Hindi NewsBihar NewsNawada NewsIncreasing Cold in Nawada Leads to Rise in Seasonal Illnesses
जिलेभर में ठंड की मार से मौसम जनित रोगों के मरीज बढ़े

जिलेभर में ठंड की मार से मौसम जनित रोगों के मरीज बढ़े

संक्षेप:

नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। ठंड बढ़ी तो बीमारियों ने दस्तक दे दी है। जिले के लोग इससे बेहद परेशान हैं।

Nov 23, 2025 12:18 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नवादा
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नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। ठंड बढ़ी तो बीमारियों ने दस्तक दे दी है। जिले के लोग इससे बेहद परेशान हैं। नवादा सहित पूरे जिले में बढ़ती जा रही ठंड के कारण मौसमी बीमारियों ने लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। सुबह-शाम गलन बढ़ने से सर्दी, खांसी, बुखार, गले में खराश और बदन दर्द के मरीज अस्पतालों में बढ़ गए हैं। सरकारी अस्पतालों से लेकर निजी क्लीनिकों तक मरीजों की संख्या सामान्य दिनों की तुलना में लगभग दोगुनी हो गई है। डॉक्टरों का कहना है कि मौसम में तेजी से आए बदलाव के कारण बुजुर्ग, बच्चे और पहले से बीमार लोग अधिक संवेदनशील हैं।

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चिकित्सकों ने लोगों को जितना संभव हो गर्म कपड़ों का उपयोग करने, गरम पानी पीने और भीड़भाड़ वाले स्थानों से बचने की सलाह दी है। वहीं, दवा दुकानों पर भी सर्दी-जुकाम की दवाओं की मांग बढ़ गई है। मौसम विभाग के अनुसार ठंड में अभी और इजाफा होने की संभावना है, जिससे एहतियात बरतने की जरूरत और बढ़ गई है। इधर, सदर अस्पताल में सामान्य ठंडजनित बीमारियों के अलावा कोल्ड डायरिया की चपेट में आने वाले मरीज भी पहुंच रहे हैं। इन दिनों सामान्य दिनों की तुलना में 20 फीसदी अधिक मरीज ओपीडी में देखे जा रहे हैं। यूं तो इस मौसम ने सभी को परेशान कर रखा है लेकिन बच्चों की परेशानी काफी बढ़ी हुई है। वर्तमान में प्रतिदिन बढ़ती सर्दी के कारण आउटडोर में कम से कम 5 से 10 केस कोल्ड डायरिया के आ रहे हैं। सदर अस्पताल में खास व्यवस्था यह की गयी है कि इन डायरिया की चपेट में आने वाले बच्चों में कम डीहाईड्रेशन होने के कारण दवा और उचित उपचार के बाद छोड़ दिया जाता है। जबकि अत्यधिक डीहाईड्रेशन है तो उन्हें वार्ड में भर्ती कर लिया जा रहा है। ऐसे बच्चों को स्लाईन चढ़ाने के साथ खास चिकित्सीय सुविधाएं दी जा रही हैं। हालांकि इन बच्चों को एंटीबायोटिक की ज्यादा जरूरत नहीं होती है। इस संबंध में शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ.महेश कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह वायरल इंफेक्शन होता है। इसमें बच्चे अत्यधिक ठंड के कारण चपेट में आ जाते हैं और उन्हें डीहाईड्रेशन की परेशानी होने लगती है। ऐसे बच्चों को आवश्यकता के अनुसार भर्ती कर उपचार किया जाता है। उन्होंने बताया कि इस मौसम में बच्चों को ठंड की परेशानी से बचाए रखने के लिए सावधानी अत्यंत जरूरी है। कोल्ड एक्सपोजर के मामले भी आ रहे लगातार डॉ.महेश कुमार ने बताया कि इन दिनों कोल्ड एक्सपोजन वाले मामले लगातार आ रहे हैं। इनमें मुख्य रूप से सामान्य वायरल इंफेक्शन में अत्यधिक सर्दी, खांसी, कफ और बुखार से पीड़ित बच्चे आ रहे हैं। ऐसे बच्चों को अस्पताल के अंदर बने बच्चा वार्ड में भर्ती कर दिया जाता है और यदि बच्चे डायरिया से पीड़ित हैं तो उन्हें संक्रमण वार्ड में भर्ती कर दिया जाता है। इस प्रकार से बच्चों को उनके बीमारी के अनुरूप उपचार करने की सुविधा है और वार्डों में चिकित्सक के साथ एएनएम उपचार में लगी रहती हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि बच्चों को मां दूध पिलाना न छोड़ें। अक्सर किसी तरह की बीमारी होने या फिर अत्यधिक डीहाईड्रेशन होने के कारण मां बच्चों को दूध पिलाना कम कर देती हैं या फिर बंद कर देती है। ऐसा नहीं किया जाना चाहिए। सर्द मौसम में बच्चों की साफ-सफाई पर पूरा ध्यान दें। खान-पान के समय हाथ को साबुन से धोएं, शौच के बाद साबुन से हाथ धोएं, कपड़ा साफ पहनाएं, गंदगी से बच्चों को दूर रखें। सर्द मौसम में गर्म कपड़ा पहनाकर रखें। सुबह नौ-दस बजे के बाद धूप खिल कर आने पर कमरे से बच्चों को बाहर ले जाएं। खान-पान में इस बात का ध्यान रखें कि खाना बिल्कुल ताजा हो। हाइपोथर्मिया के मामले में भी रखें खास ध्यान डॉ.महेश कुमार ने बताया कि इन दिनों हाइपोथर्मिया संबंधी मामले भी सामने आ रहे हैं। इसमें बच्चे काफी सुस्त पड़ जाते हैं। दूध पीना छोड़ देते हैं। शरीर ठंडा पड़ने लगता है जबकि उल्टी और चिड़चिड़ाहट का लक्षण भी दिखने लगता है। ऐसे में बच्चे की नैपकिन के गीलापन का ध्यान रखते हुए इसे तत्काल बदल देने का खास ध्यान जरूरी है। ऐसी परेशानी में बच्चों को तत्काल चिकित्सक से दिखाने की जरूरत भी होती है। -------------- बुजुर्गों में हंफनी और जोड़ों के दर्द की शिकायत नवादा। ठंड की अधिकता के कारण बुजुर्गों में हंफनी और जोड़ों में दर्द आदि की शिकायत देखने को मिल रही है। ठंड जनित सर्दी, खांसी और चर्म रोग के मरीज भी बहुतायत में पहुंच रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ.बिनोद कुमार चौधरी ने बताया कि सभी दवाइयां उपलब्ध हैं और मरीजों को कोई असुविधा नहीं है। उन्होंने बताया कि सामान्यत: छह सौ के ओपीडी में कम से कम दो सौ मरीज जरूर ठंड जनित बीमारियों से पीड़ित पहुंच रहे हैं। इस बीच, कई मरीजों ने शिकायत की कि उन्हें कुछेक दवाएं बाहर से लेने का सुझाव दिया गया है। अस्पताल प्रबंधन का दावा है कि ऐसा कम ही अवसर आता है क्योंकि फिलहाल ओपीडी की सारी दवाएं उपलब्ध हैं।