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लॉकडाउन में भी लाल हो रही सड़कें,22 दिनों में 16 मौत

हिन्दुस्तान टीम,नवादाNewswrap
Mon, 31 May 2021 02:40 PM
लॉकडाउन में भी लाल हो रही सड़कें,22 दिनों में 16 मौत

नवादा। अरविन्द कुमार रवि

सड़क दुर्घटनाओं का पर्याय बन चुकीं नवादा की सड़कें लॉकडाउन में भी लाल हो रही हैं। लॉकडाउन के दौरान 22 दिनों के भीतर नवादा में 16 लोगों की जानें विभिन्न सड़क दुर्घटनाओं में जा चुकी हैं। 08 मई से 29 मई के बीच जिले में कम से कम 13 जानलेवा सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की जा चुकी हैं। इनमें से 06 सड़क दुर्घटनाएं एनएच 31 पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र से अकबरपुर थाना क्षेत्र के करीब 15-20 किलोमीटर के दायरे में घटी हैं। इनमें 07 लोगों की जानें जा चुकी हैं। शेष अन्य घटनाएं विभिन्न थाना क्षेत्रों में घटीं। यह आंकड़ा लॉकडाउन अवधि का है, जब वाहनों का आवगमन काफी हद तक प्रतिबंधित है। नेशनल हाईवे (एनएच) से लेकर स्टेट हाईवे (एसएच) तक की सड़कों पर वाहनों का परिचालन आम दिनों की तुलना में कम है। इसके बावजूद सड़क दुर्घटनाओं का जारी रहना नवादा को सड़क दुर्घटनाओं के मामले में बेहद संगीन साबित करता है। इन सबके पीछे का मूल कारण लापरवाही व मोटर वाहन अधिनियम का उल्लंघन के अलावा सड़कों की जर्जर हालत मानी जाती रही है।

जुर्माना भी नहीं चढ़ा सका बाइकर्स के सिर पर हेलमेट

लॉकडाउन अवधि में जिले भर में तकरीबन आठ लाख रुपये वाहनों से विभिन्न मोटर वाहन अधिनियम के तहत जुर्माना के रूप में वसूल किये गये। इनमें सबसे अधिक तकरीबन 70 फीसदी जुर्माना बाइकर्स से वूसले गये व इनके वाहनों का चालान काटा गया। इसका मूल कारण बिना हेलमेट लगाये सफर करना था। परंतु क्या मजाल कि बाइकर्स के सिर पर हेलमेट चढ़ जाए। एक नहीं कई बार जुर्माना भरने के बावजूद बाइकर्स ने हेलमेट लगाना नहीं सीखा,जबकि सड़क दुर्घटनाओं में बाइकर्स के जान गंवाने का एक प्रमुख कारण हेलमेट नहीं लगाना माना जाता रहा है।

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक ग्राफ गिरा

सरकारी आंकड़ों के मुताबिक जिले में सड़क दुर्घटनाओं में उतरोत्तर कमी आ रही है और पिछले साल दुर्घटनाओं का ग्राफ 18 फीसदी नीचे आया। आंकड़े बताते हैं कि 2019 की तुलना में 2020 में सड़क दुर्घटनाओं में करीब 18 फीसदी की कमी आयी। 2020 में जिले भर में 204 सड़क हादसे दर्ज किये गये। इनमें 153 लोगों की जानें गईं तथा 182 लोग गंभीर रूप से घायल हुए। वहीं 2019 में सितम्बर तक 125 लोगों की जानें जा चुकी थीं, जबकि 2020 में सितम्बर तक 103 लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हुई। 2019 में जनवरी से मार्च तक 41 मौतें हुई, जबकि 2020 में 35 की। 2019-20 में अप्रैल से जून के बीच यह आंकड़ा 45-27 तथा जुलाई से सितम्बर के बीच 37-43 का रहा।

जांच कमेटी को है जायजा के निर्देश

सड़क दुर्घटनाओं की जांच के लिए जिले में जांच कमेटी का गठन किया गया है। इनमें डीटीओ व डीएसपी के अलावा सड़क निर्माण एजेंसी के इंजीनियर शामिल हैं। इनका काम तीन से अधिक सड़क दुर्घटनाओं वाले स्पॉट की जांच करना, ब्लैक स्पॉट के रूप में चिह्नित करना और दुर्घटनाओं के कारणों का पता लगाकर इसका निवारण करना है। जांच कमेटी संबंधित थाने में दुर्घटना की प्राथमिकी का भी अवलोकन करती है और सरकार को संबंधित रिपोर्ट भेजती है।

सड़क सुरक्षा समिति लेती है जायजा

जिला सड़क सुरक्षा समिति की साल भर में चार बार यानि त्रैमासिक बैठक होती है। डीएम इस कमेटी के अध्यक्ष होते हैं, जबकि डीटीओ सदस्य सचिव। इनके अलावा एसपी, सिविल सर्जन तथा कई विभागों के इंजीनियर व अन्य अधिकारी भी इस कमेटी में शामिल हैं। इसका काम जिले में हो रही सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम करना है। इसके लिए सड़कों पर डिवाइडर, प्रतीक चिह्न तथा सड़कों की मरम्मत आदि के समय समय पर निर्देश दिये जाते हैं। हर तीन माह पर इसकी रिपोर्ट राज्य सड़क सुरक्षा समिति को भेजी जाती है।

आपदा प्रबंधन देता है मुआवजा

सड़क दुर्घटनाओं के मामले में आपदा प्रबंधन विभाग मुआवजा देता है। इसके तहत सड़क दुर्घटनाओं में मृत लोगों के परिजनों को चार लाख तक के मुआवजे का प्रावधान है। इसके लिए प्राथमिकी व पोस्टमार्टम रिपोर्ट सहित अन्य प्रक्रिया पूरा करना होता है। दुर्घटना के तत्काल बाद बीडीओ द्वारा पारिवारिक लाभ के तहत 20 हजार व मुखिया द्वारा कबीर अंत्येष्टि के तहत 03 हजार दिये जाने का प्रावधान है।

वर्जन

लॉकडाउन में भी वाहनों का परिचालन हो रहा है। मालवाहक गाड़ियों पर रोक नहीं है। ई-पास के आधार पर निजी गाड़ियां भी चल ही रही हैं। दुर्घटनाओं का कारण ओवरस्पीडिंग, लापरवाही, नियमों का उल्लंघन, ओवरलोडिंग आदि है। हेलमेट व सीट बेल्ट नहीं लगाने से भी लोगों की जानें जा रही हैं। असावधानी व गैर अनुभवी चालकों के कारणों भी दुर्घटनाएं हो रही हैं। इसे रोकने के लिए सड़क सुरक्षा समिति निर्णय लेती है। आपदा प्रबंधन से मुआवजे का प्रावधान है। दुर्घटनाओं में शिकार लोगों को थर्ड पार्टी इंश्योरेंस के तहत बीमा कम्पनियों से लाभ दिलाने पर सरकार विचार कर रही है।

अभ्येन्द्र मोहन सिंह, डीटीओ, नवादा।

लॉकडाउन अवधि में हुए दुर्घटनाओं पर एक नजर-

08 मई

अकबरपुर में ट्रक व ट्रैक्टर की टक्कर में ट्रैक्टर ड्राइवर की मौत हो गयी। घटना एनएच 31 पर सुबह थाना क्षेत्र के केन्दुआ मोड़ के समीप घटी। मृतक लवकुश कुमार रजौली थाने के अमावां पूर्वी पंचायत के लक्ष्मी बिगहा गांव के छोटेलाल राजवंशी का बेटा था। वह लक्ष्मी बिगहा गांव से ट्रैक्टर पर ईंट लोड कर फतेहपुर जा रहा था। टक्कर से ट्रैक्टर पलट गया,जिससे उसकी मौत हो गयी।

14 मई

नवादा- हिसुआ स्टेट हाईवे 08 पर पुलिस लाइन के समीप डम्पर से कुचलकर बाइक पर सवार एक महिला की मौत हो गयी। घटना सुबह 11 बजे घटी। मृतका 19 वर्षीया सुलेखा देवी गोविन्दपुर थाना क्षेत्र के बघौर गांव के छोटेलाल चौधरी की पत्नी थी। घटना के वक्त वह बाइक से अपने पति व छह माह की एक बच्ची के साथ गया के तुंगी-गोविन्दपुर स्थित अपने मायके जा रही थी।

18 मई

अकबरपुर में सड़क हादसे में एक महिला की मौत घटनास्थल पर ही हो गयी। घटना एनएच 31 पर थानाक्षेत्र के रामदेव मोड़ के समीप घटी। मृतका कोसमा रूपौ थाना क्षेत्र के शहनवाज की पत्नी थीं। घटना के वक्त वह अपने पति के साथ बाइक से अपने मायके रजौली जा रही थी। इसी बीच सामने से आ रहे एक टैंकर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। घटना में शहनवाज को भी गंभीर चोटें आई।

20 मई

पकरीबरावां में ऑटो से गिरकर वृद्ध की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। घटना नवादा- जमुई पथ पर मेघीपुर गांव के समीप घटी। मृतक 60 वर्षीय द्वारिका चौहान हिसुआ थाना क्षेत्र के करना पर गांव का रहने वाला था। वह अपने एक रिश्तेदार से मिलने पकरीबरावां थाना क्षेत्र के पिपरा पोखर गांव जा रहा था। इस बीच मेघीपुर के पास वह गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई।

20 मई

सिरदला में ऑटो से गिर जाने से एक युवक की मौत हो गयी। घटना सिरदला थाना क्षेत्र के परना डाबर मोड़ के समीप 19 मई की रात घटी। 20 मई को सिरदला पीएचसी में इलाज के क्रम में युवक की मौत हो गयी। मृतक रविकांत राजवंशी उर्फ जिबु थाना क्षेत्र के झरना गांव के रामावतार राजवंशी का बेटा बताया जाता है। बारात जाने के क्रम में वह ऑटो से नीचे सड़क पर गिर पड़ा।

21 मई

नवादा में एनएच 31 पर सवारी वाहन से कुचलकर एक महिला की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। घटना सुबह करीब पांच बजे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के अमौनी गांव के समीप घटी। मृतका 29 वर्षीया सुकरी देवी नारदीगंज थाना क्षेत्र के डोमावर गांव के सुधीर कुमार की पत्नी थी। घटना के बाद ड्राइवर वाहन छोड़कर भाग निकला। मौके पर पहुंची पुलिस ने वाहन जब्त कर लिया।

21 मई

नवादा में अज्ञात वाहन से कुचलकर साइकिल सवार एक युवक की घटनास्थल पर ही मौत हो गयी। घटना एनएच 31 पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के पकड़िया मोड़ के समीप सुबह करीब 11 बजे घटी। मृतक 19 वर्षीय बिट्टू कुमार मुफस्सिल थाना क्षेत्र की सीमा से सटे नालंदा जिले के गिरियक थाना क्षेत्र के तख्तरोजा खरांट गांव के स्व. लखन महतो का बेटा बताया जाता है।

21 मई

हिसुआ में डीजे की ट्रॉली लेकर आ रहे टैक्टर से कुचलकर एक युवक की मौत हो गयी। घटना भदसेनी-बुधौल पथ पर घटी बतायी जाती है। मृतक शंभु मांझी पर्वत पुरूष दशरथ मांझी संस्था के संस्थापक कपिलदेव मांझी का बड़ा बेटा था। जानकारी के मुताबिक 20 मई को शंभु मालती गांव बारात में गया था। बारात से लौटने के क्रम में घटना हुई। हिसुआ थाने में मामला दर्ज कराया गया।

21 मई

काशीचक में अज्ञात वाहन की टक्कर दो बाइक सवारों समेत तीन की मौत हो गयी। घटना देर शाम काशीचक प्रखंड की शाहपुर ओपी के लेंबुआ बगीचा के समीप घटी। मृतक नीतीश कुमार व मुकेश कुमार शेखपुरा के देवले गांव के रहने वाले थे। दोनों बाइक से वारसलीगंज के बलवापर शादी में भाग लेने जा रहे थे। जबकि वारसलीगंज जमुआवां के नागेश्वर शर्मा की मौत भाग रहे वाहन से कुचलने से हो गयी।

22 मई

कौआकोल में अज्ञात वाहन से कुचलकर एक युवक की मौत हो गयी। घटना रात करीब 09 बजे पकरीबरावां-कौआकोल मुख्य पथ पर जोगाचक गांव स्थित बुढ़वा बाबा के समीप घटी। मृतक 24 वर्षीय चुन्नू रविदास जोगाचक गांव के रोहन रविदास का बेटा था। वह सरौनी गांव से पैदल अपने घर आ रहा था। इसी दौरान सामने से आ रहे एक वाहन ने उसे कुचल दिया,जिससे घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गयी।

22 मई

वारिसलीगंज में ट्रैक्टर पलटने से उसके नीचे दबकर ट्रैक्टर ड्राइवर की मौत हो गयी। घटना शाम 06:30 बजे चकवाय गांव के समीप स्थित गौसपुर मोड़ पर घटी। मृतक 28 वर्षीय सुनील कुमार चकवाय गांव के सुरेश महतो का बेटा था। वह अपने निजी ट्रैकटर से मिट्टी की ढुलाई कर रहा था। इसी बीच ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया,इंजन के नीचे दबकर उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गयी।

29 मई

नवादा में ट्रक व वैन की आमने-सामने की टक्कर में वैन के चालक समेत दो लोगों की मौत हो गयी। घटना शनिवार की सुबह एनएच 31 पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नहर पर इलाके में घटी। मृतकों में कादिरगंज ओपी के पड़िया गांव के स्व. नथुनी प्रसाद का बेटा सुखदेव चौहान और हजारीबाग जिले के बड़का गांव थाना क्षेत्र के गोदलपुरा गांव के फेकन महतो का बेटा बहादुर कुमार शामिल थे।

29 मई

नवादा में एनएच 31 पर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के नहर पर इलाके में अज्ञात वाहन से कुचलकर एक युवक की मौत हो गयी। घटना शाम करीब आठ बजे घटी। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। मृतक की उम्र 25 वर्ष के करीब थी। आशंका जतायी गई कि किसी अज्ञात वाहन ने उसे कुचल दिया,जिससे घटनास्थल पर ही युवक की मौत हो गयी।

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