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टीबी रोग से मुक्त हुईं नवादा जिले की 19 पंचायतें

टीबी रोग से मुक्त हुईं नवादा जिले की 19 पंचायतें

संक्षेप:

नवादा में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के लिए जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गैर-संचारी रोग, टीबी उन्मूलन, टीकाकरण और परिवार नियोजन कार्यक्रमों की समीक्षा की गई। जिला पदाधिकारी ने स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता और मरीजों की बेहतर देखभाल के लिए आवश्यक निर्देश दिए।

Dec 24, 2025 03:12 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नवादा
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नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। जिला पदाधिकारी रवि प्रकाश की अध्यक्षता में मंगलवार को जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार के उद्देश्य से डीआरडीए सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में गैर-संचारी रोग, टीबी उन्मूलन, टीकाकरण, एचपीवी वैक्सीनेशन, संस्थागत प्रसव, डायरिया नियंत्रण सहित विभिन्न राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की विस्तारपूर्वक समीक्षा की गई। जानकारी दी गई कि जिले की 19 पंचायतें टीबी मुक्त घोषित की जा चुकी हैं। जिला पदाधिकारी द्वारा सभी एमओआईसी एवं प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधकों को निर्देश दिया गया कि मृत्यु उपरांत एम्बुलेंस के माध्यम से ही शवों को घर तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत ईएमटी एवं एम्बुलेंस ड्राइवर का चयन रैंडमाइजेशन के माध्यम से करना सुनिश्चित करें तथा ईएमटी का परीक्षा उपरांत ही लेवल जांच किया जाए एवं अनुभवी ईएमटी के द्वारा ही कार्य संचालित किया जाए।

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जिला पदाधिकारी ने सभी एमओआईसी को निर्देश दिया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करें एवं आने वाले रोगियों की समुचित जांच कर उनका उपचार करें। मरीजों को किसी भी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए अस्पताल में उपलब्ध सभी संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने सभी एमओआईसी को निर्देश दिया कि अस्पताल में मरीजों को अधिक समय तक प्रतीक्षा न करनी पड़े, इसके लिए भव्या ऐप का शत-प्रतिशत उपयोग किया जाए। मरीज को दी जा रही दवाओं की प्रविष्टि भी सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही जिला स्वास्थ्य समिति, नवादा द्वारा परिवार नियोजन कार्यक्रम की भी समीक्षा की गई। बैठक में एनएसवी पखवाड़ा (28 नवंबर से 12 दिसंबर 2025) की प्रगति, एफपीएलएमआईएस नवंबर 2025 रिपोर्ट, शून्य परिवार नियोजन सेवा रिपोर्टिंग करने वाले स्वास्थ्य संस्थानों तथा परिवार नियोजन सामग्रियों की उपलब्धता की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि एफपीएलएमआईएस में समय पर एवं शुद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित करें तथा शून्य रिपोर्टिंग वाले संस्थानों में सेवाएं सुदृढ़ की जाएं। साथ ही परिवार नियोजन सामग्रियों की कमी को दूर करने हेतु समयबद्ध आपूर्ति एवं बेहतर प्रबंधन पर बल दिया गया। बैठक में यह संकल्प लिया गया कि जिले में परिवार नियोजन सेवाओं की गुणवत्ता, उपलब्धता एवं निगरानी व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जाएगा। मौके पर सिविल सर्जन, नवादा, वेक्टर बॉर्न डिजीज पदाधिकारी, गैर-संचारी रोग पदाधिकारी, संचारी रोग पदाधिकारी, डीपीएम स्वास्थ्य, जिला प्रतिनिधि पीएफआई सहित सभी एमओआईसी, बीएचएम एवं अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे। पुरुष नसबंदी में नवादा सूबे में रहा पांचवे स्थान पर बैठक में पीपीटी प्रेजेंटेशन के दौरान जिला प्रतिनिधि पॉपुलेशन फाउंडेशन ऑफ इंडिया नवीन कुमार पांडेय ने बताया कि पखवाड़ा अंतर्गत पुरुष नसबंदी में नवादा जिला राज्य में पांचवें स्थान पर रहा है। परिवार नियोजन संसाधनों के वितरण में छाया में तीसरा, माला-एन में तीसरा, इमरजेंसी कंडोम में चौथा, कॉपर-टी संस्थापन में सातवां तथा महिला बंध्याकरण में 18वां स्थान प्राप्त किया गया है। इसमें काशीचक प्रथम, वारसलीगंज, रजौली, नारदीगंज, नरहट एवं पकरीबरावां प्रखंडों का उत्कृष्ट प्रदर्शन रहा। पल्स पोलियो अभियान की समीक्षा के क्रम में बताया गया कि पल्स पोलियो अभियान 16 दिसंबर से 20 दिसंबर 2025 तक चलाया गया। उल्लेखनीय है कि भारत के पड़ोसी देशों में पोलियो वायरस के पुनः सक्रिय होने की सूचना के मद्देनज़र संभावित संक्रमण से बचाव हेतु यह अभियान संचालित किया गया। सिविल सर्जन द्वारा सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर चिन्हित उच्च जोखिम गर्भवती महिलाओं की समयबद्ध पहचान, पंजीकरण एवं सतत निगरानी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग आशा कार्यकर्ता, एएनएम एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के साथ समन्वय स्थापित कर कार्य करें। उन्होंने बताया कि प्रत्येक गर्भवती महिला की प्रारंभिक जांच के दौरान यदि कोई जटिलता (उच्च रक्तचाप, एनीमिया, मधुमेह, पूर्व प्रसव जटिलताएं आदि) पाई जाती है, तो उसे एचआरपी के रूप में चिन्हित किया जाए। साथ ही ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर एचआरपी की जानकारी दी जाए एवं संस्थागत प्रसव को बढ़ावा दिया जाए।