समस्याओं के मकड़जाल में फंसे हैं रोह प्रखंड के निवासी
रोह। निज प्रतिनिधिचहुंओर विकास की गूंज के बीच रोह प्रखंड क्षेत्र की जनता आज भी समस्याओं के मकड़जाल में फंसी हुई है। करीब दो लाख आबादी दर्जन भर से अधिक बड़ी समस्या से जूझने को मजबूर है।

रोह। निज प्रतिनिधि चहुंओर विकास की गूंज के बीच रोह प्रखंड क्षेत्र की जनता आज भी समस्याओं के मकड़जाल में फंसी हुई है। करीब दो लाख आबादी दर्जन भर से अधिक बड़ी समस्या से जूझने को मजबूर है। समस्याओं की लंबी फेहरिस्त में सबसे ऊपर है, रोह का अनुमंडल कार्यालय एवं रजिस्ट्री ऑफिस रजौली में रहना। प्रखंड निर्माण के तीस साल बाद भी इस बड़ी समस्या का समाधान नहीं हो सका है। रोह का अनुमंडल एवं रजिस्ट्री कार्यालय रजौली में रहने से प्रखंड की करीब दो लाख आबादी मुसीबतों का सामना कर रही है। अनुमंडल अथवा रजिस्ट्री कार्यालय के काम के लिए लोगों को 50-60 किमी सफर तय करके रजौली जाना पड़ रहा है।
जबकि रोह से महज 15 किमी की दूरी पर नवादा अनुमंडल एवं रजिस्ट्री कार्यालय स्थित है। रोह बाजार में राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा एवं एटीएम नहीं है। लिहाजा सरकारी कर्मियों को वतन एवं सेवानिवृत पेंशन धारकों को पेंशन राशि की निकासी के लिए नवादा जाना पड़ता है। किसी भी बैंक का एटीएम नहीं लगने से प्रखंड क्षेत्र के एटीएम कार्ड धारकों को रुपए की निकासी करने में परेशानी होती है। लोगों को बैंकिंग सेवा के समुचित लाभ से महरूम होना पड़ रहा है। रोह प्रखंड के किसी भी बाजार में सार्वजनिक शौचालय, यूरिनल एवं पेयजल की व्यवस्था नहीं है। जिससे बाजार आने वाले ग्रामीणों को काफी दिक्कत होती है। महादलित बस्ती अजयनगर एवं दुल्म बिगहा पक्की सड़क से नहीं जुड़ सकी है। कई वार्डों में नल जल योजना नहीं पहुंच सकी है। कई ऐसे भी वार्ड हैं, जागना नल जल योजना का सही तरीके से क्रियान्वयन नहीं हो सका है। शौचालय योजना का लाभ शत प्रतिशत गरीबों को नहीं मिल सका है। आवास योजना के लाभ से दर्जनों वास्तविक गरीब वंचित हैं। कृषि आधारित रोह प्रखंड के अधिकांश हिस्से में किसान परंपरागत सिंचाई की समस्या से जूझ रहे हैं। सिंचाई सुविधा के अभाव में सैकड़ों हेक्टेयर उपजाऊ जमीन परती रह जाती है। लिहाजा भारी संख्या में किसान वर्ग के लोग खेतीबारी के बजाय दूसरे प्रदेशों में काम करने चले जाते हैं। प्रखंड क्षेत्र में दर्जनों राजकीय नलकूप बेकार पड़े हैं। किसानों की चिरप्रतीक्षित मांग 52 गांवों को सींचने वाली रजाइन पइन व उसकी शाखा-उप शाखाओं को मॉडल के रूप में विकसित करने और अपर सकरी जलाशय निर्माण को पूरा करने की दिशा में कोई कदम नहीं उठाया गया। इन दोनों योजना को मूर्त रूप दे दिया जाय तो रोह प्रखंड की धरती हरी-भरी हो जाएगी। मजदूरों को गांव में ही काम मिलने लगेगा। बेरोजगारी की समस्या का एक हद तक समाधान हो जाएगा। शिक्षा एवं चिकित्सा की बेहतर व्यवस्था नहीं रोह प्रखंड में शिक्षा एवं चिकित्सा की बेहतर व्यवस्था नहीं है। रोह में बालिका उच्च विद्यालय अथवा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नहीं है। सरकार की योजना के अनुसार प्रखंड क्षेत्र के सभी पंचायतों में उच्चतर माध्यमिक विद्यालय तो हैं। लेकिन बालिकाओं की पढ़ाई के लिए रोह प्रखंड क्षेत्र में एक भी बालिका इंटर विद्यालय नहीं है। लिहाजा छात्राओं को सामान्य विद्यालयों में ही पढ़ाई करनी पड़ रही है। रोह प्रखंड क्षेत्र में तकनीकी शिक्षा के लिए कोई संस्थान नहीं है। जिसके कारण इस इलाके के युवक तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने में पिछड़े हुए हैं। रोह प्रखंड क्षेत्र की अधिकांश आबादी बेहतर चिकित्सा व्यवस्था के लाभ से महरूम है। प्रखंड मुख्यालय रोह में प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र है। जहां इलाज की बहुत ही सीमित सुविधा उपलब्ध है। रूपौ में वर्षों से एपीएचसी खोलने की मांग हो रही है। इसके अलावा भट्टा में भी एपीएचसी की मांग की जा रही है। ताकि बड़ी आबादी को सरकारी चिकित्सा सुविधा का लाभ मिल सके।
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