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Hindi News बिहार नवादान कोई हिन्दू और न मुसलमान...बाबा की दर पर मन्नत मांगने उठे हाथ

न कोई हिन्दू और न मुसलमान...बाबा की दर पर मन्नत मांगने उठे हाथ

वारिस पिया के अनुयाई व महान संत महंतबाबा की 63 वीं पुण्यतिथि समारोह के दूसरे दिन मंगलवार को भी पाण्डेय गंगौट गांव स्थित मड़ही में महान सूफी संत महंतबाबा की समाधि की पूजनोत्सव को लेकर साधु संतों एवं...

न कोई हिन्दू और न मुसलमान...बाबा की दर पर मन्नत मांगने उठे हाथ
हिन्दुस्तान टीम,नवादाWed, 01 Nov 2023 02:00 PM
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कौआकोल। एक संवाददाता
वारिस पिया के अनुयाई व महान संत महंतबाबा की 63 वीं पुण्यतिथि समारोह के दूसरे दिन मंगलवार को भी पाण्डेय गंगौट गांव स्थित मड़ही में महान सूफी संत महंतबाबा की समाधि की पूजनोत्सव को लेकर साधु संतों एवं श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ती रही। बाबा की दरबार में मन्नतें मांगने तथा मन्नतें पूरी होने पर महंत बाबा एवं नंदबाबा की समाधि पर माथा टेकने वालों की काफी भीड़ है।

महंत बाबा एवं नंदबाबा की समाधि पर पूजन व अर्चना करने वाले श्रद्धालु मंगलवार को भी कतारबद्ध होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। सभी बारी बारी से समाधि की पूजा अर्चना करने के बाद माथा टेक दरबार से निकल रहे हैं। खास कर इस वार्षिकोत्सव पूजा समारोह में महिला श्रद्धालुओं की उपस्थिति अधिक रही। मन्नतें पूरी होने पर खस्सी(बकरे) की बलि चढ़ाने, मुंडन कराने तथा प्रसादी चढ़ाने वालों की लम्बी लम्बी कतारें लगी रही। इस समारोह को लेकर ग्रामीणों में उत्साह का माहौल देखते ही बन रहा था। क्या अमीर और क्या गरीब सभी एक ही रंग और राग में मस्त नजर आ रहे थे। वह झलक रहा था तो सिर्फ व सिर्फ मानवता और समानता का भाव। सभी एक दूसरे की मदद और सहायता के अपनी हाथ बढ़ा रहे थे। इस वार्षिकोत्सव समारोह में हिन्दू, मुस्लिम, सीख तथा ईसाई, बच्चे, बूढ़े, पुरुष एवं महिलाएं सभी समान रूप से एक ही रंग में सराबोर हैं। यहां दूसरे प्रांतों तथा दूर दराज के इलाकों से आए श्रद्धालुओं, वारसी धर्माम्बलंबियों एवं आगंतुकों से पूरा गांव तथा इलाका पटा हुआ है। वहीं मड़ही परिसर में विभिन्न तरह की मनोरंजन के साधन जैसे नाच गाना, मेला, कठघोड़ा, बच्चों का रेल, मिठाई तथा खिलौने की दुकान, चाट, गुपचुप की दुकानें आदि लगी हुई है।

रात दिन चलता रहा वारसी व सूफी भजन का दौर

दोनों दिन वारसी व सूफी भजनों का दौर दिन रात चलता रहा। कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक भजन पेश किए गए। विभिन्न प्रदेशों से आये कलाकारों द्वारा एक से बढ़कर एक सूफी भजन, गजल, वारसी भजन पेश किये गये। कार्यक्रम की शुरुआत सबसे पहले वारसी व सूफी भजन प्रसिद्ध कलाकार अजय कुमार द्वारा वारिस पिया, महंत बाबा व नंदबाबा की समृति में भजन पेशकर किया गया। सूफी भजन के एवं गजल के गायक अजय उर्फ पप्पू पाण्डेय के साथ तबला पर राजेंद्र सिंह एवं उपेन्द्र शर्मा ने संगत करते हुए लोगों को खूब मनोरंजन किया। पूजा समारोह की सफलता में सारंगधर मोहन, पूर्व जिप सदस्य नारायण स्वामी मोहन, चंद्रमौली सिंह, रामचंद्र सिंह, अनुज प्रसाद, शुभांकर कुमार, शिवशंकर सिंह, मुकेश कुमार वारसी के आदि लोग लगे रहे।

चितौड़ की रानी नाटक का किया गया मंचन

कौआकोल। महंत बाबा की 63 वीं पुण्यतिथि के अवसर पर आयोजित मड़ही पूजा के दरम्यान आगंतुक मेहमानों के मनोरंजन के लिए पाण्डेय गंगौट में चितौड़ की रानी नामक नाटक का मंचन किया गया। नाटक मंचन के दरम्यान कलाकारों द्वारा चितौड़ की रानी की विरासत और वीरता एवं पराक्रम से दर्शकों को अवगत कराने का काम करते हुए एक से बढ़कर एक कला दिखाने का काम किया गया। नाटक के दरम्यान हास्य, व्यंग, कविता एवं अन्य तरह की मनोरंजनों के साधनों से कलाकारों ने दर्शकों को लोट पोट कर दिया।

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