चुनाव के तीन महीने बाद भी नहीं हुआ वाहनों का भुगतान
रजौली विधानसभा में चुनावी प्रक्रिया संपन्न हुए तीन महीने से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन वाहन मालिकों को अभी तक उनके वाहनों का किराया नहीं मिला है। प्रशासन की उदासीनता के कारण वाहन मालिक आर्थिक संकट में हैं। अंचलाधिकारी ने जल्द भुगतान का आश्वासन दिया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।

रजौली, निज संवाददाता रजौली विधानसभा में चुनावी प्रक्रिया संपन्न हुए तीन माह से अधिक का समय बीत चुका है, लेकिन इस लोकतांत्रिक उत्सव में अपनी सेवाएं देने वाले वाहन मालिकों और चालकों की सुध लेने वाला कोई नहीं है। चुनाव के दौरान अंचल कार्यालय द्वारा जिन निजी वाहनों को जब्त कर सरकारी कार्यों और सुरक्षा व्यवस्था में लगाया गया था, उनके मालिकों को अभी तक नियत राशि का भुगतान नहीं किया गया है। प्रशासन की इस उदासीनता के कारण अब वाहन मालिकों के सामने आर्थिक संकट गहराने लगा है। विदित हो कि विधानसभा चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के लिए स्थानीय प्रशासन ने बड़े पैमाने पर निजी बस, बोलेरो, स्कॉर्पियो और अन्य छोटे-बड़े वाहनों का अधिग्रहण किया था।
उस वक्त वाहन मालिकों को जल्द भुगतान का भरोसा दिलाकर वाहनों को अंचल कार्यालय के सुपुर्द किया गया था। चुनाव खत्म होने के बाद नियमतः तय समय सीमा के भीतर वाहनों के किराये और ईंधन के खर्च का भुगतान हो जाना चाहिए था। अनेक वाहन मालिकों का कहना है कि वे पिछले कई हफ्तों से अंचल कार्यालय और संबंधित अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें सिर्फ आश्वासन ही मिलता है। फिलहाल, रजौली अंचल के कर्मी इस मामले पर कागजातों की त्रुटि व सुधार कर परिवहन विभाग को दोबारा उपलब्ध कराने और प्रक्रियात्मक देरी का हवाला दे रहे हैं। इस बाबत अंचलाधिकारी मो. गुफरान मजहरी ने बताया कि अंचल से लॉग बुक के साथ वाहनों के सभी जरूरी दस्तावेज जिला मुख्यालय भेजा जा चुका है। वहीं जिला परिवहन पदाधिकारी नवादा नवीन कुमार पांडेय ने होली के बाद सभी वाहन मालिकों के खाते में भुगतान किए जाने का आश्वासन दिया है।
लेखक के बारे में
Hindustanलेटेस्ट Hindi News , बॉलीवुड न्यूज, बिजनेस न्यूज, टेक , ऑटो, करियर , और राशिफल, पढ़ने के लिए Live Hindustan App डाउनलोड करें।



