गोविंदपुर में हाथियों का आतंक जारी, एक घर को क्षतिग्रस्त किया

हिन्दुस्तान, नवादा
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नवादा के गोविन्दपुर में हाथियों का कहर जारी है। हाल ही में हाथियों ने घरों को नुकसान पहुंचाया है और ग्रामीणों को दहशत में डाल दिया है। पिछले डेढ़ महीने में कई घटनाएं हुई हैं, जिसमें तीन लोग मारे गए हैं। वन विभाग ने मुआवजे के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की है।

गोविंदपुर में हाथियों का आतंक जारी, एक घर को क्षतिग्रस्त किया

नवादा के गोविन्दपुर में हाथियों का कहर जारी है। शनिवार की रात गोविन्दपुर इलाके में फिर से पहुंचे हाथी ने एक घर को नुकसान पहुंचाया। हाथी झारखंड के सतगावां की ओर से होता हुआ कटैया मार्ग से बिशनपुर व माधोपुर पहुंचा। इस दौरान बिशनपुर गांव पहुंचे हाथी ने ग्रामीण सकलदेव प्रसाद यादव के घर के नुकसान पहुंचाया। हाथी ने घर के कई हिस्सों को क्षतिग्रस्त कर दिया और अनाज आदि सामानों को विनष्ट कर दिया। इस दौरान ग्रामीण भागकर अपने अपने घरों में दुबक गये। लोग पूरी रात दहशत में रहे। काफी देर बाद हिम्मत जुटाकर लोग घरों से बाहर निकले और मौके पर पहुंची बांकुड़ा की टीम के साथ मिलकर हाथी को खदेड़ा गया। बताया जाता है कि बांकुड़ा व वन विभाग की टीम ने मिलकर हाथी को आग जलाकर व पटाखे फोड़कर भगाया। रेस्क्यू टीम ने हाथियों का कौआकोल के जंगलों की ओर भगाने की कोशिश की।

डेढ़ माह से गोविन्दपुर में बना है दहशत

पिछले करीब डेढ़ माह से गोविन्दपुर इलाके में दहशत का माहौल कायम है। हाथियों के आने-जाने से ग्रामीणों का जनजीवन पूरी तरह से प्रभावित हो गया है। लोग डर-डर कर जी रहे हैं। जंगल की ओर नहीं जाते हैं। खेतों में अकेले काम करने में लोगों को डर लगता है। जिससे ग्रामीणों का कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहा है। पहली बार हाथी गोविन्दपुर में 27/28 मार्च की रात देखे गये थे। तब हाथियों का एक बड़ा झुंड कौआकोल की ओर से गोविन्दपुर पहुंचा था। झुंड में 26 हाथी शामिल थे। एक हफ्ते के अथक परिश्रम के बाद बांकुड़ा टीम ने उसे रजौली के रास्ते कोडरमा जंगल में शिफ्ट किया। इस दौरान दो हाथी छूट गये। जिन्हें एक हफ्ते बाद कोडरमा जंगल भेजा गया। इसके बाद से एक हाथी झुंड से बिछड़कर बार-बार गोविन्दपुर में आ रहा है। बांकुड़ की टीम उसे भगाने में जुटी है। परंतु हाथी बार-बार कोडरमा जाकर वापस आ जा रहा है।

नुकसान से परेशान हैं गोविन्दपुर के ग्रामीण

गोविन्दपुर के ग्रामीण हाथियों द्वारा किये जा रहे नुकसान से बेहद परेशान हैं। हाथी द्वारा पिछले डेढ़ महीने में एक महिला, एक पुरूष व एक गाय समेत तीन को कुचलकर मार डाला गया है। महिला को माधोपुर व पुरूष को जेटसारी तथा गाय को बिशनपुर के पास हाथियों ने मार डाला था। वहीं इस दौरान करीब दर्जन भर से अधिक घरों को हाथियों ने नुकसान पहुंचाया है। कई घरों का हाथी अनाज या तो पूरी तरह से चट कर गये अथवा उसे पूरी तरह से बर्बाद कर दिया। कई ग्रामीणों के समक्ष खाने के लाले पड़े हैं। लोग वन विभाग के अधिकारियों के निकट आ जा रहे हैं। परंतु अब तक किसी को भी मुआवजा नहीं मिल सका है। यहां तक की मरने वाले लोगों के परिजनों को भी मुआवजा मिलना अभी शेष है।

वन विभाग में देना होगा आवेदन

वन विभाग ने कहा कि क्षतिपूर्ति मुआवजे के लिए नवादा वन विभाग के कार्यालय में एक आवेदन देना होगा। आवेदन के साथ जमीन के स्वामित्व प्रमाण पत्र (जमीन का केवाला व अन्य दस्तावेज) की कॉपी भी देना होगा। इसके अलावा नुकसान का फोटो भी आवेदन के साथ संलग्न करना होगा। साथ ही आवेदन को स्थानीय मुखिया से सत्यापित कराना होगा। आवेदन जमा करने के बाद वन विभाग इसे अपने अधिकारी से वेरिफाई करायेगा। इसके बाद मुआवजे के लिए आवेदन स्वीकृत कर वन विभाग के मुख्यालय भेजा जाएगा। राशि मिलने के बाद इसे तत्काल पीड़ित परिवारों को भुगतान कर दिया जाएगा।

कौआकोल शिफ्ट किये जाएंगे हाथी:डीएफओ

नवादा के वन प्रमंडल पदाधिकारी श्रेष्ठ कुमार कृष्णा ने बताया कि एक हाथी पिछले कुछ दिनों से कोडरमा जाकर फिर वापस लौटकर गोविन्दपुर के माधोपुर, बिशनपुर, जेटसारी आदि गांवों में आ जा रहा है। शनिवार की रात भी हाथी आया था। हाथी का मार्ग डायवर्ट करना जरूरी है। इसे रेस्क्यू कर इस बार कौआकोल जंगल भेजने की योजना बनायी गयी है। जहां से उसे कोडरमा जंगल में शिफ्ट किया जाएगा। रात में उसे कौआकोल भेजने का प्रयास किया गया था। आज भी उसे भेजने की कोशिश की जाएगी। अन्यथा हाथी इस इलाके से पूरी तरह से परिचित हो जाएंगे, तब इन्हें हटाना काफी मुश्किल हो जाएगा।

हाल के दिनों में हाथी द्वारा कारित घटनाएं:

- 28 मार्च को महावरा के समीप हाथियों का झुंड देखा गया। सकरी नदी किनारे पहाड़ी बाबा मजार का मीनार क्षतिग्रस्त किया। फसलों को नुकसान पहुंचाया। - 07 अप्रैल को माधोपुर के बहिराडीह में 61 वर्षीया मुन्ना देवी को हाथियों के झुंड ने कुचलकर मार डाला। कई घरों, गेहूं व गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचाया। - 08 अप्रैल की रात शिवबालक यादव के घर को हाथियों ने क्षतिग्रस्त कर अनाज आदि नष्ट किया। अगले दिन मुआवज को लेकर ग्रामीणों ने सड़क जाम किया। - 28 अप्रैल को माधोपुर के राजेश राजवंशी के घर को हाथियों ने तोड़ा व सामानों को नुकसान पहुंचाया। अगले दिन मुआवजे के लिए ग्रामीणों ने सड़क जाम किया। -01 मई को माधोपुर के आनंद नगर में हाथी ने 58 वर्षीय बच्चू राम की जान ले ली। इस दौरान दो घरों को भी क्षतिग्रस्त किया व अनाज को नुकसान पहुंचाया। - 06 मई को हरनारायणपुर गांव में हाथियों ने केले के बागान को रौंद कर नुकसान पहुंचाया। ग्रामीणों ने वन विभाग के साथ मिलकर हाथियों को जंगल में भगाया। - 07 मई को माधोपुर के शिवबालक यादव के मकान को हाथी ने क्षतिग्रस्त कर अनाज आदि सामान नष्ट किया। अगले दिन विरोध में माधोपुर में जाम किया। (नवादा/गोविंदपुर से अरविंद कुमार रवि/सत्यम राज विक्की)

सामान्य प्रश्न

गोविन्दपुर में हाथियों के कहर से ग्रामीणों को क्या नुकसान हुआ है?
हाथियों के कहर से ग्रामीणों के कई घरों को नुकसान पहुंचा है, अनाज बर्बाद हुआ है, और तीन लोग मारे गए हैं।
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