बच्चों के समग्र विकास की नींव को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है पोषण पखवाड़ा
नवादा जिले में पोषण पखवाड़ा का आठवां संस्करण चल रहा है। इसका उद्देश्य समाज के सभी वर्गों में पोषण जागरूकता फैलाना और कुपोषण को समाप्त करना है। जिला पदाधिकारी ने गर्भवती महिलाओं और बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया है। यह कार्यक्रम 23 अप्रैल तक चलेगा।

पोषण पखवाड़ा के आठवें संस्करण का आयोजन जिले भर में व्यापक रूप से जारी है। इस अभियान का उद्देश्य समाज के प्रत्येक वर्ग तक पोषण संबंधी जागरूकता पहुंचाना, कुपोषण की समस्या को जड़ से समाप्त करना तथा स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण करना है। 23 अप्रैल तक यह आयोजन होना है। इसी क्रम में बुधवार को समाहरणालय सभाकक्ष, नवादा में जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा पोषण पखवाड़ा के अंतर्गत संचालित गतिविधियों की विस्तृत समीक्षा की गई तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए। बैठक के दौरान जिला पदाधिकारी ने कहा कि इस वर्ष पोषण पखवाड़ा का मुख्य थीम जीवन के पहले 6 वर्ष में मस्तिष्क का विकास है, जो बच्चों के समग्र विकास की नींव को सुदृढ़ करने पर केंद्रित है।
उन्होंने निर्देश दिया कि गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं तथा 0-6 वर्ष तक के बच्चों के पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल एवं प्रारंभिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाए। जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों को निर्देशित करते हुए कहा कि विभागीय गतिविधि कैलेंडर के अनुसार सभी कार्यक्रमों का समयबद्ध एवं प्रभावी संचालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही प्रत्येक गतिविधि की ऑनलाइन/पोर्टल पर अनिवार्य रूप से प्रविष्टि (एंट्री) की जाए, ताकि राज्य स्तर पर प्रगति की सतत निगरानी संभव हो सके। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा करते हुए सिविल सर्जन को निर्देश दिया गया कि सभी आंगनबाड़ी केंद्रों एवं स्वास्थ्य संस्थानों पर संचालित एएनसी जांच की नियमित एवं शत-प्रतिशत प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। उन्होंने यह भी कहा कि गर्भवती महिलाओं की समय-समय पर स्वास्थ्य जांच एवं पोषण संबंधी परामर्श में कोई शिथिलता न बरती जाए। जीविका के अंतर्गत डीपीएम को निर्देशित किया गया कि जीविका दीदियों के माध्यम से गांव-गांव में पोषण व्यंजन प्रदर्शनी, पोषण रैली तथा घर-घर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाए। विशेष रूप से महिलाओं को परिवार में भोजन के दौरान प्राथमिकता देने एवं संतुलित आहार अपनाने के लिए प्रेरित किया जाए।शिक्षा विभाग की समीक्षा करते हुए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) को निर्देश दिया गया कि विद्यालयों में चेतना सत्र, अभिभावक बैठक एवं अन्य गतिविधियों के माध्यम से बच्चों एवं अभिभावकों को पोषण संबंधी जानकारी दी जाए तथा इन गतिविधियों की नियमित प्रविष्टि सुनिश्चित की जाए। जिला पदाधिकारी ने प्रभारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी को निर्देश दिया कि सोशल मीडिया, प्रिंट एवं इलेक्ट्रॉनिक मीडिया तथा प्रेस विज्ञप्तियों के माध्यम से पोषण पखवाड़ा से संबंधित गतिविधियों का व्यापक प्रचार-प्रसार करना सुनिश्चित करें। इसके अतिरिक्त अन्य सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय स्थापित कर सामूहिक रूप से अभियान को सफल बनाने का निर्देश दिया गया। जिला प्रशासन द्वारा आमजन से अपील की गई है कि वे इस पोषण पखवाड़ा में सक्रिय सहभागिता निभाएं तथा संतुलित आहार, स्वच्छता एवं स्वास्थ्य संबंधी व्यवहारों को अपने दैनिक जीवन में अपनाएं, ताकि कुपोषण मुक्त एवं स्वस्थ समाज का निर्माण किया जा सके। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, प्रभारी जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस), जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (शिक्षा) सहित विभिन्न विभागों के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। (नवादा से राजेश मंझवेकर)
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