
रोह में दबंगों ने बुलडोजर से पंचायत भवन को किया ध्वस्त
रोह बाजार में पंचायत भवन को दबंगों ने बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया है। संबंधित लोग इसे अपनी पुश्तैनी जमीन बता रहे हैं, जबकि स्थानीय लोग सवाल उठा रहे हैं कि 35 साल पहले इसका निर्माण क्यों हुआ। मामले की जांच जारी है और लोग दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
रोह, निज प्रतिनिधि रोह बाजार में अवस्थित पंचायत भवन को शुक्रवार की देर रात दबंगों ने बुलडोजर से ध्वस्त करवा दिया। संबंधित लोग पंचायत भवन की जमीन को अपनी पुश्तैनी जमीन बता रहे हैं। उनका कहना है कि कोर्ट ने उनके पक्ष में फैसला दिया है, इसलिए वह अपनी जमीन को कब्जा में ले रहे हैं। इधर स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यह जमीन उनकी है तो करीब 35 वर्ष पहले पंचायत भवन क्यों बनने दिया। चर्चा हो रही है कि पंचायत भवन जिस जमीन पर बना हुआ था, उस जमीन को बिहार सरकार के नाम से रजिस्ट्री किया गया था।
जिसके बाद ही सरकार द्वारा उस जमीन पर पंचायत भवन का निर्माण कराया गया। चूंकि उस वक्त जमीन की कीमत बहुत कम थी और आगे गड्ढे वाली जमीन सरकारी थी। जिसे देखते हुए पंचायत भवन का निर्माण कर दिया गया। वर्तमान समय में उस जमीन की कीमत करोड़ में है, जिसे देख रजिस्ट्री करने वाले के परिजनों के मन में लोभ उत्पन्न हुआ और लोग उस जमीन को हथियाने में जुट गए हैं। इस मामले में लोग जिम्मेदार लोगों की भूमिका को संदेहास्पद बता रहे हैं। इलाके के लोगों का कहना है कि रोह बाजार में स्थित पंचायत भवन में महावीर चौधरी द्वारा सरकारी टेलीफोन बूथ का संचालन किया जाता था। इस भवन में दर्जनों बार सरकारी बैठकों का भी आयोजन होता रहा था। लेकिन कुछ वर्षों से पंचायत भवन का कोई सरकारी उपयोग नहीं होने से आसपास के लोग इसमें कबाड़ रखते थे। रोह बाजार में अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान पंचायत भवन के कुछ हिस्से की भी मार्किंग की गई थी। जिसका गलत फायदा उठाते हुए उसी रात दबंग बुलडोजर लेकर पहुंचे और पंचायत भवन को तोड़ने लगे। स्थानीय लोगों को लगा कि प्रशासन द्वारा अतिक्रमण को लेकर चिह्नित भाग को तोड़ा जा रहा है। चूंकि पंचायत भवन तोड़ने के लिए उसी बुलडोजर का उपयोग किया, जिसका उपयोग दिन में प्रशासन द्वारा किया गया था। ऐसी स्थिति में लोगों को लगा कि पंचायत भवन को प्रशासन द्वारा चिन्हित स्थान तक तोड़ा जा रहा है। परन्तु चिन्हित स्थान से आगे पंचायत भवन को तोड़ते देखा तो लोगों को मामला गड़बड़ लगा। जिसके बाद लोगों ने पंचायत भवन को बुलडोजर से ध्वस्त करने की घटना का वीडियो बना लिया और सोशल मीडिया पर शेयर कर दिया। लोग पंचायत भवन को ध्वस्त करने को लेकर लोग सवाल खड़े करने लगे कि आखिर 35 साल पहले बने पंचायत भवन को किसके आदेश पर ध्वस्त कर दिया गया। लोगों का कहना है कि अगर जमीन किसी की निजी है तो उस समय पंचायत भवन निर्माण क्यों करने दिया गया। नियमतः किसी भी सरकारी भवन का निर्माण सरकारी भूमि अथवा किसी व्यक्ति द्वारा सरकार के नाम रजिस्ट्री की गई जमीन पर किया जाता है। ऐसे में पंचायत भवन को ध्वस्त किया जाना अनुचित है। लोगों में आक्रोश, वीडियो भी वायरल पंचायत भवन को ध्वस्त कर देने से लोगों में काफी नाराजगी है। पंचायत भवन को बुलडोजर से ध्वस्त करने का वीडियो सोशल मीडिया पर शनिवार को खूब वायरल होता रहा। लोगों का कहना है कि इस सरकारी भवन को ध्वस्त करने वाले दबंगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। क्या बोले जिम्मेदार इस मामले में प्रखंड पंचायत राज पदाधिकारी चम्पा कुमारी का कहना है कि 35 साल पूर्व इस भवन निर्माण किया गया था, इसकी जांच की जा रही है। सरकारी रिकॉर्ड का पता लगाया जा रहा है। इसके बाद ही कहा जा सकता है कि वहां बनी पुरानी बिल्डिंग पंचायत भवन थी। ------ रोह ग्राम पंचायत की मुखिया ममता देवी का कहना है कि पूर्व में मैं दो बार उस जगह पर राष्ट्रीय ध्वज फहरा चुकी हूं। वह भवन पंचायत भवन के नाम से जाना जाता था। वहीं जमीन पर दावेदारी कर रहे इसरार हुसैन उर्फ अज्जू का कहना है कि जमीन मेरी है। मेरे पिता जी भूतपूर्व मुखिया इबरार हुसैन ने यह भवन बनवाया था।

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