Hindi NewsBihar NewsNawada NewsFarmers Face Delays in Rice Purchasing at Loharpura PACS Bihar
धान खरीद की सुस्त है रफ्तार, 24 घंटे में नहीं हो रहा किसानों को भुगतान

धान खरीद की सुस्त है रफ्तार, 24 घंटे में नहीं हो रहा किसानों को भुगतान

संक्षेप:

नवादा, हिन्दुस्तान संवाददातामंगलवार का दिन, समय करीब दो बजे। सदर प्रखंड का लोहरपुरा पैक्स पूरी तरह बंद मिला। आसपास के किसानों से जानकारी मिली कि पैक्स अध्यक्ष ने अगले दो-तीन दिनों में खरीदारी शुरू...

Dec 17, 2025 02:37 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नवादा
share Share
Follow Us on

नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता मंगलवार का दिन, समय करीब दो बजे। सदर प्रखंड का लोहरपुरा पैक्स पूरी तरह बंद मिला। आसपास के किसानों से जानकारी मिली कि पैक्स अध्यक्ष ने अगले दो-तीन दिनों में खरीदारी शुरू करने की सूचना दी है। इस बीच वहां मौजूद कुछ किसानों ने बताया कि देर-सबेर धान की खरीदारी पूरी कर ली ही जाती है, लेकिन भुगतान में 24 घंटे का दावा सफल नहीं होता। हमें तीन से चार दिन या कहीं-कही सप्ताह भर में भुगतान होता है। किसान पुनीत पंडित ने बताया कि पिछली बारिश के कारण किसानों ने कटनी देर से समाप्त हो सकी है।

अभी धान बोरे में भरे ही जा रहे हैं। इस क्रम में, पैक्स अध्यक्ष रिंकु देवी ने बताया कि समिति और मिलर विवाद के कारण खरीदारी बाधित रही जबकि बाधा समापन के बाद ही उनका एग्रीमेंट हो सका, इस कारण खरीदारी में विलम्ब हुआ। अब दो से तीन दिनों में खरीदारी की पूरी तैयारी कल ली गयी है। विगत वर्ष 6500 क्विंटल धान क्रय का लक्ष्य निर्धारित था। इस बार का लक्ष्य निर्धारण भी अगले एक-दो दिनों हो जाएगा। चूंकि क्षेत्र का रकबा बहुत बड़ा नहीं है, इसलिए खरीदारी का लक्ष्य भी छोटा ही रहता है। ऐसे में खरीदारी की आखिरी तारीख 28 फरवरी तक लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। नवादा सदर प्रखंड के समाय पैक्स गोदाम पर धान बेचने आए समाय के किसान जय राम प्रसाद व सुनील कुमार तथा अवध सिंह समेत गुरम्हा के किसान विजय कुमार सिंह व संजय कुमार आदि ने बताया कि समिति और मिलर की खींचतान में अभियान जरूर बाधित हुआ, लेकिन अब धान की खरीद में कोई रुकावट नहीं है। यूं तो नियम 24 घंटे में भुगतान का है, लेकिन सारी कागजी कार्रवाई के के बाद 48 से 72 घंटों में भुगतान हो जा रहा है। इस बीच, किसानों ने बताया कि समाय पंचायत का 4444 एकड़ का रकबा है और यहां धान का उत्पादन काफी बेहतर है। ऐसे में समाय पैक्स को महज 17 हजार क्विंटल धान क्रय का लक्ष्य दिया जाना निराशाजनक है। कम से कम 25 हजार क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित रहने पर ही सभी किसानों का धान खरीदा जाना संभव हो सकेगा। पैक्स अध्यक्ष राम नरेश सिंह ने भी कहा कि किसानों की मांग जायज है। पंचायत में 80 फीसदी मंसूरी धान हुआ है, जिसे किसान बेचना चाहते हैं, लेकिन कम लक्ष्य बाधा बन रही है। उन्होंने यह भी कहा कि पहले लॉट की खरीदारी पूरी हो चुकी है। अब दूसरे लॉट की राशि प्राप्त होने का इंतजार है। -------------------- लोहरपुरा पैक्स: एग्रीमेंट में देर से अब तक खरीदारी शुरू नहीं नवादा, हिसं। सदर प्रखंड का लोहरपुरा पैक्स पड़ताल के क्रम में पूरी तरह से बंद मिला। आसपास के किसानों से जानकारी मिली कि पैक्स अध्यक्ष द्वरा अगले दो-तीन दिनों में खरीदारी शुरू करने की सूचना दी गयी है। किसानों ने बताया कि देर-सवेर खरीदारी पूरी कर ली ही जाती है। किसान पुनीत पंडित ने बताया कि पिछली बारिश के कारण किसानों ने कटनी देर से समाप्त हो सकी है। अभी धान बोरे में भरे ही जा रहे हैं। इस क्रम में, पैक्स अध्यक्ष रिंकु देवी ने बताया कि समिति और मिलर विवाद के कारण खरीदारी बाधित रही जबकि बाधा समापन के बाद ही उनका एग्रीमेंट हो सका, इस कारण खरीदारी में विलम्ब हुआ। अब दो से तीन दिनों में खरीदारी की पूरी तैयारी कल ली गयी है। विगत वर्ष 6500 क्विंटल धान क्रय का लक्ष्य निर्धारित था। इस बार का लक्ष्य निर्धारण भी अगले एक-दो दिनों हो जाएगा। चूंकि क्षेत्र का रकबा बहुत बड़ा नहीं है, इसलिए खरीदारी का लक्ष्य भी छोटा ही रहता है। ऐसे में खरीदारी की आखिरी तारीख 28 फरवरी तक लक्ष्य प्राप्त कर लिया जाएगा। -------------------------- कौआकोल: धान की धीमी खरीदारी से किसान परेशान कौआकोल। कौआकोल के सोखोदेवरा पैक्स में पड़ताल के क्रम में किसान धान बेचते दिखे। धीमी गति पर किसानों ने बताया कि अभी कटनी समाप्त हुआ है और धान को झारने तथा सूखाने आदि की प्रक्रिया जारी है। अब मौसम ठीक हो चुका है, तो खरीदारी बढ़ेगी। हालांकि सामान्यत: प्रखंड के विभिन्न पैक्सों में धान की धीमी खरीद जारी है, जिससे खरीदारी को लेकर किसान सशंकित भी हैं। समिति और मिलर विवाद के बाद कौआकोल क्षेत्र में अभी दो-तीन दिन पूर्व से ही पैक्सों द्वारा धान खरीद शुरू किया गया है। किसानों की यह आम शिकायत रही कि पैक्सों द्वारा राशि देने में 24 घंटे की मियाद का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। इस कारण, कई किसान तात्कालिक पैसों की जरूरत के मद्देनजर खुदरा व्यापारियों के पास महज 16 सौ एवं 17 सौ रुपए प्रति क्विंटल के भाव से धान बेच दे रहे हैं। किसान चितरंजन सिंह बताते हैं कि पैसों की जरूरत गेहूं के बीज, खाद खरीदने के साथ आवश्यक कार्य के लिए पड़ जा रहा है। किसान मनोज कुमार बताते हैं कि पैक्स द्वारा धान खरीद करने के लिए सरकार द्वारा भले ही संतोष जनक मूल्य निर्धारित किया गया है पर किसानों को तो काट-छांट कर दो हजार रुपए क्विंटल ही मिल पाते हैं। -------------- रोह : धान की खरीदारी में धीरे-धीरे आ रही है गति रोह। रोह पैक्स में धान की खरीदारी जारी है। अभी रफ्तार जरूर धीमी है, लेकिन इसमें धीरे-धीरे तेजी आने की उम्मीद है। कई किसानों ने बताया कि हालिया दिनों में ही कटनी पूरी हो सकी है। वैसे भी, स्थानीय स्तर पर 15 दिसम्बर के बाद ही खरीदारी को गति मिल पाती है। पिछले दिनों तक नमी की परेशानी बरकरार थी। पैक्स में धान बेचने पर समय पर पैसा नहीं मिलता है। जबकि किसान को तुरंत रुपए की आवश्यकता होती है। इसके अलावा प्रति क्विंटल पांच किलो धान अधिक देना पड़ता है। बोरे की कीमत भी किसानों को देना पड़ता है। कुल मिलाकर पैक्स में धान बेचना आम किसानों के लिए काफी परेशानी का सबब है। परेशानियों से बचने के लिए किसान नुकसान सहकर भी खुले बाजार में धान बेचना अच्छा समझते हैं। क्योंकि, दुकानदार खलिहान से धान ले जाते हैं और तुरंत रुपया भी मिल जाता है। ----------------------- किसानों की व्यथा : बीते दिनों की बारिश के कारण कटनी प्रभावित हुई, जिस कारण किसान खुद ही धान बेचने में पिछड़ गए। हालांकि मौसम की नमी खत्म होने के बाद से खरीदारी निर्बाध जारी है। बस भुगतान के लिए थोड़ा इंतजार करना पड़ रहा है। 24 की बजाय भुगतान में 48 से 72 घंटे का वक्त लग जा रहा है। -विजय कुमार सिंह, किसान, गुरम्हा, समाय पैक्स, नवादा। अभी हम किसान अपने धान की कटनी और दौनी में जुटे हैं। पैक्स में खरीदारी शुरू होने में भी दो से तीन दिन का विलम्ब है। इस बीच, धान बोरे में पैक करने का काम पूरा कर लिया जाएगा। खरीदारी में सामान्यत: कोई बाधा नहीं आती। बस राशि भुगतान में एक सप्ताह तक का समय लग जाता है। -पुनीत पंडित, किसान, चिलौंगिया, लोहरपुरा पैक्स, नवादा। किसी कारण से खरीदारी बंद रहने के बाद अभी हाल में ही धान खरीद शुरू किया गया है। खरीदारी में बाधा नहीं रहती लेकिन पैक्सों द्वारा राशि देने में 24 घंटे की बजाय तीन से चार दिनों या कभी-कभी एक सप्ताह तक का समय लग जाता है। कई किसान खुदरा व्यापारियों के पास धान बेच दे रहे। -राम चंद्र सिंह, किसान, सोखोदेवरा, सोखोदेवरा पैक्स, नवादा। पैक्स में धान बेचने पर समय पर पैसा नहीं मिलता है, यह संकट है। किसानों को तुरंत रुपए की आवश्यकता होती है। प्रति क्विंटल पांच किलो धान अधिक देना भारी पड़ जाता है। बोरे की कीमत भी किसानों को देने की नौबत है। ऐसे में पैक्स में धान बेचना परेशानी का सबब बन कर रह जाता है। -अवध किशोर प्रसाद, किसान, मनियोचक, रोह पैक्स, नवादा।

Hindustan

लेखक के बारे में

Hindustan
हिन्दुस्तान भारत का प्रतिष्ठित समाचार पत्र है। इस पेज पर आप उन खबरों को पढ़ रहे हैं, जिनकी रिपोर्टिंग अखबार के रिपोर्टरों ने की है। और पढ़ें

लेटेस्ट   Hindi News ,    बॉलीवुड न्यूज,   बिजनेस न्यूज,   टेक ,   ऑटो,   करियर , और   राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।

;;;