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नवादा: कृष्ण नगर में नारकीय स्थिति, बदबू और टूटे नालों के बीच जीने को मजबूर लोग

नवादा: कृष्ण नगर में नारकीय स्थिति, बदबू और टूटे नालों के बीच जीने को मजबूर लोग

संक्षेप:

नवादा शहर के वार्ड नंबर 07 के कृष्ण नगर और आधारशिला स्कूल के पास नागरिक सुविधाओं की कमी से लोग परेशान हैं। जलजमाव और खुले नालों के कारण स्कूली बच्चों का स्वास्थ्य भी खतरे में है। वार्ड पार्षद के आश्वासनों के बावजूद, स्थानीय लोग समाधान की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

Jan 14, 2026 04:23 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नवादा
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नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। नवादा शहर के वार्ड नंबर 07 स्थित कृष्ण नगर और आधारशिला स्कूल के पास का इलाका इन दिनों नागरिक सुविधाओं के अभाव में बदहाली के आंसू रो रहा है। मोहल्ले की मुख्य सड़क से लेकर गलियों तक जलजमाव और खुले नालों ने स्थानीय निवासियों का जीना मुहाल कर दिया है। आधारशिला स्कूल के पास की स्थिति सबसे भयावह है, जहां नाले का गंदा पानी सड़क पर जमा रहता है, जिससे न केवल राहगीरों को परेशानी हो रही है, बल्कि स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य पर भी बड़ा खतरा मंडरा रहा है। वार्ड पार्षद के आश्वासनों के बावजूद, जनता में अविश्वास का माहौल है क्योंकि लंबे समय से वे इन समस्याओं को झेल रहे हैं।

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अब देखना यह होगा कि टेंडर होने के बाद निर्माण कार्य कितनी जल्दी शुरू होता है और कृष्ण नगर के निवासियों को इस गंदे पानी और खुले नालों से कब तक निजात मिलती है। बदहाली और दुर्घटनाओं का डर कृष्ण नगर के निवासियों का कहना है कि जलजमाव के कारण सड़क के नीचे की मिट्टी धंस रही है। सबसे चिंताजनक पहलू आधारशिला स्कूल के पास की स्थिति है। यहां छोटे बच्चे शिक्षा ग्रहण करने आते हैं, जिन्हें इन खुले और ओवरफ्लो होते नालों के बीच से गुजरना पड़ता है। गंदे पानी के जमाव से इलाके में मलेरिया और डेंगू जैसी बीमारियों के फैलने की आशंका प्रबल हो गई है। सड़क व नाला निर्माण की बाधा से परेशानी वार्ड स्थित लघु सिंचाई विभाग से लेकर गोनावां तक अत्यंत महत्व की सड़क व इसके साथ नाला के निर्माण का कार्य बाधित रहने से परेशानी अपने चरम पर है। यह कार्य कम से कम तीन करोड़ की लागत से कराया जाना संभव है, जिसके लिए फंड राज्य मद से मिलने के बाद ही कुछ कारगर हो सकता है। लेकिन इस योजना को स्वीकृति और इसके लिए फंड उपलब्धता के कार्यों की जारी अनदेखी से बात नहीं बन पा रही है। ले-दे कर हाल यह है कि महत्वपूर्ण योजनाओं का निष्पादन संभव नहीं हो पा रहा है तो बस वार्ड पार्षद मद से ही विकास कार्यों को गति देने का प्रयास जारी है। जलजमाव की समस्या पड़ रही भारी, समाधान नहीं वार्ड नंबर 07 स्थित अनेक मोहल्लों में जलजमाव की समस्या काफी बड़ी है। कभी लघु सिंचाई विभाग के बगल में सालों भर जलजमाव रहता था। अब परिस्थितियां थोड़ी बदली हैं और यहां अन्य निर्माण कार्य हो जाने के बाद इस जलजमाव का स्थल बदल गया है लेकिन स्थायी समाधान अब भी प्रतीक्षित है। इससे निजात नहीं मिल पाने के कारण लोगों की परेशानियों का अंत नहीं हो पा रहा है। नवादा नगर के इस वार्ड में सड़क और नाला के बेहद जरूरी कार्य तकनीकी दिक्कतों के कारण संपादित नहीं हो पा रहे हैं, जिसकी परेशानी आमलोगों को झेलने की नौबत बनी हुई है। वार्ड के विकसित स्वरूप पर यह ग्रहण सरीखा प्रतीत होता है लेकिन वार्ड पार्षद के निजी प्रयत्नों के कारण कुछ दिनों तक रोशनी की उपलब्धता के बाद वर्तमान में हाल बुरा ही है। वार्ड स्थित राम नगर, शकुंतला नगर, नवीन नगर, कृष्णा नगर जैसे पॉश इलाके वाला यह वार्ड भी अपनी खास पहचान को बचाए रखने में अक्षम साबित हो रहा है तो इसके पीछे का कारण नगर परिषद के दोयम दर्जे का सहयोग भी है। वार्ड पार्षद कहते हैं कि बोर्ड की बैठक में विभिन्न विकास योजनाओं को अब तक शामिल करा चुका हूं। लेकिन छोटे-मोटे कार्यों से बात आगे नहीं बढ़ रही। नाली का निर्माण समुचित जलनिकासी व्यवस्था के अभाव के कारण अटकी पड़ी रहती है तो गली का निर्माण कराया जाना संभव हो पा रहा है। शहर के खास इलाका है वार्ड नंबर 07, परेशानियां कम नहीं शहर के खास इलाके के तौर पर अपनी पहचान रखने वाले वार्ड नंबर 07 में भी परेशानियां कम नहीं हैं। बरहगैनिया पइन के इस वार्ड से हो कर गुजरने का जहां व्यापक लाभ इसे मिलना चाहिए था, वहीं वर्तमान में इसके कारगर नहीं रहने के कारण तमाम परेशानियां झेलने की नौबत बनी रहती है। बरहगैनिया पइन से जलनिकासी की व्यवस्था दुरुस्त रहती तो बेहद आसानी से यहां-वहां रहने वाले जलजमाव समेत विभिन्न मोहल्लों से होने वाली जल निकासी की समस्या का स्थायी समाधान निकल आता और आमजनों को बड़ी राहत मिल जाती है। दुर्भाग्य से बरहगैनिया पइन के अस्तित्व को लेकर कई स्तर पर चल रही खींचतान का अंत होता नहीं दिख रहा और इस कारण संबंधित वार्ड के विभिन्न मोहल्लों का संकट बरकरार है। जलनिकासी की समस्या का स्थायी समाधान नहीं निकल पाने के कारण मोहल्लों में कच्चे नाले का जाल बिछा पड़ा है और यह नासूर सा हो कर रह गया है। यादव चौक से बहरगैनिया पइन तक का कच्चा नाला कई परेशानियों का सबब बना पड़ा है लेकिन इसका विकल्प भी कुछ नहीं है। सघन आबादी वाले इस वार्ड में एक अदद अतिरिक्त उपस्वास्थ्य केन्द्र की जरूरत भी सभी महसूस करते हैं लेकिन इस दिशा में कुछ भी सार्थक होता फिलहाल नहीं दिखता, जिसकी निराशा वार्डवासियों के चेहरे पर साफ झलक जाती है। आरंभिक शिक्षण का साधन आंगनबाड़ी केन्द्र बदहाल आरंभिक शिक्षण का साधन आंगनबाड़ी केन्द्र इस वार्ड में चार हैं लेकिन सभी भवनहीन हैं। किसी का भी अपना भवन नहीं रहना इसके उद्देश्यों को फलीभूत होने की बाधा साबित हो रहा है। हालांकि इस वार्ड के साथ उच्च शिक्षा को लेकर बेहतर कहा जा सकता है। यहां शहर का गौरव प्रोजेक्ट कन्या इंटर विद्यालय समेत अभ्यास मध्य विद्यालय है, जो अपने आप में जिले भर में विशेष स्थान रखता है। लगभग 10 हजार की आबादी वाले इस वार्ड में पांच हजार के आसपास मतदाता हैं, जो अपने अधिकारों से वाकिफ हैं। इसके बावजूद, वार्ड का कायाकल्प होने में उत्पन्न होने वाली बाधाओं के कारण उनके हौसले पस्त रहते हैं। हालांकि ज्यादातर वार्डवासियों ने स्वीकार किया कि बड़े बजट के कार्यों को छोड़ कर शेष और सामान्य कार्य की गति ठीकठाक ही कही जाएगी। -------------------- स्थानीय नागरिकों का दर्द: 1.कृष्ण नगर की स्थिति दिन-प्रतिदिन बदतर होती जा रही है। आधारशिला स्कूल के समीप नाले का पानी सड़क पर बह रहा है, जिससे पैदल चलना भी दूभर है। मच्छरों का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि बीमारियों का डर बना रहता है। कई बार शिकायत के बावजूद नाले की सफाई और टूटे ढक्कन की मरम्मत नहीं हुई। प्रशासन को इस ओर तत्काल ध्यान देना चाहिए ताकि हमें राहत मिल सके। -अमृतेश सक्सेना, निवासी, कृष्ण नगर, नवादा। 2.नवीनगर से कृष्ण नगर की ओर आने वाली मुख्य सड़क पर नाले के ढक्कन जगह-जगह टूटे हुए हैं। रात के अंधेरे में ये खुले नाले किसी बड़ी दुर्घटना को दावत दे रहे हैं। नाले का पानी निकासी न होने के कारण ओवरफ्लो होकर रास्तों पर जमा रहता है। हम नागरिकों को बुनियादी सुविधाओं के लिए भी तरसना पड़ रहा है। इस समस्या का स्थायी समाधान जल्द से जल्द होना चाहिए। -अंकुश कुमार, निवासी, नवीनगर, नवादा। 3.जलजमाव की समस्या ने हमारे व्यवसाय और आवागमन को प्रभावित किया है। टूटे हुए नाले और सड़कों पर फैला कीचड़ मोहल्ले की पहचान बन गए हैं। गंदे पानी की बदबू के कारण घरों में बैठना मुश्किल है। कई जगहों पर तो नाले पूरी तरह जाम हैं। हम मांग करते हैं कि नगर परिषद अविलंब नाली निर्माण और मरम्मत का कार्य शुरू करे ताकि इस नारकीय स्थिति से मुक्ति मिल सके। -सुरेंद्र प्रसाद चौहान, निवासी, नवीनगर, नवादा। 4.आधारशिला स्कूल के पास नाले का ढक्कन टूटा होना बच्चों के लिए अत्यंत खतरनाक है। आए दिन छोटे-मोटे हादसे होते रहते हैं। जलजमाव के कारण सड़क जर्जर हो चुकी है। हम टैक्स भरते हैं, लेकिन बदले में हमें कीचड़ और गंदगी मिल रही है। वार्ड पार्षद और नगर परिषद के अधिकारियों को जमीन पर आकर वास्तविकता देखनी चाहिए। यह केवल समस्या नहीं, हमारे सब्र का इम्तिहान है। -प्रमोद कुमार उपाध्याय, निवासी, कृष्ण नगर, नवादा। ------------------------- वर्जन: क्षेत्र में नालों की स्थिति खराब है और कई स्थानों पर ढक्कन टूटे हुए हैं। कृष्ण नगर और आसपास की समस्याओं से मैं अवगत हूं। मुख्य सड़क पर नाले के निर्माण के लिए टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। जल्द ही निर्माण कार्य धरातल पर शुरू हो जाएगा। जहां तक टूटे हुए ढक्कनों की बात है, उनकी मरम्मत का कार्य भी शुरू कराया जा रहा है। कृष्ण नगर के पीछे वाली गली में वर्तमान में निर्माण कार्य चल रहा है। मैं स्थानीय लोगों से धैर्य रखने की अपील करता हूं, जल्द ही पूरे वार्ड को इस समस्या से मुक्त कर दिया जाएगा। अपने फंड से सभी चयनित कार्यों को संपादित कराने में कोई कोर-कसर नहीं रख छोड़ा हूं। लगातार वार्ड में कराए जाने वाले विकास कार्यों को आम सहमति से प्रस्तावित और चयनित कर स्वीकृति के बाद निरंतर करा रहा हूं। बड़े बजट वाली योजनाओं में शामिल सड़क और बड़े नाला का निर्माण कार्य नगर विकास से कराने को लेकर प्रयत्नशील हूं। बेहतरी की उम्मीद है लेकिन अभी प्रतीक्षा जारी है। -अभिषेक कुमार गुड्डू, वार्ड पार्षद, वार्ड नंबर-07, नवादा नगर परिषद।