Dengue havoc continues only city council making announcements - सिर्फ घोषणाएं कर रही नगर परिषद, डेंगू का कहर जारी DA Image
12 नबम्बर, 2019|5:58|IST

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सिर्फ घोषणाएं कर रही नगर परिषद, डेंगू का कहर जारी

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नगर परिषद घोषणाएं तो कर रही है, लेकिन उसपर अमल करना उसके वश की बात नहीं रही। नगर परिषद ने पिछले तीन सालों में कूड़ा निस्तारण योजना, नालियों के निर्माण, वेडिंग जोन, फॉगिंग मशीन की खरीदारी, शॉपिंग कॉम्लेक्स के निर्माण सहित कई घोषणाएं कर रखी हैं, लेकिन उसे धरातल पर उतारने में असफल रही है। हाल के महीनों की बात करें, तो शहर के नालों की सफाई बरसात के पूर्व कराने का दावा तो हुआ, लेकिन करायी नहीं गयी। आलम यह है कि बरसात बाद इन नालों में मच्छरों के असंख्य लार्वा पनपे और अब इनका प्रकोप तेजी से बढ़ा है। जबकि नगर परिषद में फॉगिंग कराने को मशीन ही नहीं है। पिछले पांच सालों से शहरवासी फॉगिंग को तरस रहे हैं। फॉगिंग के अभाव में नागरिक मच्छर जनित बीमारियों से जूझ रहे हैं। इसमें भी इस साल डेंगू का कहर चरम पर है। हर वार्ड में डेंगू के मरीज मिल रहे हैं। लेकिन नगर परिषद की घोषणाओं का बाजार गरम है, धरातल पर सब गायब हैं।

जलजमाव के क्षेत्रों में जारी है मच्छरों का तांडव

नगर परिषद के पास मच्छरों से निजात पाने की मुकम्मल व्यवस्था नहीं है। शहर के हरिश्चंद्र स्टेडियम, रेलवे कॉलनी, मिर्जापुर मुसहरी टोला, कलाली रोड, गढ़पर व बरहगैनिया पईन के आसपास के इलाकों में डेंगू फैलने के काफी आसार हैं। इन क्षेत्रों के पास बड़ो नालों में डेंगू मच्छर पनपने के अनुकूल स्थिति हैं। बारिश के मौसम के बाद मच्छरों के प्रकोप से लोग काफी परेशान है। बजबजाती नालियों और जलजमाव के क्षेत्रों में मच्छरों का तांडव जारी है। गली मुहल्लों में डीडीटी व ब्लीचिंग पाउडर का छिड़काव भी बंद है। लेकिन नगर परिषद मौन साधे हैं। नप की फॉगिग मशीन पिछले कई सालों से खराब पड़ी है। करीब पांच सालों से शहर में फॉगिंग नहीं करायी गई।

टेंडर की औपचारिकताओं का हो रहा दिखावा

नगर परिषद पिछले तीन सालों से फॉगिंग मशीन खरीद की तैयारी में जुटा हैं, लेकिन अब तक शहरवासियों को इस मशीन से फॉगिंग का दीदार नहीं हुआ। पिछले महीने के पहले पखवारे में नगर परिषद कार्यालय ने गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस(जेम) पोर्टल से दो फॉगिंग मशीनों की खरीद करने की घोषणा की थी। रॉयल ट्रेडिंग कंपनी से एक फॉगिग मशीन करीब 05 लाख 56 हजार रुपए में खरीद होने के बारे में बताया गया। करीब पखवारे भर में दो फॉगिंग मशीन की डिलिवरी का दावा भी किया गया। लेकिन महीना समाप्त होते ही घोषणा फुस्स हो गयी और ऑनलाईन खरीदारी में तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर कार्यपालक पदाधिकारी देवेन्द्र सुमन ने अपनी जिम्मेवारी से पल्ला झाड़ लिया। इसके बाद शहरवासियों की रही-सही उम्मीदों पर भी पानी फिर गया। पिछले तीन सालों में करीब पांच-छह बार टेंडर की औपचारिकता पूरी करने का दिखावा किया गया है, लेकिन अब तक फॉगिंग मशीन की खरीदारी नहीं हो सकी है।

फॉगिंग मशीन की खरीदारी को लेकर चली थी कुर्सियां

मशीन की खरीदारी को लेकर नप कार्यालय में पिछले साल की 28 फरवरी को कुर्सियां भी चली थी। बजट पेश करने के बाद महिला पार्षद तो चली गयी। कुछ वार्ड पार्षद और महिला पार्षदों की पति आपस में उलझ गए थे। 6 लाख 56 हजार प्रति टैक्टर की दर से दो वाहनों के क्रय को लेकर मामला गरमाया था। कई पार्षद नाराज दिखे थे। कुछ पार्षद फॉगिंग मशीन की खरीद पर उपेक्षापूर्ण रवैया अपनाए जाने पर खफा थे। पार्षदों ने मच्छर की समस्या से जूझते आम लोगों की परेशानी को दरकिनार कर ट्रैक्टर खरीद पर आपत्ति जतायी थी। लेकिन डेढ़ साल बीतने को है, अब विपक्षी पार्षद भी मामले को लेकर चुप्पी साधे बैठे हैं।

बोर्ड के गठन के साथ मिला था प्रस्ताव, खरीदारी अब तक नहीं

2017 में नगर परिषद बोर्ड के गठन के बाद ही फॉगिंग मशीन की खरीदारी को लेकर बैठकें हुई थी और चार फॉगिंग मशीन खरीद का प्रस्ताव पारित किया गया था। 2017 के अक्टूबर महीने में ही नगर परिषद के बोर्ड ने बिहार अर्बन डेवलपमेंट ऑथोरिटी (बूडा) से मशीन खरीद प्रस्तावित की थी। लेकिन 2019 की अंतिम तिमाही गुजरनेवाली है, अब तक मशीन की खरीदगी नहीं हो सकी है।

वर्जन

फॉगिंग मशीन के क्रय में तकनीकी समस्या आने के कारण खरीदारी नहीं हो सकी। इस संबंध में विभाग से लगातार बात हो रही है। इस साल मशीन की खरीदारी होने की उम्मीद है।

देवेन्द्र सुमन, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद

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