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1 अक्तूबर, 2020|3:24|IST

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मित्रवत व्यवहार कर पीड़ित बच्चे को न्याय देना ही उद्देश्य

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उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति संजय करौल ने बाल मित्र न्यायालय का ऑनलाइन उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने पाक्सो एक्ट, न्यायालय के प्रावधान और उदेद्श्य की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि पीड़ित बच्चे के साथ मित्रवत व्यवहार करते हुए उसे न्याय देना ही इस न्यायालय का उद्देश्य है।

उन्होंने यह भी कहा कि नवादा का बाल मित्र न्यायालय एक मॉडल न्यायालय होगा। पूरे भारत में इस न्यायालय का अनुशरण किया जा सकगा। वहीं न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह, अश्विनी कुमार, अमानुद्दीन अमानुल्लाह, शिवाजी पांडेय सहित कई अन्य न्यायमूर्ति ने भी कानून व प्रकिया पर बातें कहीं। कार्यक्रम में जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजेश नारायण सेवक पांडेय, न्यायिक पदाधिकारी जितेन्द्र कुमार पांउेय, राजेश कुमार, समीर कुमार, संतोष कुमार तिवारी, प्रमोद कुमार पंकज, शशिकांत ओझा, अरविन्द कुमार सिंह, मृत्युंजय सिंह, सत्य प्रकाश शुक्ला, अशोक कुमार गुप्ता, संजीव कुमार राय, अमित कुमार पांडेय, प्रवीण कुमार सिंह, अनिल कुमार राम, कुमार अविनाश, अरविन्द कुमार गुप्ता, सहायक निदेशक जिला बाल संरक्षण ईकाई अंशु कुमारी, बाल संरक्षण पदाधिकारी प्रवीण कुमार, मुकेश कुमार, सहित लोक अभियोजक, सरकारी वकील व अन्य वकील उपस्थित थे।

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  • Web Title:Objective is to give justice to the victim child by behaving friendly