
गंगा जल उद्वह योजना को 50 एकड़ भूमि का सीमांकन पूर्ण
नवादा जिले में गंगा जल उद्वह योजना के कार्यान्वयन के लिए 50 एकड़ भूमि का सीमांकन किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य गंगा नदी के जल को नवादा तक पहुँचाना है, जिससे पेयजल और सिंचाई की समस्याओं का समाधान हो सके। प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को प्रक्रिया समझाई और पुनर्वास पैकेज पर उचित मुआवजा देने का आश्वासन दिया।
नवादा, हिन्दुस्तान संवाददाता। नवादा जिले के विकास को नई गति देते हुए महत्वाकांक्षी गंगा जल उद्वह योजना के कार्यान्वयन को लेकर एक बड़ा कदम उठाया गया। जिला पदाधिकारी नवादा के निर्देश पर नवादा सदर अंचल अधिकारी विकेश कुमार सिंह और नारदीगंज के अंचल अधिकारी आर. आलम के संयुक्त नेतृत्व में मौजा खराट में पुनर्स्थापन एवं पुनर्वास कार्यों के लिए आवश्यक 50 एकड़ भूमि का सफलतापूर्वक सीमांकन कर चिह्नित किया गया। इस परियोजना का उद्देश्य गंगा नदी के जल को नवादा और आस-पास के क्षेत्रों तक पहुंचाना है, जिससे पेयजल और सिंचाई की गंभीर समस्याओं का स्थायी समाधान हो सके। परियोजना के इस चरण में, प्रभावित होने वाले व्यक्तियों के समुचित पुनर्स्थापन और पुनर्वास को सुनिश्चित करने के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया आरंभ की गई है।

सीमांकन की कार्रवाई के दौरान एक उच्च-स्तरीय प्रशासनिक दल मौके पर उपस्थित रहा। इस दल में अंचल अधिकारी नवादा सदर और अंचल अधिकारी नारदीगंज प्रमुख रूप से शामिल थे। उनके साथ, परियोजना के लिए महत्वपूर्ण भूमि अभिलेखों के सत्यापन और मापन का कार्य राजस्व अधिकारी विनोद कुमार की देखरेख में संपन्न हुआ। तकनीकी कार्य में सटीकता सुनिश्चित करने को लेकर अंचल अमीन रामचंद्र रजक ने मापन कार्य किया, जबकि राजस्व कर्मचारी अमित कुमार और अजीत कुमार ने सहयोग किया। प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय ग्रामीणों की उपस्थिति में पूरे क्षेत्र का दौरा किया। नवादा सदर अंचल अधिकारी विकेश कुमार सिंह ने बताया कि इस दिशा में अगला कदम चिह्नित 50 एकड़ भूमि के लिए भू-अर्जन की अधिसूचना जारी करना होगा, जिसके बाद पुनर्वास पैकेज की शर्तों के अनुरूप प्रभावित व्यक्तियों को उचित मुआवजा प्रदान किया जाएगा। इस योजना के मूर्त रूप लेने से नवादा में जल संकट की समस्या काफी हद तक समाप्त होने की आशा है। सीओ ने कहा कि नवादा जिला प्रशासन न केवल परियोजना को गति देने पर केन्द्रित है, बल्कि यह भी सुनिश्चित कर रहा है कि भूमि अर्जन की प्रक्रिया पारदर्शिता और न्यायपूर्ण मुआवजा सुनिश्चित करते हुए संपन्न हो, ताकि प्रभावित परिवारों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। इस बीच, सीमांकन के दौरान स्थानीय ग्रामीण भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। अधिकारियों ने ग्रामीणों को पूरी प्रक्रिया समझाई और उनकी जिज्ञासाओं का समाधान भी किया। सीओ ने कहा कि स्थानीय लोगों की उपस्थिति के कारण इस बहु-प्रतीक्षित योजना के सफल कार्यान्वन में जिला प्रशासन और स्थानीय समुदाय के बीच मजबूत सहयोग योजना के लिए सकारात्मक साबित हो रहा है।

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