हाथियों के झुंड ने गेहूं की फसल को पहुंचाया नुकसान

Mar 02, 2026 04:49 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नवादा
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झारखंड के कौआकोल में 8-10 हाथियों का झुंड गांवों में उत्पात मचा रहा है। हाथियों ने किसानों की गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाया है। ग्रामीणों को सतर्क रहने के लिए ध्वनि विस्तारक यंत्रों द्वारा चेतावनी दी गई है। वन विभाग ने हाथियों को सुरक्षित कॉरिडोर की ओर खदेड़ने का दावा किया है, लेकिन ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है।

हाथियों के झुंड ने गेहूं की फसल को पहुंचाया नुकसान

कौआकोल, एक संवाददाता झारखंड की तरफ से भटक कर 8-10 की संख्या में आए हाथियों के झुंड के द्वारा कौआकोल के जंगली तथा ग्रामीण इलाकों में उत्पात मचाए जाने की खबर लगातार मिल रही है। इन हाथियों द्वारा शनिवार की देर रात में लालपुर के जंगल से निकलकर कई किसानों की खेतों में लगी गेहूं की फसल को नुकसान पहुंचाने का काम किया गया है। जंगल के किनारे के गांव में बसे ग्रामीणों के अनुसार सेखोदेवरा डैम तथा उसके पास हेठली पानी नामक जगह में पानी रहने के कारण इसके आस पास ही हाथियों की झुंड अपना आश्रय स्थापित किए हुए है।

जो दिन में घनघोर जंगलों में प्रवेश कर जाता है तथा रात्रि में जंगल से बाहर निकल कर फसल आदि को क्षति करने का काम करता है। गौरतलब है कि कौआकोल की जंगलों में हाथियों के झुंड के होने की लगातार मिल रही सूचना के बाद क्षेत्र के लोग दहशत में रह रहे हैं। बता दें कि दो माह के अंदर हाथियों द्वारा उपद्रव मचाए जाने की यह चौथी घटना है। 2 दिसंबर एवं 23 फरवरी को भी जंगली हाथियों के झुंड के द्वारा कृषि विज्ञान केन्द्र ग्राम निर्माण मंडल सर्वोदय आश्रम सेखोदेवरा के बाउंड्री वॉल सहित क्षेत्र के भीखोमोह, रानीगदर, रजवरिया, लालपुर तथा पंचम्बा गांव के किसानों की खेतों में लगी सरसों, आलू, चना की फसल सहित साग सब्जियों को भारी नुकसान पहुंचाने का काम किया था। 18 जनवरी को भी प्रखंड के मंझिला की जंगलों में हाथियों की झुंड को देखा गया था। जिसे वन विभाग द्वारा झारखंड की जंगलों में खदेड़ कर पहुंचाने का दावा किया गया था। रेंजर सौरभ शांडिल्य ने बताया कि 8-10 की संख्या में हाथियों के झुंड की लालपुर की जंगल तथा इसके आसपास के क्षेत्रों में पहुंचने की सूचना मिली थी। वन विभाग की टीम के द्वारा उन हाथियों को लालपुर की सीमा से झारखंड की घनघोर जंगलों की तरफ खदेड़ दिया गया है। उन हाथियों को झारखंड के सुरक्षित कॉरिडोर पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। लोगों को किया जा रहा सतर्क ध्वनि विस्तारक यंत्रों के माध्यम से लोगों को सचेत किया गया है कि वे लोग सतर्क रहें । रात को घरों से बाहर नहीं निकलें। विभाग किसी भी अनहोनी से निपटने के लिए अलर्ट है। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि हाथियों का झुंड अभी भी कौआकोल के ही जंगल में मौजूद है। शनिवार को भी लकड़हारों की नजर उन हाथियों पर लालपुर की जंगल में पड़ी है। जिसके बाद वे लोग जंगल से भागकर गांव लौट आए। ग्रामीणों में काफी दहशत का माहौल बना हुआ है। हाथियों के देखे जाने के बाद से अपनी रोजी रोटी के लिए जंगलों से चुन लकड़ी लाने वाले गरीब तबके के लोगों ने जंगल जाना बंद कर दिया गया।

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