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लॉकडाउन की भेंट चढ़ी बैडमिंटन खिलाड़ियों की मेहनत

हिन्दुस्तान टीम,नवादाPublished By: Newswrap
Thu, 17 Jun 2021 03:20 PM
लॉकडाउन की भेंट चढ़ी बैडमिंटन खिलाड़ियों की मेहनत

नवादा। नगर संवाददाता

जिले के बैडमिंटन खिलाड़ियों की सारी मेहनत लॉकडाउन की भेंट चढ़ कर रह गयी है। लॉकडाउन के कारण गत दो वर्षों की अवधि में खिलाड़ियों का अभ्यास छूट गया। चाह कर भी अपने खेल के लिए खिलाड़ी समय नहीं दे पा रहे थे। इस कारण उनका खेल बुरी तरह से प्रभावित हो कर रह गया। हालांकि बैडमिंटन इनडोर गेम है लेकिन विभिन्न संसाधनों की जरूरत के कारण अभ्यास प्रभावित हो कर रह गया। इसके साथ ही विभिन्न खेल प्रतियोगिताओं का आयोजन किसी स्तर पर नहीं हो सका। अभ्यास और घरेलू मैच खिलाड़ी मानते हैं कि बस यह वार्मअप के लिए होता है। खिलाड़ियों को खुद को निखारने का मौका तब मिलता है जब कोई प्रतियोगिता में वह भागीदारी निभाते हैं। यह मौका खिलाड़ी चूक गए और इस कारण उनकी चिंता यह है कि उनके खेल कैरियर पर ग्रहण लग कर रह गया। खिलाड़ियों और अधिकारियों की सबसे बड़ी चिंता यही है कि अब भी यदि ऐसा ही चलता रहा तो खिलाड़ियों को नए सिरे से अपनी सारी तैयारियों को अंजाम देना पड़ेगा तो खेल और खिलाड़ी हित में कतई नहीं रहेगा।

खिलाड़ियों की व्यथा:

कोरोना ने सब बर्बाद कर दिया। सोचा था खेल से कैरियर बनाकर देश के लिये पदक जीतूंगा। परेशानी तो हुई है लेकिन फिर भी हिम्मत नहीं हारूंगा। अभ्यास से शरीर मजबूत बनता है और हर रोग से लड़ने की क्षमता पैदा होती है। सरकार को खेल गतिविधियों पर रोक नहीं लगानी चाहिए। कोरोना गाइड लाइन के नियमों को लागू कर खेलों की शुरुआत करनी चाहिये। - राज आर्यन, राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी, नवादा

कोरोना के कारण कोई खेल आयोजन नहीं हो पा रहा है। इस फेर में मैं ओवरएज हो कर अपने लिए अहम मौका खो चुका हूं। अंडर-17 से सीधा अब अंडर-19 के अंतिम वर्ष में बिना खेले ही पहुंच गया। जाहिर है इसे उपलब्धित तो नहीं माना जा सकता। खेल कोटे से प्राप्त होने वाली नौकरी के ट्रायल पर इसका बुरा असर पड़ेगा। - राहुल कुमार, राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी, नवादा

कोरोना के कारण बड़े-बड़े टूनामेंट स्थगित हो गए। इस कारण साइना नेहवाल भी ओलिम्पिक में क्वालीफाई नहीं कर सकीं। हमलोगों का क्या होगा, कुछ समझ नहीं आ रहा। अगर इस साल भी खेलों का आयोजन नही हुआ तो खेलों को अलविदा करने पर मजबूर हो जायेंगे। सरकार खिलाड़ियों के भविष्य को बचा ले। - श्रुति भदानी, बैडमिंटन खिलाड़ी, नवादा

कोरोना वायरस के कारण भारत के हर क्षेत्र में नुकसान पहुंचा है। लेकिन एक खिलाड़ी और एक विद्यार्थी होने के नाते मैं खेल और शिक्षा की चर्चा करूंगा जिसे भारी नुकसान हो चुका है। स्कूल बंद रहे तो पढ़ाई छूटी और खेल परिसर एवं स्टेडियम बंद होने से खिलाड़ियों का खेल प्रभावित हुआ। खेल प्रतिभाएं कुंठित हो रही हैं। सरकार सकारात्मक सोचे। - प्रेम शंकर, राष्ट्रीय खिलाड़ी, नवादा

कोच का वर्जन:

कोरोना के कारण ट्रायल न हो पाया और इस बीच खिलाड़ी ओवरएज हो गए हैं। ऐसे में बीएआई को खिलाड़ियों के हित के लिए उनकी उम्र में कुछ छूट देनी चाहिए। सरकार से मांग करते है कि खिलाड़ियों व प्रशिक्षकों को यथा सम्भव प्रोत्साहन राशि प्रदान करे जिसे की उनका आर्थिक सहयोग हो और मनोबल बढ़े। - गुलशन कुमार, राष्ट्रीय बैडमिंटन खिलाड़ी सह कोच, नवादा

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