
नवादा में अभी रहेगा मौसम शुष्क, तापमान में होगी मामूली गिरावट
नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता।नवादा जिले में अगले एक सप्ताह तक मौसम का मिजाज शुष्क बने रहने का पूर्वानुमान है, जिससे रबी फसलों की बुआई में जुटे किसानों को बड़ी राहत मिली है।
नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। नवादा जिले में अगले एक सप्ताह तक मौसम का मिजाज शुष्क बने रहने का पूर्वानुमान है, जिससे रबी फसलों की बुआई में जुटे किसानों को बड़ी राहत मिली है। मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 6 से 7 दिनों तक नवादा जिले समेत पूरे प्रदेश में किसी भी प्रकार की बारिश की संभावना नहीं है, जिससे कृषि कार्यों को बिना किसी रुकावट के जारी रखा जा सकेगा। इस बीच, कहा गया है कि तापमान की प्रवृत्ति के पूर्वानुमान से पता चलता है कि अगले 3 से 4 दिनों के दौरान जिले के अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है।

इसका अर्थ है कि दिन के समय मौसम सामान्यतः ठंड से परे बना रहेगा। हालांकि, सूर्य की तेज धूप के बावजूद हवा में नमी कम होने के कारण मौसम असहज नहीं रहेगा। दिन का यह स्थिर तापमान खासकर उन किसानों के लिए अनुकूल है जो देर से बुआई वाली गेहूं की किस्मों और अन्य रबी फसलों की तैयारी कर रहे हैं। स्थिर और शुष्क मौसम बुआई के लिए खेत तैयार करने और बीज उपचार जैसे कार्यों के लिए आदर्श परिस्थितियां प्रदान करता है। न्यूनतम तापमान में आएगी ठंडक, बढ़ेगी सुबह-शाम की सिहरन कृषि मौसम वैज्ञानिक रोशन कुमार ने बताया कि मौसम में सबसे बड़ा बदलाव न्यूनतम तापमान में देखने को मिलेगा, जो लोगों को जल्द ही हल्की ठंड का एहसास कराएगा। पूर्वानुमान के अनुसार, अगले 48 घंटों के दौरान नवादा समेत राज्य के अधिकांश हिस्सों के न्यूनतम तापमान में 1 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट होने का अनुमान है। यह गिरावट मुख्य रूप से रात और सुबह के समय महसूस होगी, जिससे सुबह-शाम की सिहरन बढ़ेगी और लोगों को गर्म कपड़े पहनने की आवश्यकता महसूस हो सकती है। शुरुआती गिरावट के बाद, अगले कुछ दिनों तक न्यूनतम तापमान में भी कोई विशेष परिवर्तन नहीं होगा, यानी मौसम स्थिर रूप से ठंडा बना रहेगा। यह मध्यम ठंड रबी फसलों, खासकर गेहूं और सरसों के अंकुरण और शुरुआती विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण मानी जाती है। अंडमान सागर में बन रहा निम्न दबाव का क्षेत्र, मौसम कर रहा प्रभावित कृषि मौसम वैज्ञानिक रोशन कुमार ने मौसम पूर्वानुमान की जानकारी देते हुए बताया कि मलक्का जलडमरूमध्य और उससे सटे दक्षिणी अंडमान सागर पर बना निम्न दबाव का क्षेत्र रविवार 23 नवंबर को भारतीय समयानुसार सुबह 05:30 बजे उसी क्षेत्र में एक सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र के रूप में स्थित है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण औसत समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक विस्तृत है। इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने और 24 नवंबर को दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिणी अंडमान सागर के ऊपर एक अवदाब में तब्दील होने की प्रबल संभावना है। पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर आगे बढ़ते हुए, इसके अगले 48 घंटों के दौरान दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान में तब्दील होने की प्रबल संभावना है। इसके प्रभाव से ही जिले का मौसम थोड़ा ठंड लेकर आएगा। हालांकि यह दो से तीन दिनों तक ही रहेगा। ---------------- किसानों के लिए मौसम का संदेश: अनुकूल समय का उठाएं लाभ नवादा। मौसम के शुष्क और स्थिर बने रहने के पूर्वानुमान ने नवादा के किसानों के लिए एक अनुकूल समय प्रदान किया है। कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यह समय किसानों के लिए अपनी बची हुई बुआई पूरी करने और उन फसलों में सिंचाई और उर्वरक प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित करने का सर्वोत्तम अवसर है जिनकी बुआई पहले हो चुकी है। शुष्क मौसम में मिट्टी में नमी का स्तर सही रहता है, जिससे खेत की जुताई और बुआई आसानी से की जा सकती है। तापमान में हो रही हल्की गिरावट के कारण नमी देर तक बनी रहेगी, जिससे सिंचाई की आवृत्ति थोड़ी कम की जा सकती है, हालांकि बुआई के बाद पहली सिंचाई यानी कोर वाटरिंग निर्धारित समय पर करना अनिवार्य है। शुष्क मौसम में कुछ फंगल रोगों का खतरा कम हो जाता है, लेकिन किसान लगातार अपनी फसलों का निरीक्षण करते रहें। कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे अगले एक सप्ताह के इस स्थिर मौसम का पूरा लाभ उठाते हुए बुआई और अन्य कृषि कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा कर लें। जल प्रबंधन पर ध्यान देने की आवश्यकता चूंकि अगले 6-7 दिनों में बारिश की कोई संभावना नहीं है, इसलिए जल प्रबंधन सबसे महत्वपूर्ण हो जाता है। जिन किसानों ने हाल ही में बुआई की है, उन्हें मिट्टी की नमी के स्तर की नियमित जांच करनी चाहिए और आवश्यकतानुसार हल्की सिंचाई की व्यवस्था करनी चाहिए ताकि अंकुरण प्रभावित न हो। कुल मिलाकर, नवादा का मौसम अगले सप्ताह कृषि कार्यों के लिए पूरी तरह से सहयोगपूर्ण रहने वाला है। तापमान में मामूली गिरावट सुबह-शाम ठंडक लाएगी, लेकिन दिन का मौसम स्थिर रहेगा, जिससे किसान अपनी दैनिक गतिविधियों को सुचारु रूप से जारी रख सकेंगे।

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