नवादा में खाद्य सामग्री महंगी, गृहणियों का बजट बिगड़ा
नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव का असर अब नवादा की धरती पर भी साफ दिखने लगा है। नवादा जिले के मुख्य बाजारों मेन रोड, पुरानी बाजार, विजय बाजार और गोला...

नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। वैश्विक स्तर पर चल रहे युद्ध और भू-राजनीतिक तनाव का असर अब नवादा की धरती पर भी साफ दिखने लगा है। नवादा जिले के मुख्य बाजारों मेन रोड, पुरानी बाजार, विजय बाजार और गोला रोड सरीखे सभी प्रमुख बाजारों में अचानक खाद्य सामग्री से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामानों तक की कीमतों में उबाल आ गया है। पिछले दो हफ्तों के भीतर घरेलू बजट में 15 से 20 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आम आदमी की कमर टूट रही है। कई मायनों में बढ़ोत्तरी हालात के असर के कारण है, लेकिन आमजनों की सोच है कि इसकी आड़ में दुकानदारों की मनमानी भी जारी है।
ऐसे में, नवादा जिला प्रशासन और आपूर्ति विभाग के लिए यह समय चुनौतीपूर्ण साबित हो रहा है। बाजार में कालाबाजारी को रोकने और कीमतों पर लगाम कसने के लिए सख्त निगरानी की आवश्यकता है। यदि युद्ध के हालात लंबे समय तक बने रहे, तो मध्यम और निम्न आय वर्ग के परिवारों के लिए गुजारा करना मुश्किल हो जाएगा। चावलों के दाम में बड़ी उछाल से परेशानी नवादा के किराना मंडियों में चावल की कीमतों में अप्रत्याशित उछाल देखा जा रहा है। जिले में बाहर से आने वाले प्रीमियम और सुगंधित चावल की कीमतों में 05 रुपये से 12 रुपये प्रति किलो तक की वृद्धि हुई है। जो बासमती चावल पहले 95-100 रुपये किलो बिक रहा था, वह अब 110-115 रुपये के पार पहुंच गया है। आम खपत वाला चावल भी महंगा हो गया है। सीता और मंसूरी जैसे मध्यम वर्गीय परिवारों की पसंद वाले चावल में भी प्रति क्विंटल 300 से 400 रुपये की तेजी आई है। व्यापारियों का कहना है कि डीजल की कीमतों में अस्थिरता और निर्यात नीतियों में बदलाव के कारण सप्लाई चेन प्रभावित हुई है। मसाले और डिब्बाबंद खाद्य पदार्थों पर महंगाई का असर रसोई का जायका बिगड़ चुका है। मसालों की कीमतों ने गृहणियों का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। खास तौर पर जीरा, धनिया और काली मिर्च जैसी बुनियादी चीजों के दाम बढ़ गए हैं। इस कारण अब रसोई के स्वाद में कमी आ गयी है। बहुत ही हिसाब-किताब के साथ गृहिणियां रसोई संभाल रही हैं। नहीं चाहते हुए भी खींचतान की स्थिति से गुजरना पड़ रहा है। रसोई की आम खींचतान को डिब्बाबंद खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों ने भी कष्टकारी बना रखा है। बिस्कुट, घी और पैकेट बंद स्नैक्स आदि पर भी कंपनियों ने या तो कीमतें बढ़ा दी हैं या वजन कम कर दिया है। नवादा के थोक विक्रेताओं के अनुसार, कच्चे माल की कमी और पैकेजिंग कॉस्ट बढ़ने से आने वाले दिनों में कीमतें और बढ़ सकती हैं। इलेक्ट्रॉनिक और इलेक्ट्रिक बाजार में करंट युद्ध की स्थिति ने चिप और सेमीकंडक्टर की सप्लाई को प्रभावित किया है, जिसका सीधा असर नवादा के इलेक्ट्रॉनिक शोरूम्स पर दिख रहा है। फ्रिज, एसी और वॉशिंग मशीन की कीमतों में 8% से 12% तक की बढ़ोतरी शुरू हो गई है। लोहा, तांबा और एल्युमीनियम के दाम बढ़ने से पंखे और केबल भी महंगे हो गए हैं। इधर, मोबाइल और गैजेट्स की कीमतों में भी वृद्धि देखी जा रही है। स्मार्टफोन के नए स्टॉक नई कीमतों के साथ आ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि लैपटॉप और कंप्यूटर पार्ट्स की कीमतों में पिछले 10 दिनों में 2000 से 5000 रुपये तक का अंतर आया है। नवादा के व्यापारी और आम जनता संशय में गोला रोड के थोक व्यवसायी पंकज साव बताते हैं कि युद्ध की खबरों के कारण ट्रांसपोर्टेशन में अनिश्चितता है। स्टॉक कम आ रहा है और जो आ रहा है वह महंगी दरों पर मिल रहा है। वहीं, शहर स्थित पार नवादा शहर की रहने वाली उमा देवी कहती हैं कि पहले जो राशन 5000 रुपये में आता था, अब उसके लिए 6500 रुपये कम पड़ रहे हैं। युद्ध कहीं भी हो, जेब हमारी कटती है। ------------------------- विभिन्न सामग्रियों के पुराने व नए दाम: सामग्री पुराना दाम (औसतन) नया दाम (औसतन) वृद्धि (%) चावल बासमती ब्रांडेड 95/किलो 110-115/किलो 15 प्रीमियम मंसूरी चावल 48/किलो 54-56/किलो 12 प्रीमियम आटा 36/किलो 42/किलो 16 मसाले जीरा 600/किलो 720-750/किलो 20 धनिया 140/किलो 175-180/किलो 25 काली मिर्च 850/किलो 980-1050/किलो 18 डिब्बा बंद/रिफाइंड तेल 135/लीटर 155-160/लीटर 15 घी (ब्रांडेड) 620/लीटर 680-700/लीटर 10 इलेक्ट्रॉनिक स्मार्टफोन 15,000 16,500 10 रेफ्रिजरेटर (फ्रिज) 18,000 20,000 11 पंखे और केबल 1,500 1,700 13
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