
ठंड से बीमार पशुओं के इलाज के लिए एमवी यूनिट तैनात
नवादा में पशुपालन विभाग ने इस साल सर्दी में पशुओं की सुरक्षा के लिए तैयारी शुरू कर दी है। सभी 38 पशु अस्पतालों में दवा और उपकरणों का स्टॉक किया जा रहा है। बीमार पशुओं के इलाज के लिए मोबाइल वेटनरी यूनिट को तैनात किया गया है। पशुपालकों से भी सतर्क रहने की अपील की गई है।
नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। इस साल सर्दी में कड़ाके की ठंड व शीतलहर से पशुओं के बचाव के लिए पशुपालन विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। जिले में संचालित सभी 38 पशु अस्पतालों में दवा व उपकरणों का स्टॉक किया जा रहा है। प्रखंड स्तर पर तैनात सभी मोबाइल वेटनरी यूनिट की तैनाती की गई है। सूचना मिलते ही तुरंत स्पॉट पर पहुंचने और बीमार पशुओं के इलाज शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। बीमार मवेशियों के इलाज के लिए सभी मोबाइल वेटनरी वाहनों में दवा सहित सभी जरूरी उपकरण की भरपूर आपूर्ति कर दी गई है। जरूरत पड़ने पर मांग के अनुसार दवा और उपकरणों की आपूर्ति करने के निर्देश भी स्थानीय अस्पतालों को दिए गए हैं।
जानकारी के अनुसार ठंड के मौसम में पशु कोल्ड डायरिया, सर्दी, जुकाम, हीट वेव सहित कई खतरनाक बीमारियों की चपेट में आ जाते हैं। इन रोगों के लगने से बीमार पशुओं में दस्त, उठने-बैठने में दिक्कत और तेज बुखार होने लगता है। इससे वे खाना-पीना भी छोड़ देते हैं। कई बार समय पर इलाज नहीं होने से पशुओं की मौत भी हो जाती है। ऐसे में पशुपालन विभाग बीमार पशु के इलाज की व्यवस्था करने में जुट गया है। ठंड के मौसम में पशुओं में शरीर की गर्मी बनी रहे, इसके लिए सभी अस्पतालों में एनर्जेटिक गुड़, खल्ली, मिनरल पाउडर और दवा की भरपूर आपूर्ति की गई है। बीमार पशुओं के इलाज में लापरवाही बरतने वाले डॉक्टरों और कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के निर्देश भी जारी किए गए हैं। पशुपालकों से सतर्कता बरतने की अपील विभाग ने पशुपालकों से ठंड से मवेशियों को बचाने की अपील की है। जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ.दीपक कुमार कुशवाहा ने बताया कि ठंड से पशुओं को बचाने के लिए सुबह और शाम उन्हें बाहर नहीं बांधना चाहिए। पशुओं के बैठने वाली जगह पर पुआल बिछाना जरूरी है। उनके रहने वाली जगह पर हवा न पहुंचे, इसके भी इंतजाम करने चाहिए। पशुओं को चट्टी के बोरे से ढंककर रखना ठंड के मौसम में बेहद लाभकारी है। सुबह-शाम पशुओं को नहलाने से परहेज करना चाहिए और चरने के लिए दोपहर का समय सही होता है। दोपहर में धूप में बांधना भी सर्दी के समय उनके स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। इसके साथ ही उन्होंने विभागीय एडवायजरी जारी करते हुए सभी पशुपालकों से सचेत रहने को कहा है ताकि पुशधन की क्षति नहीं उठानी पड़े। वर्जन : ठंड व शीतलहर से पशुओं को बचाने की तैयारी अभी से ही शुरू कर दी गई है। ठंड जनित रोग से निबटने के लिए जिले में संचालित सभी 38 पशु अस्पतालों में दवा व उपकरणों के स्टॉक करने को कहा गया है। पशुपालकों की एक सूचना पर मोबाइल वेटनरी यूनिट के माध्यम से पशुओं के लिए चिकित्सा सुविधा उपलब्ध करायी जाएगी। -डॉ. दीपक कुमार कुशवाहा, जिला पशुपालन पदाधिकारी, नवादा।

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