में एमएलसी अशोक यादव ने प्रश्न उठाया था। उन्होंने शिक्षा विभाग से शीघ्र भवन निर्माण कराने की मांग की थी। इसके बावजूद अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई है। मुखिया प्रतिनिधि चंद्रमा यादव ने बताया कि भवन निर्माण को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी से कई बार मुलाकात की गई है और जनप्रतिनिधियों के माध्यम से भी प्रयास जारी हैं। कमरे के अभाव में पठन-पाठन हो रहा प्रभावित स्कूल में कमरों के अभाव में बच्चों का पठन-पाठन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। आलम यह है कि एक ही कमरे में कई वर्ग के छात्र एक साथ बैठकर पढ़ने को विवश हो रहे हैं। अभिभावकों का भी कहना है कि इस प्रकार की पढ़ाई महज छलावा साबित हो रही है। एक ही कमरे में कई कक्षाओं के विद्यार्थी बैठ कर पढ़ेंगे तो उन्हें क्या समझ में आएगा। लोगों ने बच्चों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त संख्या में कमरों का निर्माण कराने की मांग की है। विद्यालय भवन नहीं होने से छात्रों के साथ-साथ अभिभावकों में भी रोष है। उनका कहना है कि इंटर स्तरीय विद्यालय होने के बावजूद बुनियादी सुविधाओं का अभाव बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। बारिश के दिनों में पढ़ाई लगभग ठप हो जाती है। यदि शीघ्र भवन निर्माण नहीं हुआ तो बढ़ती नामांकन संख्या के बीच शिक्षा की गुणवत्ता पर गंभीर असर पड़ेगा। स्थानीय ग्रामीणों और विद्यालय प्रबंधन समिति ने सरकार व शिक्षा विभाग से जल्द विद्यालय भवन स्वीकृत कर निर्माण कार्य शुरू कराने की मांग की है। कुछ दिन पूर्व सांसद ने भी विद्यालय का जायजा लिया। उन्होंने विद्यालय भवन के निर्माण का आश्वासन भी दिया।
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