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संकट : दिन में लू का कहर और रात में उमस वाली गर्मी की मार

बिहार में 10 जून तक मानसून का प्रवेश हो जाता है, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है। विगत कुछ वर्षों के ट्रेंड के मुताबिक नवादा जिले में 15 जून तक मानसून का प्रवेश माना जाता...

संकट : दिन में लू का कहर और रात में उमस वाली गर्मी की मार
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हिन्दुस्तान टीम,नवादाThu, 13 Jun 2024 02:45 PM
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नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता।
बिहार में 10 जून तक मानसून का प्रवेश हो जाता है, लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हो सका है। विगत कुछ वर्षों के ट्रेंड के मुताबिक नवादा जिले में 15 जून तक मानसून का प्रवेश माना जाता है। लेकिन अब तक की मानूसन की स्थिति के बाद से यह अनुमान लगाया जा रहा है कि कम से कम दो दिन विलम्ब से ही इसका प्रवेश हो पाएगा। यह स्थिति किसानों के लिए परेशान करने वाली है। इस बीच, गर्मी का आलम यह है कि दिन भर हीट वेव और उमस की अधिकता से लोग हलकान हैं जबकि रातों को भी उमस से हाल बेहाल है। दिन ही नहीं रात में भी भीषण गर्मी से जनजीवन बेहद प्रभावित है। शुष्क गर्म पछुआ और तपती धरती के असर से रात में भी गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। नवादा जिला लगातार चौथे दिन हीटवेव की चपेट में रहा। इस बार मानसून के समय से पूर्व आने का मौसम पूर्वानुमान था लेकिन वर्तमान में यह गलत साबित हो चुका है। इस बीच, सामान्य से पांच डिग्री अधिक तक पहुंच कर 43.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान और 31.6 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान बुधवार को दर्ज किया गया।

अभी राहत के नहीं हैं आसार, परेशानी रहेगी बरकरार

अभी राहत के आसार नहीं हैं। लोगों की परेशानी अगले दो दिनों तक बरकरार रहने का मौसम पूर्वानुमान है। कृषि मौसम वैज्ञानिक रौशन कुमार ने मौसम की अद्यतन जानकारी देते हुए बताया कि विगत 24 घंटे के दौरान जिले में शुष्क मौसम बना रहा। गर्मी तपाती रही। उमस ने परेशान रखा। सर्वाधिक अधिकतम तापमान प्रदेश के दक्षिण पश्चिम और दक्षिण मध्य भाग में रहा। आगामी 24 घंटे के दौरान प्रदेश के दक्षिणी मध्य भाग के कई जगहों पर उष्ण लहर का प्रकोप जारी रह सकता है। तापमान में थोड़ी गिरावट दो दिनों के बाद ही संभावित है। अभी तक के प्राप्त मौसमीय मॉडल के अनुसार, एक ट्रफ लाइन कम दबाव का क्षेत्र और चक्रवातीय परिसंचरण समुद्र तल से 0.9 किलोमीटर पर पूर्व उत्तर प्रदेश से बिहार होते हुए बंगाल, असम और नागालैंड तक फैली हुई है। इस कारण, बिहार में मानसून अब तक प्रवेश नहीं कर सका है। मानसून आने के सामान्य तिथि बिहार में 10 जून तक होती है। उम्मीद है कि मानसून की परिस्थितियां सुधरने का इंतजार जल्द ही खत्म होगा। अभी भी मानसून उप हिमालय पश्चिम बंगाल में ही आकर रुका है। जब तक पछुआ कमजोर नहीं पड़ेगी तब तक मानसून आने का अनुमान नहीं है। मानसून की बारिश होने पर ही राहत मिल सकेगी। 14 जून के बाद संभवत: राहत मिल सकती है। उल्लेखनीय है कि भीषण गर्मी को लेकर मौसम विभाग ने सावधानी बरतने का अलर्ट जारी कर रखा है। नवादा में गुरुवार तक ऑरेंल अलर्ट जबकि इसके बाद दो दिनों बाद तक येलो अलर्ट रहने की आशंका है।

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