एनएच 20 पर छोटे-बड़े वाहन हो रहे पार्क पर कार्रवाई नहीं
नवादा जिले से गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग 20 इन दिनों हादसों का हाईवे बनती जा रही है। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और असमय जा रही जानों के मद्देनजर सरकार और प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया और...

नवादा जिले से गुजरने वाली राष्ट्रीय राजमार्ग 20 इन दिनों हादसों का हाईवे बनती जा रही है। लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं और असमय जा रही जानों के मद्देनजर सरकार और प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया और एनएच किनारे से हर प्रकार के अतिक्रमण और वाहनों की अवैध पार्किंग को हटाने का निर्णय लिया गया, लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं है। आपके अखबार हिन्दुस्तान ने जब इसकी पड़ताल की तो एनएच-20 के विभिन्न हिस्सों में छोटे से लेकर बड़े वाहन तक पार्क किए गए हैं। नवादा शहर के सद्भावना चौक से लेकर बुधौल बस पड़ाव और रजौली की ओर जाने वाले एनएच-20 के किनारों पर अतिक्रमण का जाल बिछा हुआ है।
सबसे बदतर स्थिति सद्भावना चौक और इसके आसपास समेत मस्तानगंज तथा अकौना की तरफ जाने वाले रास्ते में देखने को मिलती है। यहां नियमानुसार गाड़ियों की आवाजाही के लिए छोड़ी गई सड़क की पटरियों (फ्लैंक) पर बड़े-बड़े ट्रकों, डंपरों और अनियंत्रित तरीके से बसों की अवैध पार्किंग कर दी गई है। दिन के उजाले में तो जैसे-तैसे वाहन यहां से निकल जाते हैं, लेकिन रात होते ही यह इलाका डेथ जोन में तब्दील हो जाता है। हाईवे के किनारे बिना किसी इंडिकेटर या रिफ्लेक्टर के खड़े भारी वाहन अंधेरे में काल बनकर खड़े रहते हैं। पिछले कुछ महीनों में नवादा जिले में हुए अधिकांश सड़क हादसों के पीछे यही अवैध पार्किंग सबसे बड़ी वजह बनकर सामने आई है, जहां पीछे से आ रहे बाइक सवार या छोटे वाहन इन खड़े ट्रकों से टकरा जाते हैं। स्थानीय लोगों का दर्द: रोज डर-डर कर जीते हैं एनएच-20 के किनारे स्थित बुधौल बस पड़ाव के पास रहने वाले एक अस्पताल से जुड़े धर्मेन्द्र कुमार और व्यवसायी संघ से जुड़े होटल संचालक राजेश्वर कुमार ने अपना दर्द बयां करते हुए कहा कि यहां स्थिति इतनी खराब है कि पैदल चलना भी दूभर है। ट्रकों के गैरेज और ढाबा संचालकों ने हाईवे को ही अपनी निजी जागीर समझ लिया है। गाड़ियां इस तरह सड़क घेर कर खड़ी होती हैं कि मुख्य सड़क संकरी हो जाती है। जब हम विरोध करते हैं, तो ट्रक चालक और असामाजिक तत्व विवाद पर उतारू हो जाते हैं। कभी-कभी प्रशासन आता है, जुर्माना लगाता है और चला जाता है। उनके जाते ही स्थिति फिर जस की तस हो जाती है। हम रोज यहां किसी न किसी को लहूलुहान होते देखते हैं। सिर्फ इतना ही नहीं, अवैध पार्किंग के कारण एनएच के किनारे अवैध रूप से झोपड़ियां, मवेशियों के खटाल और निर्माण सामग्री (बालू, गिट्टी) गिराकर भी अतिक्रमण किया गया है, जो सीधे तौर पर हादसों को निमंत्रण दे रहा है। प्रशासन की जिम्मेदारी की है सख्त जरूरत इस पूरे मामले पर जब नवादा के स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकार के निर्देशों के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, एनएच-20 को पूरी तरह से अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए एक विशेष कार्ययोजना तैयार की गई है। एनएच किनारे अवैध रूप से वाहन खड़े करने वाले ट्रक और बस मालिकों पर न सिर्फ भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि बार-बार नियम तोड़ने पर वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई भी होगी। इसके साथ ही, हाईवे के किनारे से सभी अवैध ढाबों, दुकानों और मवेशी खटालों को हटाने के लिए नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। (नवादा से राजेश मंझवेकर)
कृपया अपने अनुभव को रेट करें
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।


