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जिले के अधिकांश स्कूलों में ओपन जिम की व्यवस्था नहीं

जिले के अधिकांश स्कूलों में ओपन जिम की व्यवस्था नहीं

संक्षेप:

नवादा जिले के अधिकतर हाई और इंटर स्कूलों में जिम की व्यवस्था नहीं है, जिससे बच्चों की शारीरिक फिटनेस प्रभावित हो रही है। गांधी इंटर स्कूल में जिम है, लेकिन उसका उपयोग कम हो रहा है। छात्रों ने साफ-सफाई की कमी और जिम की अव्यवस्था की शिकायत की है, जबकि आंती इंटर स्कूल में बच्चे जिम का लाभ ले रहे हैं।

Dec 07, 2025 01:18 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नवादा
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नवादा, निज प्रतिनिधि जिले के अधिकतर हाई व इंटर स्कूलों में जिम की व्यवस्था नहीं है। सिर्फ सदर प्रखंड के गांधी इंटर स्कूल व आंती इंटर स्कूल में ओपन जिम की व्यवस्था है। अधिकांश स्कूलों में जिम की व्यवस्था नहीं रहने से बच्चों को शारीरिक फिटनेस एक आम समस्या है बन गई है। स्कूलों में खेल-कूद और शारीरिक शिक्षा के लिए जरूरी सुविधाओं, खासकर जिम जैसी आधुनिक सुविधाओं की कमी है, जो छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए महत्वपूर्ण हैं, जबकि बुनियादी सुविधाओं (जैसे कक्षा, पुस्तकालय, खेल मैदान) का होना आवश्यक माना जाता है। स्कूलों में जिम से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास को बढ़ावा मिलता है, जिससे उनका ध्यान और पढ़ाई में प्रदर्शन सुधरता है, इसलिए यह एक ज़रूरी सुविधा है जिसे स्कूलों को उपलब्ध कराना चाहिए।

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कई स्कूलों में है जगह की कमी जिम उपकरण खरीदना, रख रखाव और जगह बनाना महंगा होता है। कई स्कूल शिक्षा को प्राथमिकता देते हैं और खेल सुविधाओं को कम महत्वपूर्ण मानते हैं। कई स्कूलों में जिम के लिए पर्याप्त जगह नहीं है। जिसके कारण जिम अभी तक हो सकी है। जानकार का मानना है कि जिम से बच्चों की मांसपेशियां, हड्डियां मजबूत होती हैं और हृदय स्वस्थ रहता है। शारीरिक गतिविधि से एकाग्रता बढ़ती है और तनाव कम होता है, जिससे पढ़ाई में मदद मिलती है। व्यायाम से बच्चों में अनुशासन और टीम वर्क की भावना विकसित होती है। गांधी स्कूल में जिम है, पर उपयोग कम शहर के ऐतिहासिक गांधी इंटर स्कूल का जिमखाना है। पर इन दिनों इस जिम में बच्चे कसरत करने कम जाते है। हालाकि गांधी इंटर स्कूल के प्राचार्य गिरिजानंदन प्रसाद ने बताया कि इस जिम में बच्चे कसरत करने आते हैं। यहां के जिमखाना में करीब लाखों रुपये खर्च कर हर तरह के कसरत के समान मंगाए गए थे। बॉडी की तंदुरुस्ती से लेकर रनिग स्पीड बढ़ाने व उनकी मॉनिटरिग के लिए स्पीड मशीन लाया गया था। लेकिन इन दिनों इसका उपयोग कम हो रहा है। बच्चे व खिलाड़ी जिमखाना का लाभ लेने से वंचित हैं। गांधी इंटर स्कूल के छात्रावास में रहने वाले बच्चों से लेकर अन्य खिलाड़ी जिमखाना की बदहाली से निराश हैं। इन बच्चों का कहना है कि यदि जिमखाना की साफ-सफाई कराकर इसे चालू कराया जाता है तो इसका लाभ उन्हें मिल सकता है। शारीरिक शिक्षक संतोष कुमार वर्मा ने बताया कि आंती इंटर स्कूल में जिम का उपयोग बच्चे कर रहे हैं।