होली पर घर लौटने लगे परदेसी लेकिन ट्रेनों में नहीं मिल रहे टिकट

Feb 21, 2026 01:50 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नवादा
share

नवादा में होली पर घर लौटने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दिल्ली-हावड़ा रूट की ट्रेनों में कोई जगह नहीं है, और वेटिंग लिस्ट 500 के पार जा चुकी है। यात्रियों को बिना कन्फर्म टिकट के भी सफर करना पड़ रहा है। रेलवे प्रशासन से विशेष ट्रेनों की मांग की जा रही है।

होली पर घर लौटने लगे परदेसी लेकिन ट्रेनों में नहीं मिल रहे टिकट

नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। होली पर घर आने वाले परेशान हैं। हालत यह है कि पिछले एक पखवाड़े से दिल्ली-हावड़ा रूट और पटना आने वाली तमाम प्रमुख ट्रेनों में नो रूम की स्थिति बनी हुई है। स्लीपर तो दूर, अब तो एसी कोच में भी पैर रखने की जगह नहीं है। सूरत और मुंबई से आने वाली ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट 500 के पार जा चुकी है। कोलकाता और चेन्नई शहरों से आने वाले नवादा के श्रमिक जनरल बोगियों में गेट पर लटककर या टॉयलेट के पास बैठकर सफर करने को विवश हैं। जिनके पास कन्फर्म टिकट नहीं है, वे भारी जुर्माना भरकर भी कोच के फर्श पर बैठकर सफर पूरा कर रहे हैं।

भारी मुसीबत झेल कर लौट रहे लोग यही कहते मिल रहे हैं कि सफर इतना कष्टदायक है कि बयां नहीं कर सकते, पर मां के हाथ के बने पुए और बच्चों की मुस्कान के लिए यह सब मंजूर है। स्पेशल ट्रेनों का इंतजार थका रही प्रवासियों को नवादा जिले के विभिन्न प्रखंडों के लोग दिल्ली, सूरत, मुंबई और चेन्नई जैसे महानगरों में रहते हैं। इस बार यात्रियों को उम्मीद थी कि रेलवे प्रशासन होली की भीड़ को देखते हुए पर्याप्त संख्या में होली स्पेशल ट्रेनें चलाएगा। लेकिन दावों के उलट, स्पेशल ट्रेनों का उचित प्रबंधन न होने से संकट चरम पर पहुंच गया है। नवादा के यात्रियों का कहना है कि किऊल-गया रेलखंड पर ट्रेनों की संख्या पहले से ही सीमित है। ऐसे में मुख्य लाइनों से जुड़ने वाली कनेक्टिंग ट्रेनों में तिल रखने की भी जगह नहीं बची है। नवादा स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों के चेहरों पर थकान तो साफ दिखती है, लेकिन घर पहुंचने की खुशी उस थकान पर पर्दा डाल देती है। एक होली स्पेशल ट्रेन की घोषणा की गयी है, लेकिन अभी इसका इंतजार ही है। तत्काल टिकट बनी एक नामुमकिन हसरत आम दिनों में भी तत्काल टिकट पाना किसी जंग जीतने जैसा होता है, लेकिन होली के सीजन में तो यह बेमानी साबित हो रहा है। साइबर कैफे और रेलवे काउंटरों पर सुबह से ही कतारें लग रही हैं, लेकिन चंद सेकंड के भीतर ही सारी सीटें रिग्रेट दिखाने लगती हैं। दलालों की सक्रियता और सर्वर की धीमी रफ्तार ने आम आदमी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। स्पेशल ट्रेनों की पर्याप्त घोषणा समय पर न होने और पर्याप्त रैक न मिलने के कारण तत्काल का दबाव और बढ़ गया है। होली के एक-दो दिनों तक बनी रहेगी अफरातफरी नवादा जिले में होली का मुख्य उल्लास 04 मार्च और बुढ़वा होली 05 मार्च को मनाया जाना है। ऐसे में इससे एक-दो दिनों पूर्व तक भीड़ का दबाव अपने उच्चतम स्तर पर रहने की संभावना है। केजी रेलखंड की पैसेंजर ट्रेनों में भी इस वक्त भारी दबाव देखा जा रहा है। नवादा स्टेशन पर उतरने वाली हर ट्रेन से भारी उमड़ रही है। रेलवे प्रशासन की ओर से अतिरिक्त सुरक्षा बल तो तैनात किए गए हैं। --------------------- वापसी की राह भी होगी पथरीली नवादा। संकट सिर्फ आने का नहीं है। परदेसियों के जेहन में अभी से यह चिंता सताने लगी है कि होली बीतने के बाद वे वापस अपने काम पर कैसे लौटेंगे? वापसी के लिए भी टिकटों की वही मारामारी शुरू हो चुकी है। कुल मिला कर, नवादा के इन परदेसियों का संघर्ष अभी होली से लेकर होली के बाद तक जारी रहने वाला है। प्रवासीजन निराशा में कहते मिल रहे हैं कि रेलवे समझे कि होली जैसे त्योहार सिर्फ कैलेंडर की तारीखें नहीं, बल्कि प्रवासियों के जज्बात हैं। इसलिए रेल प्रशासन पर्याप्त त्योहार स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था करने में अनदेखी न करे और भविष्य में ऐसे त्योहारों के लिए मांग और आपूर्ति की जरूरत को समझे, ताकि किसी भी प्रवासी को फर्श पर बैठकर या गेट पर लटककर सफर न करना पड़े।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।