
ऊपर बिजली-नीचे मछली मॉडल की सीएम ने की सराहना
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने नवादा जिले के रजौली में फुलवरिया जलाशय का निरीक्षण किया। उन्होंने बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना, आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक और निर्माणाधीन फ्लोटिंग सोलर प्लांट की सराहना की। इसके अलावा, उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का भी मूल्यांकन किया और लाभार्थियों से बातचीत की।
नवादा/रजौली, मुसं/निसं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को नवादा जिले के रजौली प्रखंड अंतर्गत फुलवरिया जलाशय के कई महत्वपूर्ण विकास योजनाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने ऊपर बिजली-नीचे मछली मॉडल यानी बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना, मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीकों, 10 मेगावाट के निर्माणाधीन फ्लोटिंग सोलर प्लांट की सराहना की। उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए रजौली में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र की प्रगति की समीक्षा भी की। इससे पहले मुख्यमंत्री सुबह 10.30 की बजाय दोपहर करीब 12 बजे हेलीकॉप्टर से हरदिया पंचायत के चिरैला गांव पहुंचे, जहां उनका स्वागत रजौली विधायक विमल राजवंशी, गोविंदपुर विधायक विनीता मेहता, नवादा विधायक विभा देवी आदि ने फूल मालाओं और गुलदस्ता भेंट कर किया।

इसके बाद वह सीधे नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालक छात्रावास के विद्यार्थियों के पास पहुंचे। उन्हें मिल रही सुविधाओं तथा पठन-पाठन की गुणवत्ता के संबंध में जानकारी ली। इस बीच जीविका दीदियों ने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना शुरू कराने के लिए आभार व्यक्त किया। जीविका दीदियों ने कहा कि इसकी बदौलत अब उन्हें पैसों के लिए परिवार पर निर्भर नहीं होना पड़ता है। लाभार्थियों ने सामाजिक सुरक्षा पेंशन की राशि 400 से बढ़ाकर 1100 रुपये किए जाने, सभी घरेलू उपभोक्ताओं को प्रतिमाह 125 यूनिट बिजली निःशुल्क दिए जाने और आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका, आशा कार्यकर्ताओं आदि के मानदेय में सम्मानजनक वृद्धि किए जाने पर भी मुख्यमंत्री का आभार जताया। उन्होंने वहां पर लगे एक-एक स्टॉल को घूम-घूम कर देखा। ---------------------- स्वास्थ्य सेवाओं का किया निरीक्षण मुख्यमंत्री ने स्वास्थ्य उपकेंद्र-सह-हेल्थ एन्ड वेलनेस सेंटर, हरदिया के परिसर में अधिकारियों से मरीजों को उपलब्ध कराई जाने वाली चिकित्सकीय सुविधाओं, दवा की उपलब्धता और डॉक्टरों की तैनाती के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगाए गए स्टॉल के अवलोकन के दौरान अधिकारियों ने उन्हें बताया कि यहां टेलीमेडिसिन की भी व्यवस्था उपलब्ध है। इस उपकेंद्र में मातृत्व सुरक्षा अभियान के तहत गर्भवती महिलाओं को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक किया जाता है। मुख्यमंत्री ने शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक के मानदेय को 8 हजार से बढ़ाकर 16 हजार रुपये किए जाने पर लाभार्थियों द्वारा व्यक्त किए गए आभार को स्वीकार किया। ---------------------- विकास का मॉडल बन रहा फुलवरिया जलाशय धनार्जय व जहुरा नदी पर वर्ष 1988 में फुलवरिया जलाशय पूरा हुआ था। आज यह विकास के एक अभिनव मॉडल का केंद्र बन गया है। यह बन रहे फ्लोटिंग सोलर संयंत्र को मेसर्स सूर्यम इंटरनेशनल प्राइवेट लिमिटेड द्वारा स्थापित किया जा रहा है। एजेंसी सौर पैनलों की स्थापना के लिए जलाशय के सतह क्षेत्र का केवल 30 एकड़ क्षेत्र का उपयोग कर रही है, जबकि शेष क्षेत्र का उपयोग मत्स्य पालन और अन्य उद्देश्यों के लिए किया जाएगा। पूर्ण रूप से संचालित होने पर यह बिहार का सबसे बड़ा फ्लोटिंग ऊर्जा संयंत्र होगा। फुलवरिया जलाशय में मत्स्य उत्पादन लगभग 100 किलोग्राम प्रति हेक्टेयर प्रतिवर्ष तक पहुंच गया है, जो राष्ट्रीय उत्पादन 20 किग्रा प्रति हेक्टेयर प्रतिवर्ष और बिहार के पूर्व के औसत 1 किग्रा प्रति हेक्टेयर प्रतिवर्ष से काफी अधिक है। ----------------------------- 90 गांवों के घरों में पहुंच रहा शुद्ध जल लोक स्वास्थ्य प्रमंडल द्वारा रजौली बहुग्रामीण जलापूर्ति योजना के तहत फुलवरिया जलाशय के पानी को फिल्टर कर आसपास के 90 गांवों के घरों में शुद्ध जल की आपूर्ति की जा रही है। यह योजना विशेष रूप से उन क्षेत्रों के लिए वरदान साबित हो रही है, जहां का भू-जल फ्लोराइडयुक्त है। 109.987 करोड़ लागत से वर्ष 2020 से क्रियान्वित इस योजना के तहत रजौली प्रखंड के 10 ग्राम पंचायतों के 89 वार्डों में 9191 घरों के परिवार शुद्ध पेयजल से लाभान्वित हो रहे हैं। -----------------------------

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