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सीसीटीएनएस से जुड़े जिलेभर के सभी थाने

हिन्दुस्तान टीम,नवादाPublished By: Newswrap
Fri, 23 Jul 2021 01:10 PM
सीसीटीएनएस से जुड़े जिलेभर के सभी थाने

नवादा। अरविन्द कुमार रवि

जिले के सभी थानों और ओपी को क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क सिस्टम (सीसीटीएनएस) से जोड़ दिया गया है। प्रथम चरण में जिले के सभी थाने आपस में ऑनलाइन जुड़ गये हैं। प्राथमिकी की इंट्री सीसीटीएनएस पोर्टल पर शुरू कर दी गयी है और साथ ही अपराध व अपराधियों से जुड़े डाटा भी अपलोड किये जा रहे हैं। अगले चरण में राज्य व देश भर के थाने सीसीटीएनएस से जुड़ जाएंगे। इस तकनीक से जुड़ जाने के बाद देश भर के अपराधियों का डाटा बेस, फोटो, फिंगर प्रिंट समेत उनका पूरा आपराधिक इतिहास ऑनलाइन हो जाएगा। इसके बाद पुलिस देश भर में छुपे अपराधियों को आसानी से ट्रैक कर सकेगी। अब घटनाओं को अंजाम देकर अपराधियों का बच पाना अथवा किसी अन्य शहर में भाग कर छुप जाना मुश्किल होगा। इस ट्रैकिंग सिस्टम के माध्यम से आसानी से उन्हें दबोच लिया जाएगा। पुलिस महकमा एक अगस्त से बिहार के सभी थानों में पोर्टल लांच करने की योजना पर कार्य कर रहा है। जिसमें आम जनता से संबंधित नौ सुविधाएं ऑनलाइन होंगी। पहली सुविधा के तहत आम लोग थानों में ऑनलाइन शिकायत कर सकेंगे। यदि शिकायत एफआईआर में बदलती है तो ऑनलाइन केस ट्रैकिंग की सुविधा होगी।

कोर्ट व फोरेंसिक लैब भी जोड़े जाएंगे

सीसीटीएनएस परियोजना इंटीग्रेटेड क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) का एक हिस्सा है। इसके तहत न्यायालय, थाना अभियोजन और फोरेंसिक साइंस लेबोरेट्री को एक साथ जोड़ा जाएगा। इस परियोजना के पूरी तरह से लागू होने के बाद नवादा देश भर के सभी थानों से जुड़ जाएगा। इसके तहत एफआईआर से लेकर थाना का सभी डाटा दूसरे थाने की पुलिस देख सकेगी। वहीं इससे कोर्ट भी जुड़ जाएंगे और एफआईआर से लेकर वारंट तक ऑनलाइन हो जाएंगे। जानकारी के मुताबिक इस पर भी काम चल रहा है।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ेगा

बिहार के आपराधिक आंकड़े (बिहार क्रिमिनल स्टैटिस्टिक्स) अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ जुड़ने जा रहे हैं। इसके तहत प्रदेश में क्राइम होते ही इसकी सूचना देश के अन्य राज्यों के साथ तुरंत शेयर की जाएगी। बिहार का कोई भी अपराधी यदि वह अंतरराज्यीय है तो फोटो के साथ एक क्लिक पर अन्य राज्यों में उसके क्राइम की पूरी सूचना पुलिस के पास रहेगी। इसे लेकर राष्ट्रीय अपराध रिकार्ड ब्यूरो (एनसीआरबी) के अधिकारियों की पटना में डीजीपी एसके सिंघल व अन्य अधिकारियों के साथ हाल ही में बैठक हुई। बैठक में एनसीआरबी के निदेशक रामफल पवार ने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से बिहार को जल्द ही नये सॉफ्टवेयर मुहैया कराए जाएंगे। एनसीआरबी के अधिकारियों ने पटना स्थित पीरबहोर थाने में सीसीटीएनएस का जायजा लिया। इस मौके पर अरवल थाने के सीसीटीएनएस का पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन किया गया।

2018 में हुई थी योजना की शुरूआत

अपराध पर अंकुश लगाने के लिए 2018 में टीसीएस कम्पनी से इस परियोजना का करार किया गया था। इस पर करीब 233 करोड़ रुपये का बजट तय किया गया था। केन्द्र सरकार ने मुंबई की 26/11 की घटना के बाद 2009 में इसे लागू किया था। इसका उद्देश्य देश भर के सभी थानों को एक नेटवर्क सिस्टम से जोड़कर अपराधियों का डाटा बेस ऑनलाइन करना है। जुलाई के आखिर तक सूबे के सभी 1094 थानों को सीसीटीएनएस से जोड़े जाने का लक्ष्य निर्धारित है।

सीसीटीएनएस द्वारा दी जाने वाली सेवाएं

सीसीटीएनएस के माध्यम से थानों और पुलिस कार्यालयों की कार्यवाही को नागरिक अनुकूल, पारदर्शी, जवाबदेह, कुशल और प्रभावी बनाया जाएगा। सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के माध्यम से नागरिक केंद्रित सेवाओं के वितरण में सुधार किया जाएगा। अपराध और अपराधियों की सटीक एवं तीव्र जांच के लिये जांच अधिकारियों को अद्यतित उपकरण, तकनीक और जानकारियां दी जाएगी। कानून और व्यवस्था, यातायात प्रबंधन एवं संसाधन प्रबंधन जैसे अन्य क्षेत्रों में पुलिस कार्यप्रणाली में सुधार किया जाएगा। विभिन्न पुलिस थानों, ज़िला तथा राज्य मुख्यालयों और अन्य एजेंसियों को राष्ट्रीय स्तर पर सूचना के संग्रहण, भंडारण, पुर्नप्राप्ति, विश्लेषण, हस्तांतरण एवं साझाकरण की सुविधा दी जाएगी। इससे अपराधियों से संबंधित सूचनाओं के एकत्रीकरण और उनको ट्रैक करने में आसानी होगी। सीनियर पुलिस अधिकारियों को पुलिस बलों के बेहतर प्रयोग और प्रबंधन में सहायता मिलेगी। न्यायालयों में अपराधों की जांच और अभियोजन मामलों की प्रगति को भी ट्रैक किया जा सकेगा। इससे कागज़ी कार्यवाहियों में कमी आएगी और डिजिटलीकरण को बढ़ावा मिलेगा।

भुवनेश्वर में है डाटा रिकवरी सेंटर

सीसीटीएनएस का दिल्ली, पुणे, हैदराबाद और भुवनेश्वर में नेशनल डाटा सेंटर है। नजदीक होने के कारण बिहार पुलिस का तमाम डाटा भुवनेश्वर नेशनल डाटा सेंटर में रखा जा रहा है। पटना में स्टेट डाटा सेंटर बनाया गया है, पर किसी कारण से सर्वर खराब होने पर डाटा रिकवर नहीं हो पाता है। इसी कारण से किसी भी परिस्थिति में डिजिटल डाटा को सुरक्षित रखने के लिए भुवनेश्वर में डिजास्टर रिकवरी सेंटर बनाया गया है।

आम लोगों को मिलेगी ये सुविधाएं-

- खोने और लापता चीजों की जानकारी

- चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र लेना

- गुमशुदा व्यक्तियों की जानकारी

- अज्ञात शवों के बारे में जानकारी

- पासपोर्ट वैरिफिकेशन करवाना

- किरायेदार व नौकरों का सत्यापन

- चोरी गये वाहनों की जानकारी

वर्जन

जिले के सभी थाने सीसीटीएनएस से जोड़ दिये गये हैं। फिलहाल इसके पोर्टल पर एफआईआर और अपराधियों से जुड़े डाटा अपलोड किये जा रहे हैं। वर्तमान में ऑनलाइन एफआईआर समेत अन्य सुविधाएं शुरू नहीं की जा सकी हैं। इन पर काम चल रहा है। सिस्टम के राज्य व देश से जुड़ने पर पुलिस को अपराध नियंत्रण व अपराधियों की पहचान समेत कई सुविधाएं मिलेंगी। आमलोगों को भी काफी सहूलियत होगी।

- सायली धुरत एस, एसपी, नवादा।

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