
शिक्षा की गुणवत्ता में विद्यालय शिक्षा समिति की भूमिका अहम
नवादा में बिहार शिक्षा परियोजना ने विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों के लिए तीन दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया। इसका उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में जन-भागीदारी को सुदृढ़ करना है। प्रशिक्षकों ने सदस्यों को उनके अधिकारों और दायित्वों के बारे में जागरूक किया, ताकि विद्यालयों के विकास में स्थानीय लोगों की सक्रियता सुनिश्चित हो सके।
नवादा, निज प्रतिनिधि बिहार शिक्षा परियोजना नवादा की ओर से लोक भागीदारी एवं मीडिया संभाग के तहत विद्यालय शिक्षा समिति के सदस्यों के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। शहर के गांधी इंटर स्कूल में तीन दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलवार को किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था में जन-भागीदारी को सुदृढ़ करना है। प्रशिक्षक अभिजीत आनंद और सीमा कला ने समिति के सदस्यों को उनके दायित्वों और अधिकारों के प्रति जागरूक किया। प्रशिक्षक ने कहा कि विद्यालयों के विकास के लिए विद्यालय शिक्षा समिति का सर्वव्यापीकरण होना अनिवार्य है। उन्होंने जोर देकर कहा कि बच्चों के नामांकन से लेकर उन्हें मिलने वाली शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने तक में इस समिति की भूमिका निर्णायक होती है।
जब तक अभिभावक और स्थानीय सदस्य सक्रिय नहीं होंगे, तब तक पूर्ण सुधार संभव नहीं है। कार्यक्रम में मुख्य रूप से प्रधान शिक्षक जतिन कुमार, शैला कुमारी, हिना तबस्सुम, अंजलि कुमारी, रजनी कुमारी, रविकांत कुमार और अमानुल्लाह अमान शामिल हैं। इसके साथ ही वरीय शिक्षक अनुपम आर्या, सबा आजमी, नाज प्रवीण, मो आसिफ,पूजा कुमारी एवं समिति के अन्य सदस्य उपस्थित होकर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। इस तीन दिवसीय कार्यक्रम का प्राथमिक लक्ष्य प्रधान शिक्षकों, वरीय शिक्षकों और सचिवों के साथ ही अभिभावकों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करना है।

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