किसान निबंधन में हिसुआ 83% लक्ष्य के साथ अव्वल, कौआकोल फिसड्डी

Newswrap हिन्दुस्तान, नवादा
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नवादा जिले में फार्मर रजिस्ट्री की योजना के तहत 95,372 किसानों की रजिस्ट्री पूरी हो चुकी है, जो कुल लक्ष्य का 51.23% है। हिसुआ और रजौली प्रखंड ने बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जबकि कौआकोल प्रखंड सबसे पीछे है। जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों से रजिस्ट्री कराने की अपील की है ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।

किसान निबंधन में हिसुआ 83% लक्ष्य के साथ अव्वल, कौआकोल फिसड्डी

केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना फार्मर रजिस्ट्री को लेकर नवादा जिले में प्रशासनिक सक्रियता के सकारात्मक साबित होने लगी है। जिले में कुल 1,86,174 पीएम किसान लाभार्थियों के मुकाबले अब तक 95,372 किसानों की रजिस्ट्री पूरी कर ली गई है, जो कुल लक्ष्य का लगभग 51.23% है। हालांकि, जिले के अलग-अलग प्रखंडों अलग-अलग नजारा है। जहां हिसुआ प्रखंड ने शानदार प्रदर्शन करते हुए किसानों के निबंधन में शीर्ष स्थान बना रखा है, वहीं कौआकोल प्रखंड अभी भी काफी पीछे चल रहा है। इसके अलावा भी कई प्रखंड हैं, जहां स्थिति मध्यम से निम्न ही बनी हुई है। उल्लेखनीय है कि फार्मर रजिस्ट्री को लेकर जहां कृषि विभाग तत्परता बरत रहा है, वहीं डीएम रवि प्रकाश भी मॉनिटरिंग कर रहे हैं और इसमें तेजी लाने को निर्देशित कर रहे हैं।

हिसुआ और रजौली का प्रदर्शन सराहनीय

हिसुआ प्रखंड जिले का बेहतर प्रदर्शन करने वाला बनकर उभरा है। यहां के 7,152 लाभार्थियों में से 5,950 किसानों की रजिस्ट्री हो चुकी है, जो 83.19% है। इसी तरह, रजौली प्रखंड ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया है, जहां 75.64% किसानों की रजिस्ट्री हो चुकी है। रजौली के 8,018 लाभार्थियों में से 6,065 का पंजीकरण कार्य संपन्न हो चुका है। तीसरे स्थान पर नरहट प्रखंड है, जहां 72.29% की उपलब्धि दर्ज की गई है।

अन्य प्रखंड हैं मध्यम प्रदर्शन वाले

जिले के कई प्रखंडों में कार्य की गति संतोषजनक है लेकिन अभी काफी सुधार की गुंजाइश है। नवादा सदर प्रखंड में 14,384 लाभार्थियों के मुकाबले 9,806 यानी 68.17% किसानों की रजिस्ट्री हुई है। काशीचक में 68.04% और गोविंदपुर में 66.56% कार्य पूरा हो चुका है। वहीं, वारिसलीगंज प्रखंड में 17,841 के विरुद्ध 11,030 किसानों का पंजीकरण हुआ है, जो कुल 61.81% है। रोह प्रखंड में यह आंकड़ा 52.78% पर पहुंच गया है।

पिछड़ रहे प्रखंडों पर बढ़ाया जा रहा है दबाव

कौआकोल प्रखंड की स्थिति बुरी है, जो 31.32% के साथ सबसे निचले पायदान पर है। यहां 22,777 जैसे बड़े लाभार्थी होने के बावजूद मात्र 7,133 किसानों का ही पंजीकरण हो पाया है। पकरीबरावां की स्थिति भी कुछ खास बेहतर नहीं है, जहां 28,597 लाभार्थियों, जो जिले में सर्वाधिक हैं, में से केवल 34.36% की ही रजिस्ट्री हुई है।

जरूरी है फार्मर रजिस्ट्री अन्यथा सरकारी लाभ से होंगे वंचित

नवादा। जिला कृषि पदाधिकारी अ्रजीत प्रकाश ने बताया कि फार्मर रजिस्ट्री होने से किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के साथ ही अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। पीएम किसान सम्मान निधि, खाद-बीज पर सब्सिडी और फसल बीमा जैसी योजनाओं का लाभ सीधे उनके खातों और पहचान से जुड़ जाएगा। बिचौलियों के चंगुल से किसान मुक्त हो जाएंगे, जिसकी आम शिकायत मिलती रहती है। अभी तक जिले का कुल औसत 51.23% है, जिसे आगामी एक महीने के भीतर 90% के पार ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। उल्लेखनीय है कि 12 मई से शुरू हो कर यह चरण आगामी 30 जून तक संचालित होगा।

वर्जन

जिन प्रखंडों में प्रगति धीमी है, वहां के कृषि समन्वयकों और किसान सलाहकारों की जवाबदेही तय की जाएगी। कौआकोल और पकरीबरावां जैसे बड़े कार्यभार वाले क्षेत्रों में अतिरिक्त शिविर लगाने की योजना है ताकि जिले की रैंकिंग में सुधार हो सके। किसानों से भी अपील है कि वह 30 जून से पूर्व अपना निबंधन करा लें, ताकि विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ वह निर्बाध रूप से उठाते रहें। -अजीत प्रकाश, जिला कृषि पदाधिकारी, नवादा। (नवादा से राजेश मंझवेकर)

सामान्य प्रश्न

फार्मर रजिस्ट्री का क्या महत्व है?
फार्मर रजिस्ट्री होने से किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि के साथ ही अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी।
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