हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर प्री-फैब: 05 केंद्रों का निर्माण अधर में, कुछ की गति धीमी

Feb 16, 2026 01:56 pm ISTNewswrap हिन्दुस्तान, नवादा
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​नवादा। राजेश मंझवेकर नवादा जिले के ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के सरकारी दावे धरातल पर कछुआ चाल से चलते नजर आ रहे हैं।

हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर प्री-फैब: 05 केंद्रों का निर्माण अधर में, कुछ की गति धीमी

नवादा। राजेश मंझवेकर नवादा जिले के ग्रामीण इलाकों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के सरकारी दावे धरातल पर कछुआ चाल से चलते नजर आ रहे हैं। बिहार मेडिकल सर्विसेज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीएमएसआईसीएल) और पीएम-अभिम योजना के तहत नवादा के विभिन्न प्रखंडों में स्वीकृत दर्जनों हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का निर्माण कार्य प्रशासनिक पेच और जमीन की अनुपलब्धता के कारण बुरी तरह प्रभावित है। जिला स्वास्थ्य समिति से मिली ताजा रिपोर्ट के अनुसार, जहां कुछ केंद्रों का काम अंतिम चरण में है, वहीं एक बड़ी संख्या उन केंद्रों की है जहां अब तक ईंट भी नहीं रखी जा सकी है।

जिला स्वास्थ्य समिति के आंकड़े बताते हैं कि वर्तमान में 17 जगहों पर कार्य प्रगति पर है, हालांकि इसकी गति सभी जगहों पर संतोषप्रद नहीं। पांच जगहों पर तो जमीन की अनुपलब्धता भी खटक रहा। जमीन का पेच, अब तक नहीं मिल सका भूखंड स्वास्थ्य विभाग की इस महत्वाकांक्षी परियोजना में सबसे बड़ी बाधा अनापत्ति प्रमाण पत्र और जमीन की उपलब्धता है। जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अमित कुमार ने बताया कि नवादा जिले के सिरदला, गोविन्दपुर, नवादा सदर व नारदीगंज प्रखंड के कुछ महत्वपूर्ण केंद्रों के लिए अब तक उपयुक्त जमीन आवंटित नहीं की जा सकी है, जिसके कारण निर्माण कार्य शुरू ही नहीं हो पा रहा है। विशेष रूप से, सिरदला प्रखंड एचडब्ल्यूसी प्री-फैब बलुआतरी तथा गोविन्दपुर प्रखंड के एचडब्ल्यूसी प्री-फैब विशनपुर के निर्माण के लिए जमीन की अनुपलब्धता की समस्या सामने है। इधर, नवादा सदर प्रखंड के पथरा-इंग्लिश टोला एचडब्ल्यूसी प्री-फैब समेत नारदीगंज प्रखंड के एचडब्ल्यूसी प्री-फैब पकड़िया व एचडब्ल्यूसी प्री-फैब समढ़ी में सेंटर के आरम्भ के आड़े जमीन संबंधी एनओसी की बाधा आ रही है। इनके अलावा, दो केन्द्र शत-प्रतिशत पूर्ण हैं, जबकि शेष की गति बढ़ाने पर ध्यान है। निर्माण की वर्तमान स्थिति, प्रगति संतोषजनक जिला स्वास्थ्य समिति के डीपीएम अमित कुमार ने बताया कि जिले में परियोजनाओं को तीन श्रेणियों में बांटा जा सकता है। हिसुआ विधानसभा के अकबरपुर स्थित गोपालपुर व कुहिला में एचडब्ल्यूसी का निर्माण 100 प्रतिशत पूर्ण हो चुका है। यानी यहां गति सबसे बेहतर रही। वहीं, वारिसलीगंज के बरनामा और बाघी बरडीहा में कार्य पूरा कर हैंडओवर की प्रक्रिया चल रही है। अकबरपुर के सरकंडा में 80 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है, जबकि रोह प्रखंड के रुपौ में 85 प्रतिशत प्रगति दर्ज की गई है। हिसुआ के असाढ़ी में पेंटिंग और खिड़कियों का काम 85 प्रतिशत तक हो चुका है। यहां मध्यम गति से लेकिन संतोषजनक स्थिति में कार्य संपादित हो रहे हैं। हालांकि, कई केंद्र ऐसे भी हैं, जो केवल प्लिंथ लेवल यानी 22-25 प्रतिशत पर ही अटके हुए हैं। समिति द्वारा उपलब्ध कराए गए आंकड़े बताते हैं कि सुकनंदन सिंह कंस्ट्रक्शन और नीरज एंटरप्राइजेज को दिए गए अधिकांश प्रोजेक्ट्स शुरू नहीं होने की श्रेणी में शामिल हैं। इनमें, अकबरपुर के महानन्दपुर, भनैल, नेमदारगंज और हिसुआ के सकरा, भदसेनी, बुद्धौल जैसे गांव शामिल हैं। इन सभी केंद्रों के निर्माण की डेडलाइन 2025 से 2026 के बीच है, लेकिन काम शुरू हो पाने में तमाम बाधाएं सामने हैं। एजेंसियों पर भी उठ रहे सवाल कुछ केंद्रों को हटाने की सिफारिश की श्रेणी में डाल दिया गया है। वारिसलीगंज और काशीचक के कुछ प्रोजेक्ट्स को लेकर यह स्थिति बनी है। ठेकेदारों और विभाग के बीच तालमेल की कमी का खामियाजा जनता को भुगतना पड़ रहा है। उदाहरण के लिए, राज कुमार गुप्ता और शिव कुमार जैसे संवेदकों के पास कई प्रोजेक्ट्स हैं, जिनमें से कुछ में तो प्रगति अच्छी है, लेकिन अन्य में साइट की समस्याओं के कारण काम बंद पड़ा है। जनता को राहत का इंतजार नवादा में स्वास्थ्य सेवाओं के बुनियादी ढांचे की यह तस्वीर बताती है कि फाइलों में योजनाएं जितनी सुनहरी दिखती हैं, धरातल पर उनकी राह उतनी ही पथरीली है। आमजनों की राय है कि स्थानीय प्रशासन राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर जल्द से जल्द भूमि विवादों को सुलझाए, ताकि एचडब्ल्यूसी कहीं कागजों पर नॉट स्टार्ट न रह जाएं। ------------------- हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर प्री-फैब है शीघ्र सुविधा प्रदान करने का विकल्प नवादा। हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर प्री-फैब पूर्वनिर्मित तकनीक से निर्मित आधुनिक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हैं, जिन्हें कम समय में, तेजी से और कम लागत में ग्रामीण या दुर्गम क्षेत्रों में स्थापित किया जाता है। यह आयुष्मान भारत के तहत व्यापक स्वास्थ्य सेवाएं के तहत आयुष्मान आरोग्य मंदिर के नाम से ओपीडी, जांच, दवाएं आदि की सुविधा प्रदान करते हैं और टिकाऊ व मजबूत होते हैं। योजना का मूल उद्देश्य आयुष्मान भारत के तहत, स्वास्थ्य संवर्धन और रोकथाम पर जोर देते हुए ग्रामीण स्तर पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना है। पारंपरिक कंक्रीट निर्माण की तुलना में, इन केंद्रों को प्री-फैब यानी पूर्वनिर्मित सामग्री स्टील फ्रेम, पैनल के माध्यम से कुछ ही दिनों में, कभी-कभी कुछ घंटों में तैयार किया जा सकता है। यह केवल प्राथमिक उपचार नहीं, बल्कि गैर-संचारी रोगों, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, और योगा व वेलनेस सहित व्यापक सेवाएं प्रदान करते हैं। प्री-फैब तकनीक की बदौलत इन्हें उन सुदूर क्षेत्रों में भी स्थापित करना आसान है, जहां पारंपरिक निर्माण सामग्री ले जाना या निर्माण करना मुश्किल होता है। यह हल्के लेकिन बेहद टिकाऊ होते हैं और सही डिजाइन के साथ ये भूकंपरोधी भी होते हैं। इतना ही नहीं, इनका निर्माण और रखरखाव आसान और सस्ता होता है, जो इन्हें निम्न व मध्यम वर्गीय क्षेत्रों के लिए अत्यधिक उपयुक्त बनाता है।

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