रबी सीजन की उत्पादकता बढ़ाने के सहयोगी बनें किसान
नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता।नवादा जिले के किसानों को आधुनिक खेती की बारीकियों से रूबरू कराने और उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कृषि विभाग आत्मा, नवादा द्वारा एक विशेष...

नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। नवादा जिले के किसानों को आधुनिक खेती की बारीकियों से रूबरू कराने और उन्हें सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से कृषि विभाग आत्मा, नवादा द्वारा एक विशेष अभियान की शुरुआत की गई है। इस क्रम में शुक्रवार को नवादा सदर प्रखंड में आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में किसानों को रबी सीजन की उत्पादकता बढ़ाने में सहयोगी बनने पर जोर दिया गया। इस क्रम में किसानों की जिज्ञासाओं का भी समाधान किया गया। इस क्रम में विशेष रूप से जलवायु अनुकूल कृषि और फसल विविधीकरण पर मंथन किया गया। कृषक गोष्ठी का मुख्य केंद्र जलवायु अनुकूल कृषि रहा।
बदलते मौसम चक्र और कम बारिश की स्थिति में कैसे बेहतर पैदावार ली जाए, इस पर विस्तार से चर्चा की गई। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को पारंपरिक खेती के बजाय फसल विविधीकरण अपनाने की सलाह दी। रबी फसलों पर विशेष ध्यान वर्तमान रबी सीजन को देखते हुए गेहूं, दलहन और तेलहन की उत्पादकता बढ़ाने के लिए उन्नत बीजों के प्रयोग और वैज्ञानिक सिंचाई विधियों का प्रशिक्षण दिया गया। विपणन समस्याओं का समाधान निकाला गया। किसानों को अक्सर फसल का सही मूल्य नहीं मिल पाने की शिकायत रहती है, जिसको लेकर गोष्ठी में विपणन की बाधाओं को दूर करने और तमाम पोर्टल्स के उपयोग पर जानकारी दी गई। विभागीय योजनाओं की दी गई जानकारी गोष्ठी के दौरान कृषि विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं कृषि यंत्रीकरण पर सब्सिडी, प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना और जैविक खेती प्रोत्साहन योजना के बारे में विस्तार से बताया गया। प्रखंड कृषि अधिकारियों ने किसानों को बताया कि कैसे वे इन योजनाओं का लाभ उठाकर अपनी लागत कम कर सकते हैं और मुनाफे को बढ़ा सकते हैं। जिले के कृषि परिदृश्य को बदलने की दिशा में उठाए गए इस पहल के बाद एक ही छत के नीचे तकनीकी प्रशिक्षण, सरकारी योजनाओं की जानकारी और डिजिटल पंजीकरण की सुविधा मिलने से किसानों में काफी उत्साह देखा जा रहा है। जिला कृषि पदाधिकारी अजीत प्रकाश ने कहा कि इस तरह के सीधे संवाद से किसानों और विभाग के बीच की दूरी कम होगी और नवादा कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनेगा। सात प्रखंडों में उमड़ा किसानों का जनसैलाब विशेष अभियान के तहत जिले के विभिन्न प्रखंड मुख्यालयों में एक दिवसीय किसान गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम न केवल किसानों को प्रशिक्षित करने का मंच बना, बल्कि उनकी प्रशासनिक समस्याओं के समाधान का केंद्र भी रहा। अभियान के पहले दिन शुक्रवार को नवादा जिले के सात प्रमुख प्रखंडों नवादा सदर समेत पकरीबरावां, सिरदला, वारिसलीगंज, अकबरपुर, नारदीगंज और रजौली में गोष्ठी आयोजित की गई। इन कार्यक्रमों में सैकड़ों की संख्या में प्रगतिशील और लघु किसानों ने हिस्सा लिया। कृषि वैज्ञानिकों और तकनीकी प्रबंधकों ने किसानों को मिट्टी की सेहत से लेकर बाजार में फसल बेचने तक की पूरी श्रृंखला की जानकारी दी। ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री, अब घर बैठे मिलेगा लाभ इस गोष्ठी की सबसे महत्वपूर्ण कड़ी किसानों का डिजिटल सशक्तीकरण रहा। कार्यक्रम स्थल पर ही विशेष शिविर लगाकर किसानों का ई-केवाईसी और फार्मर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी की गई। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, फार्मर रजिस्ट्री होने से किसानों को भविष्य में बीज, खाद, सब्सिडी और अन्य सरकारी योजनाओं के लिए बार-बार दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। उनके सभी आंकड़े एक यूनिक आईडी के साथ सुरक्षित हो जाएंगे। शेष सात प्रखंडों में आज सजेगी चौपाल आत्मा, नवादा द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, यह अभियान शनिवार 17 जनवरी को भी जारी रहेगा। शनिवार को जिले के शेष सात प्रखंडों हिसुआ, काशीचक, नरहट, रोह, गोविंदपुर, कौआकोल और मेसकौर में किसान गोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। इन प्रखंडों के किसानों से अपील की गई है कि वे अपने आधार कार्ड और बैंक विवरण के साथ प्रखंड मुख्यालय पहुंचें ताकि उनका ई-केवाईसी और फॉर्म रजिस्ट्री का कार्य मौके पर ही निष्पादित किया जा सके। -------- किसानों को मौसम अनुकूल खेती करने का दी गई सलाह रजौली, एप्र। शुक्रवार को रजौली प्रखंड अंतर्गत प्रखंड कृषि कार्यालय में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी इंद्रजीत कुमार के नेतृत्व में किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। इस गोष्ठी के माध्यम से किसानों को मौसम अनुकूल खेती करने का सलाह दी गई। अनुमंडल कृषि पदाधिकारी ने बताया कि मौसम के बदलते परिवेश में किसानों को मौसम के अनुकूल खेती करने की आवश्यकता है। इसके अलावे किसानों को रबी मौसम में होने वाले फसलों के बारे में भी तकनीकी जानकारी दी गई। प्रखंड तकनीकी प्रबंधक राजेश कुमार रंजन के द्वारा आत्मा योजना के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। उनके द्वारा बताया गया कि किसानों के लिए राज्य के अंदर परिभ्रमण एवं प्रशिक्षण तथा राज्य के बाहर परिभ्रमण एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम चलाया जा रहा है। जिन किसान भाइयों को इस कार्यक्रम में भाग लेना है वे प्रखंड तकनीकी प्रबंधक से संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने किसानों के बीच अपना मोबाइल नंबर 62036 29637 शेयर किया है। प्रभारी प्रखंड उद्यान पदाधिकारी शंकर प्रसाद ने विभिन्न प्रकार के योजनाओं के बारे में किसानों को विस्तृत जानकारी दी। मौके पर प्रखंड कृषि पदाधिकारी रौशन कुमार, किसान सलाहकार (आत्मा) के अध्यक्ष मनोज कुमार, सदस्य धनंजय कुमार धन्नू, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक राजेश कुमार रंजन, सहायक तकनीकी प्रबंधक अंशिका, पूजा कुमारी, कृषि समन्वयक रणधीर राम समेत दर्जनों किसान उपस्थित थे।
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