पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना जरूरी
शहर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में चार चरणों में आयोजित सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को किया गया। 197 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने प्रशिक्षण में भाग लिया, जिसका उद्देश्य उन्हें डिजिटल तकनीक, कंप्यूटर संचालन, साइबर जागरूकता, और आधुनिक सूचना प्रबंधन प्रणाली से दक्ष बनाना था।

शहर स्थित जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में चार चरणों में आयोजित सूचना प्रौद्योगिकी आधारित प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन शुक्रवार को किया गया। प्रशिक्षण में 197 प्रशिक्षु पुलिसकर्मियों ने उपस्थिति दर्ज कराई। प्रशिक्षण का उद्देश्य पुलिस प्रशिक्षुओं को डिजिटल तकनीक, कंप्यूटर संचालन, साइबर जागरूकता, ऑनलाइन कार्यालयीय कार्य प्रणाली एवं आधुनिक सूचना प्रबंधन प्रणाली से दक्ष बनाना था।
प्रशिक्षण की सामग्री
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान प्रशिक्षुओं को कंप्यूटर के मूलभूत ज्ञान, इंटरनेट एवं ई-मेल संचालन, डिजिटल दस्तावेज प्रबंधन, ऑनलाइन रिपोर्टिंग प्रणाली, साइबर सुरक्षा, डेटा संरक्षण तथा विभिन्न आईटी आधारित प्रशासनिक कार्यों का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण सत्रों में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा आधुनिक तकनीकी दक्षताओं को सीखने में गहरी रुचि दिखाई। संस्थान के प्राचार्य फैयाज़ आलम ने कहा कि वर्तमान समय में पुलिस व्यवस्था को तकनीकी रूप से सशक्त बनाना अत्यंत आवश्यक है।
प्रशिक्षण का महत्व
सूचना प्रौद्योगिकी का प्रभावी उपयोग पुलिस प्रशासन को अधिक पारदर्शी, त्वरित एवं जनोन्मुखी बनाता है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता एवं दक्षता को नई दिशा प्रदान करेंगे। कार्यक्रम में उपस्थित पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि बदलते समय में पुलिस बल के लिए तकनीकी ज्ञान अनिवार्य हो गया है। साइबर अपराधों की बढ़ती चुनौतियों के बीच आईटी आधारित प्रशिक्षण पुलिसकर्मियों को आधुनिक अपराध नियंत्रण एवं अनुसंधान में अधिक सक्षम बनाएगा। उन्होंने प्रशिक्षण के सफल संचालन के लिए डायट के प्रयासों की सराहना की।
प्रशिक्षण की विधि
व्याख्याता राकेश कुमार ने कहा कि प्रशिक्षण कार्यक्रम को सहभागिता पूर्ण एवं व्यवहारिक बनाने का विशेष प्रयास किया गया, ताकि प्रशिक्षु प्राप्त ज्ञान का उपयोग अपने दैनिक प्रशासनिक एवं व्यावसायिक कार्यों में प्रभावी रूप से कर सकें। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल शिक्षण सामग्री, प्रोजेक्टर आधारित प्रस्तुतीकरण तथा व्यावहारिक गतिविधियों का उपयोग किया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के संकाय सदस्य डॉ नीतीश रंजन एवं तकनीकी शिक्षक सहयोगियों राकेश कुमार एवं अलोक कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही। कार्यक्रम के समापन अवसर पर प्रशिक्षुओं ने प्रशिक्षण को अत्यंत उपयोगी एवं ज्ञानवर्धक बताया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के तकनीकी प्रशिक्षण आयोजित किए जाने की अपेक्षा व्यक्त की। (नवादा से शशि भूषण पाठक)
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