
वारिसलीगंज में मिलर की मनमानी के कारण धान खरीद बाधित
वारिसलीगंज प्रखंड के पैक्स अध्यक्षों ने सहकारिता विभाग की बैठक में लिए गए निर्णयों को मानने से इंकार कर दिया है, जिससे किसानों का धान खरीदना सोमवार से संभव नहीं होगा। किसानों को अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेचना पड़ रहा है, जबकि पैक्स अध्यक्ष अवैध वसूली की समस्या से जूझ रहे हैं।
वारिसलीगंज, निज संवाददाता वारिसलीगंज प्रखंड के पैक्स अध्यक्षों एवं मिलरों के बीच समन्वय स्थापित करने को ले सहकारिता के ज्वाइंट रजिस्ट्रार के नेतृत्व में शनिवार को नवादा में हुई बैठक के निर्णय को वारिसलीगंज के अधिकांश पैक्स अध्यक्ष मानने से इंकार कर दिया है। फलस्वरूप सोमवार से किसानो के धान की खरीदारी नहीं हो सकेगी। पैक्स संघ के जिला उपाध्यक्ष सह अपसढ़ पैक्स अध्यक्ष कौशल किशोर सिंह ने कहा है कि शनिवार की बैठक में सही निर्णय नहीं हुआ था। सिर्फ प्रखंड के सौर एवं मंजौर पैक्स धान खरीद को तैयार हुए हैं। जबकि अन्य 14 पैक्स समन्वय मानने को तैयार नहीं है।
बता दें कि क्षेत्र के किसानों को रबी बुआई के लिए पूंजी की कमी के वजह से किसान अपनी आवश्यकताओं के अनुरूप फसल को व्यापारियों के हाथ औने पौने कीमत पर धान की बिक्री कर रहे हैं। सरकारी निर्देश के अनुसार 15 नवंबर से धान की खरीद शुरू हो जानी थी। लेकिन पैक्स अध्यक्षों का कहना है कि मिलरों द्वारा अवैध वसूली से पैक्स अध्यक्ष को परेशानी होती है। फलतः समस्या का समाधान होने तक पैक्स ने धान खरीदना बन्द कर रखा था। इधर किसान अपने खेतों में ही औने पौने दाम पर अपनी पसीने से उपजाई गई फसल को व्यापारियों के हाथ बेचने को मजबूर है। किसानों का कहना है कि पैसे की आवश्यकता के कारण पैक्स में खरीदारी का इंतजार नहीं कर सकते हैं। जबकि साधारण किस्म के धान बिक्री पर प्रति किण्टल पांच से छह सौ रुपये का प्रत्यक्ष नुकसान हो रहा है। इस बाबत जिला सहकारिता पदाधिकारी आलोक कुमार ने कहा कि शनिवार को पैक्स अध्यक्ष, मिलरों एवं विभाग के ज्वाईंट रजिस्ट्रार की बैठक हुई थी, लेकिन सभी पैक्स उक्त निर्णय को मानने को तैयार नहीं है। फलस्वरूप सोमवार को जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में बैठक बाद खरीदारी संभव हो सकेगी।

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