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29 नवंबर, 2020|7:52|IST

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एक साल बाद भी रजौली लूटकांड का नहीं खुला राज

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जिले के हाईप्राफाइल घटनाओं में से एक रजौली लूटकांड का राज एक वर्ष बाद भी जमींदोज है। एक वर्ष बीत जाने के बाद भी पुलिस इस मामले का अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। साथ ही इस घटना में शामिल बदमाशों में से किसी की भी गिरफ्तारी अब तक नहीं हो सकी है। जबकि पिछले दो वर्षों में कैश लूट की यह सबसे बड़ी घटना है।

बड़ी घटना होने के कारण एसपी द्वारा इस मामले में रजौली एसडीपीओ के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया था। परंतु एसआईटी भी घटना का खुलासा कर पाने में सफल नहीं हो सकी। पुलिस आज भी वहीं खड़ी है जहां पहले थी। छह माह पहले की ही तरह पुलिस आज भी यह दावा कर रही है कि घटना को अंजाम देने वाले गिरोह को चिह्नित कर लिया गया है और बदमाशों की गिरफ्तारी जल्द ही होगी। परंतु ने तो अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी और न ही घटना का खुलासा।

तीन बदमाशों ने लूटे थे कैश

12 जुलाई 2019 को बाइक पर सवार तीन हथियाबंद बदमाशों ने रजौली एसडीपीओ आवास से कुछ दूर भारत फायनेंसियल इन्क्लूजर लिमिटेड नामक फायनेंस कम्पनी के सहायक प्रबंधक रंजीत कुमार से दिनदहाड़े 14 लाख 33 हजार 150 रुपये रुपये लूट लिये थे। उस वक्त वे अपने ऑफिस से एक सहयोगी के साथ बाइक से बैग में रुपये लेकर एसबीआई की रजौली शाखा में जमा कराने जा रहे थे। इसी बीच पल्सर बाइक पर सवार बदमाशों ने ओवरटेक कर उनकी बाइक रोक दी। बैग छीनने के क्रम में दोनों में खींचतान भी हुई। लोग भी वहां जुटे भी, परंतु बदमाशों ने पिस्टल दिखाकर सबको खामोश कर दिया व बैग लेकर भाग निकले। मौके पर पहुंची पुलिस खाली लकीर पीटती रह गयी। सीसीटीवी फु़टेज में बदमाशों को देखा गया।

घटना में शामिल अपराधियों की पहचान कर ली गयी है। अपराधी दूसरे जिले के हैं व फिलहाल फरार हैं। इनकी गिरफ्तारी नहीं होने के कारण मामले का खुलासा नहीं किया जा सका है। गिरफ्तारी होते ही इस बारे में जानकारी दी जाएगी। - सुजय विद्यार्थी, थानाध्यक्ष, रजौली।

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  • Web Title:Even after one year Rajauli looting did not reveal its secret