जिले में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य, दस फीसदी कम हुई खपत
देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बावजूद नवादा जिले में ईंधन की आपूर्ति सामान्य है। हाल के दिनों में कीमतों में वृद्धि के बावजूद, बाजार में ईंधन की सहज उपलब्धता के कारण कुल खपत में कमी आई है। प्रशासन ने ड्रम और खुले बर्तनों में तेल देने की रोक हटा ली है, जिससे ग्राहकों को राहत मिली है।

देशभर में पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़ने के बावजूद नवादा जिले में ईंधन की आपूर्ति सामान्य है। पिछले दिनों अफवाह के बाद खपत बढ़ी थी, लेकिन हाल के दिनों में तीन बार दाम बढ़ने के बाद भी आम दिनों की अपेक्षा खपत में दस फीसदी की कमी आई है। इसका मुख्य कारण जिले के बाजार में ईंधन की सहज और आसान उपलब्धता है। जानकारों के मुताबिक, जब बाजार में किल्लत की अफवाहें उड़ती हैं, तो लोग अपनी जरूरत से ज्यादा तेल खरीदकर स्टॉक करने लगते हैं। पिछले दिनों इसी वजह से नवादा के पंपों पर अचानक भीड़ बढ़ी थी और कुल खपत में 10 फीसदी तक की वृद्धि दर्ज की गई थी। परंतु, अब स्थिति सामान्य होने और कीमतों में उछाल आने के बाद यह अतिरिक्त मांग पूरी तरह खत्म हो गई है। पेट्रोल पंपों पर वाहनों की संख्या तो लगभग पहले जितनी ही है, लेकिन अनावश्यक स्टॉक न किए जाने के कारण कुल खपत में गिरावट आई है और यह अपने पुराने सामान्य स्तर पर आ गई है। स्थानीय पेट्रोल पंप संचालकों से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के पंपों पर अब सामान्य दिनों की तरह ही बिक्री हो रही है। नवादा के एक औसत पेट्रोल पंप पर डीजल 3,000 से 4,000 लीटर और पेट्रोल 4,000 से 5,000 लीटर की बिक्री हो रही है। जो दस दिन पहले क्रमश: 2700 से 3500 और 3500 से 4500 लीटर तक थी।
ईंधन की सहज उपलब्धता से खत्म हुई जमाखोरी
भले ही पिछले दस दिनों में दो बार हुई मूल्य वृद्धि ने जेब पर थोड़ा बोझ बढ़ाया है, लेकिन ग्राहकों का कहना है कि थोड़े अधिक ही सही, लेकिन निर्धारित मूल्य पर तेल आसानी से मिल जाए, इससे बड़ी राहत कुछ नहीं। आपूर्ति शृंखला दुरुस्त हो जाने से कीमतों में बढ़ोतरी के बावजूद, सहज उपलब्धता ने बाजार से डर और जमाखोरी की प्रवृत्ति को खत्म कर दिया है। अब जिला अपने पुराने ढर्रे पर लौट चुका है, जहां ईंधन की खरीद बिना किसी हो-हल्ले और हड़बड़ी के शांतिपूर्ण ढंग से जारी है। सबसे बड़ी राहत उन लोगों को मिली है जो कृषि या अन्य घरेलू कार्यों के लिए डिब्बों में तेल ले जाते हैं। प्रशासन द्वारा पूर्व में टिन, बोतल या ड्रम में पेट्रोल-डीजल देने पर लगाई गई रोक को अब हटा लिया गया है। अब पेट्रोल पंपों पर खुले बर्तनों और ड्रमों में भी आसानी से तेल उपलब्ध कराया जा रहा है। इस ढील के बाद भी बाजारों में जमाखोरी या पैनिक बाइंग यानी डर में जरूरत से ज्यादा खरीदने जैसी कोई नौबत नहीं बन रही है। -------------------- दैनिक ईंधन खपत (लीटर में) व कीमतों में 10 दिनों में वृद्धि (रुपए/लीटर में): ईंधन औसत खपत (प्रति पम्प) पहली वृद्धि दूसरी वृद्धि वर्तमान दर डीजल 3,000 से 4,000 96.43 97.38 100.21 पेट्रोल 4,000 से 5,000 110.42 111.37 114.25 (नवादा से राजेश मंझवेकर)
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